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नोटो का पहाड़ और…चलती ट्रेन में बैग से जो मिला देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।

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सोचिए आप किसी एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में आराम से सफर कर रहे हो जैसे हम और आप करते हैं कई बार और ठीक आपके बगल वाली सीट पर बैठे शख्स का बैग खुले तो उसमें से कपड़ों की जगह कड़कड़ाते हुए नोटों का पहाड़ सामने आए तो आपको कैसा लगेगा हैरानी होगी चौंक जाएंगे या फिर यह सोचेंगे कि भाई आखिर यह इतने पैसे से ट्रेन में ले क्यों चल रहा है?

बहुत सारी बातें दिमाग में चलेंगी। यह बात इसलिए कर रही हूं क्योंकि भारतीय रेलवे पर इस वक्त मानो जैसे कहा जा रहा है कि नोटों और सोने की बरसात हो रही है। चलती ट्रेनों में अचानक ऐसा क्या मिला कि रेलवे सुरक्षा बल से लेकर आयकर विभाग यानी कि इनकम टैक्स और खुफिया एजेंसियों के बेहोश हो गए। स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा को लेकर जब रेलवे पुलिस ट्रेनों में रूटीन चेकिंग कर रही थी तब एक बैग खुलता है और उसमें से निकलता है नोटों का गड्ढेदार पहाड़। इतना ही नहीं दूसरी तरफ एक ट्रेन में जब छापेमारी होती है तो कपड़ों के पीछे छिपा मिला करोड़ों का शुद्ध सोना। आखिर कौन हैं यह लोग?

जो बैगों में करोड़ों की नगदी और सोना भरकर ऐसे इतने आराम से सफर कर रहे हैं। नहीं मतलब कई बार नॉर्मली यह होता है कि जब कोई सफर पर निकलता है चाहे ट्रेन से भी सफर करना हो चाहे बस से भी सफर करना हो। तो आजकल का जमाना ऐसा हो गया है कि लोग जेवर भी रहता है जो नॉर्मली पहने भी रहते हैं। उसको भी कैरी कर लेते हैं। उसको भी रख लेते हैं उतार के कि नहीं हमें सफर पे निकलना है। तो कहीं ऐसा ना हो कि चिंताई की घटना हो जाए तो इसे हम सेव कर लेते हैं। लेकिन यह लोग कौन हैं? बैगों में करोड़ों की नगदी और सोना लेकर घूम रहे हैं वो भी आराम से।

कहां जा रही थी नोटों की भारी भरकम खेप और क्या है इसका बांग्लादेश कनेक्शन? बताएंगे आपको इस रिपोर्ट में। नमस्कार आप देख रहे हैं वीके न्यूज़ और मैं हूं आपके साथ दीपिका सिंह। इस मामले की शुरुआत होती है उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली बेतवा एक्सप्रेस ट्रेन से। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और रेलवे सुरक्षा बल की टीम बेतवा एक्सप्रेस में चेकिंग अभियान चला रही थी। तभी अचानक एक पुख्ता खबर मिली कि टीम बी थ्री कोच के बर्थ नंबर 19 पर कुछ ऐसी वैसी चीजें हैं। टीम भाई वहां पहुंची। बहिलपुरवा और चित्रकूट धाम करवी स्टेशन के बीच में ट्रेन में सफर कर रहे एक शख्स को उसके पिट्ठू बैग और थैले के साथ रोक लिया जाता है।

जैसे ही अधिकारियों ने शक के आधार पर उस बैग की तलाशी ली तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गई। बैग के अंदर ठूसूस कर रखे गए थे पूरे 63 लाख कैश। जी हां, कैश। बैग के अंदर ₹3 लाख। इतनी बड़ी रकम देखते ही अधिकारियों के हाथपांव खुल गए और तुरंत इसकी जानकारी बांधा और कानपुर नगर के विभाग को दी गई। जब पकड़ा गया व्यक्ति मध्य प्रदेश के सतना का रहने वाला प्रीतम दास पुलिस के सामने आया तो आधे घंटे की पूछताछ में उसने बड़ा खुलासा किया।

उसने यह बताया कि यह 63 लाख सतना के रहने वाले संजय उर्फ़ संजू ने उन्हें कानपुर पहुंचाने के लिए दिए थे। अब विभाग की टीम इस बात की तहकीकात कर रही है कि आखिर 63 लाख कानपुर में किसे और किस काम के लिए दिए जा रहे थे। तो मतलब यह तो हो गई आपके यूपी की बात। लेकिन रुकिए।

चलती ट्रेन में सिर्फ नोटों का पहाड़ ही नहीं मिला बल्कि नागपुर में जो हुआ उसने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश की इस घटना के ठीक बाद महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन से एक और होश उड़ाने वाली खबर सामने आई। राजस्व खुफिया निदेशालय यानी की टीम को खबर मिली थी कि भारत बांग्लादेश सीमा के रास्ते सोने की बहुत बड़ी की जा रही है और उसे ट्रेन के जरिए दूसरे शहर भेजा जा रहा है। जैसे ही सटीक खबर मिली उसके आधार पर की टीम ने नागपुर स्टेशन पर जाल बिछाया।

ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी। अधिकारियों ने संदिग्ध यात्री को चारों तरफ से घेर लिया। जब उस यात्री की गहन तलाशी ली गई तो उसके पास से कुल सोने की 16 ठोस छड़ें यानी गोल्ड बार बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3 करोड़ से भी ज्यादा बताई जा रही है।

अधिकारियों ने तुरंत उस तस्कर को गिरफ्तार कर लिया और सोने की पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया। तो एक तरफ बेतवा एक्सप्रेस में 63 लाख की बेनामी नकदी तो दूसरी तरफ ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से 3 करोड़ से ज्यादा का का सोना। अब 15 अगस्त से ठीक पहले रेलवे नेटवर्क पर हुई इन दो बड़ी कार्यवाहियों ने साफ कर दिया है कि भले ही कितना शातिर दिमाग लगा ले कानून की नजरों से बच पाना बहुत मुश्किल है। फिलहाल दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ जारी है और इसके पीछे छिपे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होना बाकी है।

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