Cli

राहुल गांधी को लेकर ये क्या बोल गई रिया अहीर? मचा हड़कंप!

Uncategorized

दिल्ली जब आप आई तो आप खासतौर पर राहुल गांधी के बुलावे पर यहां पर आई। उनकी टीम ने आपको बुलाया दिल्ली। हां जी। तो राहुल गांधी सर और उनकी टीम मुझसे जब से ये हेट शुरू हुआ था आई थिंक एकद दिन बाद ही तब से मेरे टच में थे और सुबह-सुबह 8:00 बजे से मिस्टर पवन कहरा एमपी जो है वो मेरे साथ संपर्क में थे। बाद उनकी टीम भी आई।

पार्लियामेंट में सेशंस चल रहे थे। इस वजह से थोड़ा बहुत या मेरा भी वहां बॉम्बे में एफआईआर एंड ये सब चल रहा था। हम बिजी वुमेन विथ एफआईआर अगेंस्ट एंड टुवर्ड्स। तो वो जाने वाली सब भी चल रहा था। बट ये सब होने के बाद जब मैंने सबको बताया कि आज आई थिंक 12 या 13 दिन हो चुके हैं।

27 तारीख को मैंने एफआईआर की थी। आज तक मेरे हाथ में एफआईआर की कॉपी नहीं आई है। और जिन बच्चों के लिए मैं खड़ी थी वो बच्चे अभी भी मेरे लिए खड़े हैं। और वो स्टूडेंट्स ने मुझे जिनके खिलाफ मैंने एफआईआर की है वो मैंने पब्लिकली पोस्ट किया है। उन्होंने उनका नंबर निकाल के एड्रेस एड्रेस मतलब वो कहां रहते हैं ये निकाल कर मुझे दे दिया है। क्या पुलिस ये नहीं कर पा रही है? तो ये इनकंपटेंस की बात नहीं है।

ये डलीबेशन की बात है। क्या बात हुई राहुल गांधी से जब आप वहां मिली उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। मुलाकात में क्या हुआ? मुलाकात में हम जब बैठे फर्स्ट ऑफ़ ऑल तो ही जस्ट एंटर्ड इन द रूम लाइक ही इज़ वन ऑफ़ अस। हमने उन्हें इमीडिएटली सो कंफर्टेबल और वो बैठे। उन्होंने सबकी स्टोरी जानी। हम जो भी बच्चे थे सबसे पहले वो जानना अपने बारे में एक वर्ड नहीं बोला उन्होंने। ही जस्ट वांटेड टू नो एवरीवन कि आप किस मकसद से एक हिस्सा ले रहे हैं। इट्स वेरीेंट टू नो दैट ये जो हमारे रिप्रेजेंटेटिव्स हैं उन्हें जानना जरूरी है कि जनता के दिल और दिमाग में क्या चल रहा है या आक्रोश है या दर्द है या उम्मीद है ये क्या है?

तो उन्होंने काम किया ये सब जानने का। हम उनके डॉग से भी मिले। सो इट वास मोर लाइक अ फैमिली मीटिंग वेयर एवरीवन इस सिंग कि चाय पे चर्चा कर रहे हैं कि आप बताएं। तो एक डेढ़ घंटे तो सबसे पहले वो बात चली थी और सबके एक पॉइंट ऑफ व्यू से जानना चाहते थे.

वो सबके साथ क्या हुआ मेरे साथ क्या हो रहा है क्या प्रॉब्लम्स हम फेस कर रहे हैं जो सरकार को भी हमसे जानना चाहिए कि जस्ट बिकॉज़ हमने आवाज आपको लग रहा है सरकार का काम राहुल गांधी कर रहे हैं वो अपना काम कर रहे हैं। आई थिंक सब अपना-अपना काम कर रहे हैं तो बहुत बेटर होगा।

वो अपना काम कर रहे हैं एज अ पॉलिटिशियन और अ अपोजिशन लीडर उनकी जिम्मेदारी सिर्फ अपोज़ करना नहीं है। उनकी जिम्मेदारी ये भी होती है कि लोगों को वो भी समझे। मेरी भी जिम्मेदारी की वजह से मैं वहां गई थी।

एज अ सिविक रिस्पांसिबिलिटी एज अ सिटीजन मेरी रिस्पांसिबिलिटी होती है आपके प्रति। आपकी रिस्पांसिबिलिटी होती है हम सबके प्रति। सो उसी रिस्पांसिबिलिटी से मैं गई थी। उसी रिस्पांसिबिलिटी से राहुल जी जा रहे हैं। एक भी बार कांग्रेस का उन्होंने मेंशन भी नहीं किया अगर आपने देखा रहेगा तो ना हमसे ना मीडिया से। ही डिड नॉट यूज़ एनी पॉलिटिकल नेम। सो जो एग्विवेलेंस है.

