ऐक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने सालों बाद बटवारा फिल्म से इंडस्ट्री में वापसी की है लेकिन आते ही वह अपने बयान से विवादों में फस गई है। जी हां प्रीति जिंटा सनी देओल के साथ बटवारा फिल्म नजर आने वाली है ऐसे में उन्होंने एक बयान से चारों ओर चर्चा खड़ी कर दी है।
दरअसल, हाल ही में प्रीति जिंटा ने फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में अपने किरदार के दैनिक कामकाज जैसे खाना बनाना, सफाई करना और सिलाई-कढ़ाई करने को लेकर बात की थी. राजकुमार संतोषी के साथ अपनी बातचीत का उन्होंने जो ब्योरा दिया, उसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
न्यूज18 इंग्लिश के मुताबिक, इस बीच द प्रिंट ने एक ओपिनियन पीस प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक था- डियर राजकुमार संतोषी, 1947 से पहले की भारतीय महिलाएं सिर्फ पत्नियां, मांएं या नहीं थीं. इस आर्टिकल का कड़ा जवाब देते हुए प्रीति जिंटा ने लिखा, ‘मुझे लगता है कि शूटिंग के मेरे अनुभव पर आपकी यह राय पूरी तरह से गलत संदर्भ में ली गई है.’
यह एक फिल्म है जो एक विशेष परिवार की कहानी पर आधारित है, इसमें पूरे समाज को लेकर कोई एक राय थोपने की कोशिश नहीं की गई है.’ अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, ‘फिल्म देखे बिना ही निर्देशक या फिल्म के बारे में इस तरह के नतीजे पर पहुंचना न सिर्फ गलत है, बल्कि सरासर अन्याय भी है. पत्रकारिता को जिम्मेदार और निष्पक्ष होना चाहिए.’