अदालत में खड़ा यह बिजनेसमैन कभी एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति हुआ करता था। लेकिन अब यह के कपड़ों में चीनी पुलिस अधिकारियों के बीच खड़ा है। इस एक व्यक्ति ने चीन के पूरे रियलस्टेट सेक्टर को बर्बाद कर दिया है। इसी व्यक्ति की वजह से चीन ने नोएडा के बराबर इलाके में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स गिरा दी। कुछ ही सेकंड्स में हजारों चीनी लोगों के फ्लैट्स मिट्टी में मिल गए। इस व्यक्ति का नाम हुई कायान है।
यह एवर ग्रैंड कंपनी के फाउंडर हैं। एवरग्रैंड चीन की एक बड़ी प्रॉपर्टी कंपनी थी जो अब दिवालिया हो गई है। चीनी रियलस्टेट की इस बर्बादी से भारत को तुरंत बड़ी सीख लेनी चाहिए। आइए अब आपको इस अरबपति व्यक्ति के बारे में बताते हैं जिसने अकेले ही चीन के पूरे रियलस्टेट को बर्बाद कर दिया।
एवर ग्रैंड कंपनी के मालिक होई कायान अब अपनी पूरी जिंदगी जेल में बिताएंगे। चीन की अदालत ने इन्हें उम्र की सजा सुनाई है। वैसे सजा सुनाना बस एक औपचारिकता थी क्योंकि हुई कायान ने अप्रैल के महीने में ही अपना जुर्म कबूल कर लिया था। इन पर गबन, और कॉर्पोरेट के आरोप थे। आपको बता दें कि इस मामले में जेल जाने वाले यह अकेले व्यक्ति नहीं हैं।
इनके साथ एवरग्रैंड के 50 अधिकारियों को भी सजा सुनाई गई है। इनमें हुकाया यान के दो बेटे भी शामिल हैं। एवरग्रैंड चीन में कोई आम रियलस्टेट डेवलपर नहीं था बल्कि यह तो चीन की सबसे बड़ी रियलस्टेट कंपनी थी। अपने सबसे अच्छे दौर में एवरग्रैंड की कीमत $50 बिलियन से भी ज्यादा पहुंच गई थी।
वैसे एवर दुनिया की सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाली प्रॉपर्टी डेवलपर कंपनी बन गई थी। इस कंपनी पर 300 बिलियन से भी ज्यादा का कर्ज था। एवर कंपनी ज्यादातर कर्ज नहीं चुका पाई जिसकी वजह से यह डूब गई। अगस्त 2025 में एवर को हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज से भी हटा दिया गया।
जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 99% गिर गई। डराने वाली बात यह है कि एवर ग्रैंड्स की प्रॉपर्टीज खरीदने वाले हजारों चीनी लोगों को उनके घर नहीं मिले। इस कंपनी ने असली डिमांड से कई गुना ज्यादा प्रॉपर्टीज बना दी।
जिसकी वजह से इसके कई प्रोजेक्ट्स अधूरे ही लटक गए। लाखों फ्लैट्स के वादे किए गए थे। लेकिन वो फ्लैट्स कभी बने ही नहीं। लेकिन उन फ्लैट्स के लिए खरीदारों से पैसा ले लिया गया था। चीन में कई और डेवलपर्स की ऐसी ही अधूरी और गैरकानूनी बहुमंजिला इमारतों को 2021 और 22 के दौरान गिरा दिया गया। जिस इलाके में यह बहु मंजिला इमारतें गिराई गई वो नोएडा के बराबर था। इन इमारतों के साथ चीन के हजारों लोगों के सपने मिट्टी में मिल गए।
चीनी लोगों की मेहनत की कमाई डूब गई। आपको बता दें कि एवर ग्रैंड के फेल होने के बाद चीन में 50 से भी ज्यादा डेवलपर्स अपना कर्ज नहीं चुका पाए और आने वाले सालों में यह सभी डेवलपर्स भी डूब सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक अगर चीन का रियलस्टेट सेक्टर इसी तरह से सिकुड़ता रहा तो चीन के 80% डेवलपर्स और कंस्ट्रक्शन कंपनियां मार्केट से बाहर हो सकती हैं।
चीन की कई रियलस्टेट कंपनियां अब लोन नहीं चुका पा रही हैं। आपको जानकारी के लिए बता दें कि 1998 तक ज्यादातर चीनी लोग अपने घर नहीं खरीदते थे। सरकार वेलफेयर हाउसिंग डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए ही चीनी लोगों को शहरों में घर दिए जाते थे। लेकिन 1998 में चीन ने यह सिस्टम खत्म कर दिया। इसके बाद देश भर में हाउसिंग मार्केट आया। अचानक चीन के शहरों में आबादी बढ़ने लगी और घरों की डिमांड भी। लेकिन चीन के डेवलपर्स ने डिमांड से ज्यादा घर बना दिए।
2019 में चीन की रियलस्टेट मार्केट की वैल्यू 52 ट्रिलियन थी। यह अमेरिकी रियलस्टेट मार्केट के साइज से लगभग दो गुना थी। लेकिन चीन की यह वैल्यू सिर्फ दिखावा थी। क्योंकि चीनी रियलस्टेट मार्केट ने डिमांड से नहीं बल्कि कर्ज ले-लेकर घर बना दिए। बाद में यह घर बिके ही नहीं। अब नौबत यह आ गई है कि चीन में प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट 19% से कम हो गया है। चीन का रियलस्टेट सेक्टर बहुत बुरी हालत में पहुंच गया है।