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करोड़ों की संपत्ति सिर्फ बेटियों को, अर्पणा यादव का नाम तक नहीं?

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मुलायम सिंह यादव के बेटे और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे। प्रतीक यादव के चले जाने से जहां एक तरफ पूरा परिवार गहरे शोक में है। वहीं दूसरी तरफ उनके निधन के तुरंत बाद सोशल मीडिया से लेकर यूपी के सियासी गलियारों तक एक कथित [संगीत]

वसीयत की चर्चा ने सबको हैरान कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी मृत्यु से पहले एक खास वसीयत [संगीत] तैयार की थी। जिसमें उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी। लेकिन अपनी पत्नी अपर्णा यादव का जिक्र तक नहीं किया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यादव परिवार का रसूख किसी से छिपा नहीं है।

इसी परिवार का एक ऐसा चेहरा जो इस भारीभरकम सियासी हलचल से हमेशा दूर रहा वो थे प्रतीक यादव। महज 38 वर्ष की उम्र, फिटनेस का बेजोड़ शौक और रियलस्टेट का बड़ा कारोबार। किसी ने नहीं सोचा था कि लखनऊ के अस्पताल से अचानक उनके निधन की खबर आएगी। जहां पूरा परिवार राजनीति में सक्रिय रहा। वहीं प्रतीक ने हमेशा खुद को बिजनेस तक सीमित रखा। लेकिन उनके शांत जीवन के बाद अब उनके जाने के बाद जो खबरें सामने आ रही हैं,

उसने सस्पेंस और कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि प्रतीक यादव ने अपनी मौत से पहले एक कानूनी वसीयत तैयार करवा ली थी। इस कथित वसीयत के मुताबिक उन्होंने अपनी पूरी चल और अचल संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी है। इसमें लखनऊ की बेहद कीमती 22 बीघा कृषि भूमि समेत कई अन्य प्रॉपर्टीज शामिल बताई जा रही हैं। लेकिन इस कथित वसीयत में केवल संपत्ति देने की बात नहीं है बल्कि इसमें एक बेहद सख्त और सोची समझी शर्त भी जोड़ी गई है। दावों के मुताबिक प्रतीक यादव की बेटियां इस संपत्ति का इस्तेमाल तो कर सकती हैं लेकिन एक निश्चित उम्र से पहले इसे बेच नहीं सकती।

वसीयत में लिखा है कि बड़ी बेटी जब तक 27 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेती तब तक उसे संपत्ति [संगीत] को बेचने या अपने पूर्ण हिसाब से इस्तेमाल करने का कानूनी अधिकार नहीं होगा। इस पूरे घटनाक्रम में जो बात सबसे ज्यादा हैरान करने वाली है और जिस पर सबसे ज्यादा बहस छिड़ी है वो यह है कि इस कथित वसीयत में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के नाम का कोई जिक्र नहीं है। अपर्णा यादव जो भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। उनका नाम किसी भी संपत्ति में ना होने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि यह पूरी खबर मीडिया रिपोर्ट्स के दावों पर आधारित है। प्रतीक यादव के परिवार या उनकी पत्नी अपर्णा यादव की तरफ से इस कथित वसीयत को लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक [संगीत] बयान जारी नहीं किया गया है और ना ही इस वसीयत को सार्वजनिक किया गया है। [संगीत]

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