पॉलिटिकल वो अपनी-अपनी जगह और देश और देश के नागरिक अपनी जगह। नहीं जब आपने राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी उनका उस पर क्या पक्ष रहा? मैंने जब अपनी बात रखी सर वो अभी भी मुझसे टच में है। वो जो डेलीबेटली जो एक्शन नहीं लिया जा रहा है बच्चों के लिए एक लड़की थी उनके यहां से निकल गई थी। पहले उन्होंने कहा कि यूज़ ही नहीं की थी। और फिर कहा कि अरे हां यूज़ हुई होगी। और फिर प्रूफ के साथ सामने आ रहे हैं। फिर वो भी उन्होंने डिनाई कर दिया। जाने वाली सो, यह एक तो दो मुंह भी नहीं बोल सकते। चार पांच मुह से जो बातें हो रही है, कौन कर रहा है, कहां से। इट्स वेरीेंट टू नो बिकॉज़ हु व्हिच माउथ डू वी ट्रस्ट। सो उनसे ये बात हुई बहुत एक कॉन्फिडेंस इतना आई कैन से कि आप कितने कंफर्टेबली उनके बिकॉज़ ही इज़ अ बिग पर्सन ही इज़ अ पॉलिटिकल अपोजिशन लीडर। तो उनके सामने आप हमेशा ऐसे रहोगे। बट अगर आपने फोटो भी देख रहे होंगे ही हिमसेल्फ इज़ मेकिंग द सामने वाला कंफर्टेबल इनफ कि आप हमें बताओ। जैसे हम अपने पापा को बताते हैं कि पापा यह है ऐसा हो रहा है हमारे साथ। तो बताओ वेरी ओपन एज अ डिस्कशन एंड वो पूछते रहे चार पांच बार उन्होंने सबसे निकलने के बाद भी पूछा एनीथिंग एल्स यू वांट टू से एनीथिंग एल्स यू वांट मी टू नो दैट इज हाउ अ लीडर शुड बी नाउ आई एम नॉट सेइंग दैट्स माय पॉलिटिकल प्रेफरेंस एट ऑल एज अ स्टूडेंट वी एज सिटीजंस हम सब चाहते हैं कि हमें कोई अगर रिप्रेजेंट करे तो वो इन रीच रहे हमसे वो आउट ऑफ टच आउट ऑफ रीच ना रहे अच्छा और वो जो आइकनिक पोस्ट जो आपने किया राहुल गांधी के साथ वो आप ही का आईडिया था।

हां, इट्स मोर लाइक जब मैंने बाहर जाना शुरू किया इसके बाद तो सब मुझसे वही पोज़ करा रहे थे। सो नाउ इट्स बिकम मोर लाइक अ सिंबल ऑफ अ बस यू नो थांबा इनफ इन एनी लैंग्वेज यू वांटेड। अच्छा आपने कहा कि मेरी मैं राहुल गांधी से मिली जरूर लेकिन ऐसा नहीं कि मेरी विचारधारा वही हो। तो क्या है आपकी विचारधारा?

