संजय दत्त और माधुरी दीक्षित का अफेयर अपने जमाने का काफी मशहूर अफेयर है। और संजय दत्त इस अफेयर में उसी तरह माधुरी के लिए पागल थे जैसे सलमान खान ऐश्वर्या के प्यार में। इनफैक्ट माधुरी के साथ काम करने के लिए संजय दत्त ने ना सिर्फ अपनी ईगो साइड रखी बल्कि उन्होंने डायरेक्टर की ऐसीऐसी शर्तें भी मानी जो शर्तें उनके स्टारडम और उनके करियर के खिलाफ थी।
जैसे कि एक शर्त, यह शर्त कि संजय दत्त बहुत बड़े सुपरस्टार थे। उनकी मार्केट वैल्यू कुछ और थी। लेकिन उन्होंने सिर्फ माधुरी के साथ काम करने के लिए डायरेक्टर की शर्त मानी और जो पैसा डायरेक्टर ने ऑफर किया उस पैसे पर उन्होंने हां कहा और अपनी बल्क डेट्स उस डायरेक्टर को दी।
यह डायरेक्टर और कोई नहीं बल्कि सुभाष घाई है। सुभाष घाई ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया है कि खलनायक फिल्म करने के लिए संजय दत्त बहुत ईगर थे और संजय दत्त इस फिल्म में काम करना चाहते थे। मैंने संजय दत्त के सामने शर्त रखी थी कि मैं तुम्हें तुम्हारी मार्केट वैल्यू के हिसाब से पैसा नहीं दे पाऊंगा। तुम्हारी साजन फिल्म अभी हिट हुई है और जो तुम्हारी मार्केट रेट दूसरे प्रोड्यूसर्स तुम्हें देंगे मैं वह नहीं दे पाऊंगा।
साथ ही मुझे तुम्हारी बल्क डेट्स चाहिए। तब संजय दत्त ने सुभाष गाई की दोनों शर्तें मानी। सुभाष गाई ने यह तो रिवील नहीं किया कि आखिर संजय दत्त इतने ईगर क्यों थे और क्यों उन्होंने यह दोनों शर्तें सुभाष गाई की मानी। लेकिन सब लोग जानते हैं कि संजय दत्त माधुरी दीक्षित से बहुत प्यार करते थे और माधुरी के साथ वो ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारना चाहते थे। यही वजह है कि कम पैसों में भी उन्होंने खलनायक फिल्म की और अपनी सारी की सारी डेट्स बिना किसी शर्त बिना किसी नानुकुर सुभाष गई को दे दी।
वरना सुभाष गई और संजय दत्त का पंगा तो ऐसा था कि सुभाष गई ने विधाता फिल्म जो 1982 में संजय दत्त के साथ की उसके बाद उन्होंने मुड़कर संजय दत्त की तरफ देखा भी नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि उस वक्त संजय दत्त इंडस्ट्री में नए थे और सब जानते हैं कि उस वक्त संजय दत्त ड्रग एडिक्ट इस की वजह से ही सुभाष गाय की विधाता फिल्म बहुत डिले हुई। संजय दत्त सेट पर नहीं पहुंचते। पहुंचते तो उनसे काम नहीं होता। बहुत मुश्किल आई सुभाष गाई को यह फिल्म पूरी करने में और उसके बाद सुभाष गाई ने मीडिया में संजय दत्त को बैश भी किया था। दोनों के बीच कड़वाहट थी।
सालों बाद जब संजय दत्त ठीक हो गए। उन्होंने छोड़ दिए। उस जिंदगी को समझने लगे। उन्हें प्यार हुआ और जब उन्हें पता चला कि जिस लड़की को वो पसंद करते हैं उसे लेकर सुभाष गई एक फिल्म बना रहे हैं। तो संजय दत्त बिना किसी शर्त उस फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए। लेकिन कहते हैं ना कि जो काम आप सबसे सस्ते में करते हो वह काम आपको सबसे बड़ी जीत देकर जाता है।
इस फिल्म को भले ही संजय दत्त ने कम पैसों में किया होगा लेकिन इस फिल्म की वजह से संजय दत्त ने जो पैसा कमाया है और जो फेम कमाई है वह बहुत बड़ी बिल्लू की छाप आज तक संजय दत्त पर लगी हुई है और कई लोग हैं जो संजय दत्त को बिल्लू की नजर से ही देखते हैं।