और बहुत सारे मेजॉरिटी ऑफ़ द स्टूडेंट्स वो फेल हो चुके हैं बिना एग्जाम दिए या बिना एग्जाम खत्म हुए। कांग्रेस जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अब महाराष्ट्र के संभाजी नगर में हैं। एक नए प्रोटेस्ट के लिए 16 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क भर्ती के लिए टाइपिंग टेस्ट हुआ था। आरोप है कि टेस्ट में कई सारी टेक्निकल एरर्स थी। कैंडिडेट्स का कहना है कि पेपर के वक्त कई कंप्यूटरटर्स काम नहीं कर रहे थे।
कुछ ने शिकायत की कि बीच पेपर कीबोर्ड खराब हो गए थे। पेपर सबमिट करने से पहले ही सिस्टम के लॉगउ होने की शिकायतें भी सामने आई। तमाम शिकायतों के बाद कैंडिडेट्स ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ में दीपके भी नजर आए।
दीपके ने कहा कि प्रशासन के पास एक हफ्ते का समय है। री एग्जाम कराएं वरना हफ्ते भर बाद दोबारा प्रोटेस्ट किया जाएगा। इसमें बहुत ही बड़ी धांधली हुई है। जहां-जहां ये एग्जाम थी कहीं पर भी कंप्यूटर ठीक से नहीं चल रहे थे।
कहीं पर कीबोर्ड ठीक से नहीं चल रहे थे। तो कहीं पर सर्वर ही नहीं चल रहा था। 10 मिनट के अंदर स्टूडेंट्स लॉग आउट हुए और बहुत सारे मेजॉरिटी ऑफ़ द स्टूडेंट्स वो फेल हो चुके हैं। बिना एग्जाम दिए या बिना एग्जाम खत्म हुए।
तो ये पूरी तरह से के पूरी तरीके से सिस्टम का फेलियर है। इसके वजह से सुबह 9:00 बजे से यहां पर स्टूडेंट्स आंदोलन पर बैठे हुए थे और इनके आंदोलन की सबसे पहली बड़ी जीत जो हुई वह यह है कि हाई कोर्ट ने इस आंदोलन का इस आंदोलन की दखल लेते हुए एक नोटिफिकेशन इशू किया है कि वो एकनॉलेज कर रहे हैं कि कुछ गड़बड़ियां हुई है एग्जामिनेशन में उस एग्जामिनेशन में जो गड़बड़ गड़बड़ियां हुई है उसके ऊपर वो देखेंगे एग्जामाइन करेंगे और वो उसके बाद उसके ऊपर स्टेप्स लेंगे लेकिन इससे इससे अभी स्टूडेंट्स सेटिस्फाइड नहीं है कंप्लीटली।
इसलिए स्टूडेंट्स अभी एक वीक का अल्टीमेटम देते हैं। एक वीक के अंदर कुछ पॉजिटिव स्टेप्स लिए जाए। पहला स्टेप्स हो सकता है री एग्जामिनेशन जो स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी डिमांड है। कोर्ट हाई कोर्ट के अंडर ही ये एग्जामिनेशन लिया जाए। किसी थर्ड पार्टी वेंडर या इसके नीचे नहीं होना चाहिए।
री एग्जामिनेशन ली जाए और उसके उस डायरेक्शन में अगर हाई कोर्ट स्टेप लेता है अगले एक हफ्ते के अंदर तो मुझे नहीं लगता स्टूडेंट्स को कोई इशू होगा। लेकिन ऐसा कोई भी अगर पॉजिटिव स्टेप नहीं दिखता है तो इन स्टूडेंट्स के पास कोई और ऑप्शन नहीं बचेगा।
इन्होंने डिसाइड किया है कि अगर एक हफ्ते में कोई पॉजिटिव स्टेप नहीं आता है तो ये लोग फिर से आंदोलन पर बैठेंगे। ठीक एक हफ्ते बाद। इस प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने भी दखल दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार पर्सनल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि क्लर्क पद के लिए टाइपिंग परीक्षा अच्छे से आयोजित हुई। हालांकि कुछ पेपर सेंटर्स पर तकनीकी समस्याओं की शिकायत मिली थी।
इन समस्याओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्यवाही के बारे में उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टेक्निकल एरर की शिकायतें संभाजी नगर और थाने के कुछ सेंटर से आई हैं। खासतौर पर सुबह 10:00 बजे से सवा बजे वाले सेशन से।
अब सुनिए प्रदर्शनकारी का बयान। स्मूथली कंडक्टेड। अरे हमारी शिफ्ट की एग्जाम हुई ही नहीं, ली नहीं, कंडक्ट ही की नहीं है। वो नोटिफिकेशन में आए तो उस नोटिफिकेशन का हम रिस्पेक्ट करते हैं और पूरी तरह से उसकी जांच करके फिर से री एग्जाम कंडक्ट करेगा। ऐसा हमारा रिक्वेस्ट अल्टीमेटम ऑनरेबल कोर्ट को है जो हमें पूरा भरोसा है कि वो जरूर करेगी।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हफ्ते भर में री एग्जाम कराया जाए वरना दोबारा प्रोटेस्ट होगा। अभिजीत दीपके ने कहा कि री एग्जाम हाई कोर्ट की निगरानी में होना चाहिए ना कि किसी तीसरी एजेंसी की निगरानी में।
आपको बता दें कि छत्रपति संभाजी नगर के अलग-अलग पेपर सेंटर्स पर मराठवाड़ा और विदर्भ के करीब 2900 उम्मीदवारों ने पेपर दिया। जबकि पूरे महाराष्ट्र में करीब 13,000 उम्मीदवार इस पेपर के लिए योग्य थे। यह पेपर 1300 क्लर्क पदों के लिए तीन चरणों में आयोजित की गई थी और यह पद बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद बेंच के लिए थे। जिसे लेकर धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं।