Cli

कंगना के बारे में ये क्या बोल गए हैं आशुतोष राणा?

Uncategorized

के शेर दहाड़ता है, हाथी चिंगाड़ता है, कुत्ता भौकता है कि बातन हाथी पात और बातन हाथी लात आपको उसके पैर के नीचे डाले जाने वाला दंड मिलता है। भाषा के ऊपर तो हमें निश्चित रूप से ध्यान रखना चाहिए। देखिए, यह अह कहीं ना कहीं हमारा यह मानना है कि इसको जिसे आप प्रोटेस्ट कह रहे हैं, उसे मैं यह मान के चलता हूं कि वह अपनी इच्छाओं को व्यक्त कर रहे हैं।

क्योंकि हमारे ही तो युवा हैं। हमारे संपर्क में आने वाले युवा हैं और हमारे युवा अगर हमसे ही अपनी कोई बात नहीं कहेंगे कि हमारा भविष्य जो है, उसे आप किस तरीके से आप जिस तरीके से देखते हैं, उस तरीके से हम भी कहीं ना कहीं अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाह रहे हैं। तो मैं इसको आंदोलन और क्रांति में अंतर होता है। आंदोलन विषयगत होता है। कुछ समय के लिए होता है जो कहीं ना कहीं घर में रहने वाले बड़े लोगों को सजग करता है। उन्हें चौकन्ना करता है

और उन्हें उनकी तरफ देखने के लिए विवश करता है। तो मेरा अपना ये मानना है कि युवा जो भी है वो आपका ही है। हमारे भारतवर्ष का युवा है। जितनी मोहब्बत हमको आपको है उतनी मोहब्बत। आप अपने घर में जितनी मोहब्बत अपने पिताजी से करते होंगे उतनी मोहब्बत आपके पिताजी माताजी आपसे नहीं करते क्या? बिल्कुल करते हैं। लेकिन क्या कभी किसी किसी विचार व्यवस्था को लेकर आपके और माता-पिता जी के बीच में मतभेद होते हैं कि नहीं होते हैं? तो क्या हम माता-पिता जी आपको खारिज करने लगेंगे?

कि ये क्या बात कर रहे हो? तो मेरा अपना ये मानना है कि ये तो एक ऐसी चीज हमारे है वो हमारा हित उन्हीं के हाथ में तो आने वाले समय में हमारा राष्ट्र रखा जाना है कंधे के ऊपर। क्योंकि आप जैसे ही देखते हैं कि जब भी कभी कोई पीढ़ी पुरानी होती है तो हमेशा हम यह चर्चा करने लगते हैं कि पीढ़ियों के बीच में वैचारिक मतभेद है। नहीं वैचारिक मतभेद नहीं होता कि पीढ़ियों की अपनीपनी समझ होती है। उस समझ के अंदर सामंजस्य स्थापित करने के लिए जब जो जो थोड़ा बहुत कहीं ना कहीं जो हिलाव होता है वो मेल के लिए होता है।

सर वर्तमान समय में बॉलीवुड के जो एक्ट्रेस जंतरमंतर पे प्रदर्शन बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने जिस तरीके से बयान दिया कहा जेएनजी को कि बदसूरत और भ्रष्ट है। कैसे देख रहे हैं उनके इस बयान को? देखिए मेरा अपना ये मानना है कि शेर दहाड़ता है। हाथी चिंघाड़ता है। कुत्ता भौंकता है। तो किसी भी जीव की पहचान उसके स्वर से निकलने वाले कंठ से होती है। इसलिए भाषा का बड़ा महत्व होता है और भाषा के मामले में हमारे यहां पे ये अक्सर कहा जाता है कि बातन हाथी पात और बातन हाथी लात। आप बातों से ही हाथी की सवारी का आपको सम्मान मिलता है और बातों के कारण ही आपके द्वारा बोले गए शब्दों के कारण ही आपको उसके पैर के नीचे डाले जाने वाला दंड मिलता है। हमारे शब्द ही हमारे सम्मान के प्रतीक होते हैं और हमारे शब्द ही हमारे अपमान के कारक होते हैं। तो निश्चित रूप से भाषा के ऊपर तो हमें निश्चित रूप से ध्यान रखना चाहिए किसी भी हिसाब

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *