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गटर वाले बयान के बाद अब ये क्या बोल गई कंगना रनौत, मचा बवाल!

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कंगना रनौत अपनी बयानों से आए दिन चर्चा में आते रहती है इस वक्त कंगना रनौत के गाटर वाले बयान की बेहद चर्चा हो रही है एक्ट्रेस को इस बयान को लेकर बहुत ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में एक बार फिर कंगना रानाउत बड़ा बयान दिया है

कंगना ने सोशल मीडिया पर सीजेपी आंदोलन के बारे में कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में एक ही जगह पर इतना अजीब और इतना बुरा कुछ नहीं देखा. जेन ज़ी के आंदोलनों के वीडियो देखकर मुझे झटका लगा. मुझे दुख भी हो रहा है. वे जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वह बेहद असभ्य है. समझ नहीं आता कि इन्हें किसने जन्म दिया और कौन इनका पालन-पोषण कर रहा है.””भारत अपनी विविधता, संस्कृति और सभ्यता के लिए जाना जाता है. लेकिन लोग एक-दूसरे को अपमानजनक नामों से बुलाते हैं और उसी तरह व्यवहार करते हैं. इस तरह का आचरण हमारी संस्कृति के अनुरूप नहीं है।

कंगना रनौत ने आंदोलन के दौरान वायरल हुई कुछ लड़कियों की रील्स की आलोचना करते हुए उन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहा. उन्होंने दावा किया कि ये लड़कियां पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में हैं. वे पढ़ाई में भी अच्छी नहीं हैं और उनमें अच्छे संस्कार भी नहीं हैं.”ये लड़कियां आज़ादी के नाम पर नशीले पदार्थों और शराब के सेवन का सोशल मीडिया पर प्रदर्शन करती हैं. वे बिना मेहनत किए काम करने वाली महिलाओं की नकल करती हैं और इसलिए अब वे परिवार और ज़िम्मेदारियां संभालने के लायक भी नहीं रह गई हैं.”उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों की वायरल रील्स देखकर वह मानसिक रूप से काफ़ी परेशान हो गई हैं और अब उन्हें ‘डिजिटल डिटॉक्स’ की ज़रूरत महसूस हो रही है.

एक वीडियो जारी कर एक बार फिर इस मुद्दे पर सफ़ाई दी है.कंगना रनौत ने कहा, “यह रील मैं मीडिया के लोगों के लिए बना रही हूं. क्योंकि मैंने कुछ प्रदर्शनकारियों के अनैतिक, गटरछाप व्यवहार और छोटे-बुज़ुर्गों व महिलाओं के सामने आचरण को सामान्य बनाने का विरोध किया था. हमारा समाज इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा. क्योंकि हमें नहीं लगता कि हमारे घर के बच्चे अश्लील व्यवहार करें या ऐसा कुछ करें, जिससे घर के बुज़ुर्गों को शर्म से सिर झुकाना पड़े. इस तरह के व्यवहार को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा और न ही इसे सामान्य बनाया जाएगा. लेकिन मीडिया की ओर से मुझे घेरा जा रहा है.”आगे उन्होंने कहा, “लेकिन मीडिया यह नहीं बताएगा कि मैंने स्काईरूट जैसे स्टार्टअप की भी तारीफ़ की थी. मैंने नीट के उम्मीदवारों को ख़ुद शुभकामनाएं दी थीं.

हमारी टीम में, घर में और रिश्तेदारों में भी जेन ज़ी के भाई-बहन हैं. लेकिन कुछ फॉलोअर्स, कमेंट्स और लाइक्स के लिए मीडिया वाले बहुत ज़्यादा बिक गए हैं. कुछ एंकर मुझे सिखा रहे हैं कि प्रतिष्ठा का बोझ या अनुशासन में रहने का बोझ इस पीढ़ी पर क्यों डाला जाए? लेकिन क्या हम अपनी बेटियों को यही सिखाने वाले हैं? मर्यादा में रहना कोई विकल्प नहीं है. दिखावा तो हर कोई करेगा. लेकिन हमें समाज में संविधान की सीमा के भीतर रहना है.”

कंगना रनौत ने यह भी कहा, “आप अपने बंद कमरे में ही अश्लील व्यवहार कर सकते हैं. मेरे भगवान, मेरे माता-पिता या मेरे घर के बच्चों के प्रति आपके मन में कोई भावना न हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उनके बारे में सड़क पर अश्लील गालियां देंगे या उनका अपमान करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विद्यार्थी ‘एग्ज़ाम बडी’ कहते हैं. कुछ लोग उन्हें भगवान मानते हैं, कुछ नेता मानते हैं और कुछ उन्हें परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं. आप उनका अपमान नहीं कर सकते. यह कूल बनने की निशानी नहीं है. यह एक सामान्य नियम है. अगर आपको यह नहीं आता, तो आपको सीखना होगा. आप इन स्त्रीवादियों से प्रभावित न हों. अपनी ज़िंदगी बर्बाद न करें. इस तरह का अश्लील व्यवहार आप अपने बेडरूम में ही कर सकते हैं. बाहर आपको मर्यादा में रहना होगा.”

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