राइट अमाउंट ऑफ कंटेंट डला हो हमारे सीमेंट का और हमारे सरिया का तो सह जाता है। सोशल मीडिया पर नेपाल की भयानक बाढ़ का यह वीडियो इस वक्त पूरी दुनिया को हैरान कर रहा है। चारों तरफ तबाही का मंजर है। पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच यह अकेला फिरोजी रंग का दो मंजिला मकान उफती नदी के सीने पर चट्टान की तरह डटा हुआ है।
लोग सोशल मीडिया पर इसे कुदरत का करिश्मा कह रहे हैं। तो कुछ लोग इस घर को बनाने वाले इंजीनियर को मेडल देने की मांग कर रहे हैं। आखिर इस घर के अंदर कौन लोग फंसे थे? क्या वह जिंदा बच पाए हैं और उनका क्या हुआ? और सबसे बड़ा सवाल यह घर इस महाप्रलय में कैसे बच गया? आइए जानते हैं आज के इस वीडियो में। सबसे पहले बात करते हैं उस बेबस परिवार की जो इस मौत के तांडव को अपनी आंखों के सामने देखता रहा। बीबीसी वेरीफाई के मुताबिक जब यह सैलाब आया तब इस घर की दूसरी मंजिल की बालकनी में कम से कम तीन लोग फंसे हुए थे। एक पुरुष, एक महिला और एक छोटी बच्ची।
उनके चारों तरफ बड़ी-बड़ी चट्टानें, पेड़ और लोहे की चादरें बह रही थी जो लगातार घर से टकरा रही थी। जिंदगी और मौत के बीच झूलती उस परिवार की एक महिला ने हिम्मत दिखाई और घर की छत पर जाकर मदद के लिए लाल दुपट्टा लहराया। तो अब इनका क्या हुआ? आपके लिए अच्छी खबर यह है कि जैसे ही सैलाब का वेग थोड़ा थमा, स्थानीय बचावक कर्मी और राहत दल अपनी जान जोखिम में डालकर वहां पहुंचे और इस परिवार को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
अब आते हैं सबसे बड़े वैज्ञानिक सवाल पर कि आखिर यह घर ढहा क्यों नहीं? एक्सपर्ट्स और सिविल इंजीनियर्स ने इसके पीछे की इंजीनियरिंग समझाई है। नेपाल में इस तरह के घरों को पिलर वाला घर कहा जाता है जो पूरी तरह प्लिंथ यानी बुनियाद कॉलम पिलर और बीम यानी छत के मजबूत फ्रेम पर टिके होते हैं। पहली वजह है मजबूत बीम कॉलम फ्रेम। जब पानी के साथ भारी पत्थर आते हैं तो वह नीचे के पिलर को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन यहां की बीम ने पिलर्स को एक पिंजरे की तरह आपस में जोड़कर रखा था। जिससे लोड बराबर बट गया और इमारत टिकी रही। दूसरी वजह है इसका प्लिंथ यानी ऊंचा चबूतरा। बहता पानी हमेशा घर के नीचे की मिट्टी को काटता है।
लेकिन इस घर की मजबूत और ऊंची बुनियाद ने मिट्टी के कटाव को रोक दिया और पानी की रगड़ को झेल लिया। इंजीनियरिंग के अलावा इस घर की किस्मत ने भी इसका पूरा साथ दिया। बाढ़ के वक्त पानी का मुख्य और सबसे तेज बहाव इस घर के सीधे सामने से टकराने के बजाय इसके दोनों किनारों से होकर बाजू से निकल गया। अगर मलबे का कोई बहुत विशाल हिस्सा सीधे इस घर के बीचोंबीच टकराता तो शायद इसे बचाना मुश्किल होता। इसलिए सही बनावट और सही लोकेशन ने मिलकर इस परिवार की
जान बचा ली। तो यह वीडियो दिखाता है कि पहाड़ों या नदी के किनारे घर बनाते वक्त सही इंजीनियरिंग और मजबूती कितनी जरूरी है। यह घर कोई अंधविश्वास या जादुई कहानी नहीं बल्कि इंसान की सूझबूझ और विज्ञान की जीत की जीती जागती मिसाल है। नेपाल की इस बाढ़ में कई लोगों ने अपनी [संगीत] जान गवाई है। उन सभी के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। आपको यह जानकारी कैसी लगी? क्या आपने भी यह वीडियो देखा? अपने [संगीत] विचार कमेंट में जरूर लिखें। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।