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अमित शाह ने राहुल गांधी को दे दी बड़ी चुनौती, मचा हड़कंप!

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भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब लेने के देने के लिए संसद में तैयार हूं। लिसनिंग टू । संसद के मानसून सत्र का आज 18वां दिन है। लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। पिछले कई दिनों से सदन की लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रही है और अब गृह मंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच सीधे शब्दों में टकराव देखने को मिला है। ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। बस विपक्ष सदन चढ़ने दे। वहीं राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि उन्हें गृह मंत्री का कोई लेक्चर नहीं सुनना।

पहले यह बताया जाए कि छात्रों पर कार्यवाही का आदेश किसने दिया। लेकिन आखिर दोनों पक्षों के बीच अड़चन कहां है और 18 दिनों से संसद ठप रहने के बाद आज अमित शाह ने ऐसा क्या ऑफर दिया? जिस पर राहुल गांधी ने सवाल खड़े कर दिए। दरअसल विपक्ष दिल्ली के जंतरमंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कारवाई और कथित लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है।

विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के खिलाफ पुलिस ने प्रयोग किया और इस कार्यवाही की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर पिछले 18 दिन से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। अब बुधवार को गृह मंत्री ने खत्म करने की कोशिश करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि आज दोपहर 3:00 बजे चर्चा शुरू की जाए। अमित शाह के मुताबिक वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे। सभी सांसदों की बातें सुनेंगे और अगले दोपहर 3:00 बजे उनके सवालों का जवाब देंगे|

शाह ने यह भी कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उनका आरोप है कि विपक्ष खुद सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा और जब सदन चलेगा ही नहीं तो सरकार जवाब कैसे देगी। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अब देश खुद तय करें कि आखिर चर्चा से कौन भाग रहा है। लेकिन के इस ऑफर पर राहुल गांधी ने तुरंत किया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें गृह मंत्री का कोई लेक्चर नहीं सुनना है। उनकासीधा सवाल है कि जंतर मंतर पर छात्रों पर चलाने का आदेश किसने दिया?

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि छात्रों को कथित तौर पर वाली से का आदेश किसने दिया? उन्होंने पूछा कि क्या ने छात्रों पर चलाने का आदेश दिया था? राहुल गांधी ने कहा कि अगर गृह मंत्री ने ऐसा आदेश दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वहीं अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया था तो राहुल गांधी के मुताबिक उन्हें यह बताना चाहिए कि कार्यवाही का आदेश किसने दिया। राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर संसद से गायब रहने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा है कि पिछले कई दिनों से सदन में नहीं आ रहे हैं और उनसे संसद में आकर जवाब देने की हिम्मत नहीं। यानी सरकार की तरफ से संदेश है सदन चलाइए। हम हर मुद्दे पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार हैं। जबकि विपक्ष की मांग है पहले छात्रों पर हुई कारवाई की जिम्मेदारी तय कीजिए और बताइए कि आदेश किसने दिया।

इसी बीच बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष रांची की घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं और शायद उसे भी इन सवालों का जवाब देना होगा। बुधवार को भी संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक दूसरे के खिलाफ किया।

दोनों सदनों में हंगामा शुरू हुआ और इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2:00 बजे तक स्थगित कर दी गई। यानी एक तरफ सरकार चर्चा के टेबल पर आने का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष कारवाई की जिम्मेदारी तय करने पर अड़ा है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं कि संसद में चर्चा होगी या नहीं।

सवाल यह है कि क्या सरकार और विपक्ष अपनी-अपनी शर्तों से थोड़ा पीछे हटेंगे क्योंकि संसद का सत्र आगे बढ़ रहा है। लेकिन सदन में बहस की जगह अगर लगातार ही होता रहा तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि आखिर जनता के मुद्दों पर चर्चा कब और कैसे हुई?

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