सोशल मीडिया पर तो जैसे मैंने शुरू में भी कहा नैरेटिव चलते हैं। दो धड़े चलते हैं। आप लेफ्ट की बात करेंगी तो राइट आलोचना करेगा। इस वक्त शायद राइट आलोचना कर रहा है तो आपको लेफ्ट के एक तस्वीर के रूप में आपको देखा जा रहा है। लेफ्ट या राइट का तो पता नहीं क्योंकि मैं ए्बिडक्टिस हूं। डेक्सिस हूं। मैं दोनों हाथ से लिख सकती हूं। मैं दोनों हाथ से खेल सकती हूं। तो जरूरी नहीं है। मैं दोनों हाथ से खाना नहीं चाहती।

ऑफ कोर्स बट एम्बिवेंस पॉलिटिकल ए्बिवलेंस लोगों का जानना बहुतेंट होता है। सिर्फ ब्लैक या वाइट नहीं होता है। ग्रे भी होता है। कांग्रेस हमेशा सही नहीं होती या कुछ गलतियां उनसे भी होती है। बीजेपी हमेशा सही नहीं होती। कुछ गलतियां उनसे होती है। कोई और रीजनल पार्टीज जैसे झारखंड में हो रहा है उन वो भी गलत हो रहा है। सो एज स्टूडेंट्स लेफ्टिस्ट या राइटेस्ट वो वो डिसाइड करें। वो उनको हमें किस क्षेत्र में डाला है। माय रियलिटी इज़ माय पॉलिटिकल प्रेफरेंससेस व्हाटएवर प्रोटेक्ट्स मी एंड माय कंट्री।

नहीं इससे पहले राहुल गांधी से आप मिलिए। इससे पहले उनकी पॉलिटिक्स को कभी आपने फॉलो किया? कभी देखा था उनके बारे में, पढ़ा था उनके बारे में? बचपन से तो हम देख ही रहे हैं मैम कि मेरे पापा उनसे 2015 में भी मिले थे बिकॉज़ एज अ यंग लीडर जो वो जिस तरीके से बात करते हैं। पीपल कैन रिलेट टू हिम एंड ही इज़ सो इन टच विथ एवरीथिंग। उन्होंने बहुत कुछ हमारे एजुकेशन के लिए किया है। नोबडी नोस अबाउट दिस बिकॉज़ ही इज़ नॉट अ पर्सन टू फ्लट इट ऑन पोस्टर्स कि ये देखो मेरा बैनर कि देखो ये छपाव मैंने क्या किया है। जो निर्भया थी उनके भी फैमिली को उन्होंने काफी हेल्प किया था जो हम सबको नहीं पता है। दैट इज हाउ इट शुड बी यू नो अपना अपना खुद का प्रचार प्रमोशन करना क्योंकि सिर्फ आप अपना काम कर रहे हो। आई डोंट अंडरस्टैंड इट। अच्छा आपकी क्योंकि इस तस्वीर के बाद आपकी खासतौर पर ऑनलाइन फॉलोइंग बढ़ी तो आपने Instagram पर 140 एक्सक्लूसिव कंटेंट वाला सब्सक्रिप्शन ओपन किया नहीं किया। आई विल जस्ट लाइक टू करेक्ट यू। यह जो मेरा सब्सक्रिप्शन है वो सारे लोगों जो Instagram क्रिएटर्स हैं एंड जर्नलिस्ट्स के पास भी है। बहुत पहले से Instagram ने यह टूल बनाया था। सो जो मेरे आखिर के टू पोस्ट थे .

2024 के थे जो सबसे पहले दो पोस्ट ही मैंने 2024 में किए थे जब शुरू हुआ था लाइक ओ लेट्स मोनेटाइज अ कंटेंट हु डजंट वांट टू यू नो राइट सो आई विल नॉट बी अ शेम टू मोनेटाइज माय आर्ट एंड क्राफ्ट व्हाई शुड आई अ तो सब्सक्रिप्शन 2024 का लास्ट था और उसके बाद मैंने उस पे ध्यान ही नहीं दिया एक्चुअली बिकॉज़ इट वास जस्ट एक्साइटमेंट आउट ऑफ़ अ टूल ओ माय गॉड मेरा अकाउंट भी कनेक्टेड नहीं है उससे जो लोग बोल रहे हैं कि ओह माय गॉड इसके अकाउंट में लाखों आ रहे मुझे बताओ मुझे दो क्योंकि मैंने जब पुलिस से भी बात की उन्होंने बोला कि मैडम अपना अकाउंट क्यों नहीं आपने अटैच किया है इससे प्लीज लिंक करें आप अपना हार्ड वर्क अपना कमाई आई एम लाइक अभी क्या दो पोस्ट थे 2024 में जैसा आपका सवाल था अभी इसके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *