तो अब जैन जी के बाद जैन अल्फा भी आंदोलन पर उतर आए हैं। देश के कई राज्यों में स्कूली छात्रों ने मूल सुविधाओं के लिए अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी।
कहीं बच्चे 6 कि.मी. पैदल चलकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो कहीं 30 कि.मी. दूर छात्राएं कलेक्टर से मिलने पहुंची। बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश की तीन तस्वीरें आपको चौंका देगी। बिहार के गया, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर और मध्य प्रदेश के शहडोल में छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़क पर उतर आए।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए ज़न अल्फा भी मैदान में कूद गए। पानी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। यह तस्वीर बिहार के गया की है। जहां स्कूल में छात्रों ने पेयजल, स्वच्छता और मध्यान भोजन की खराब गुणवत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। बच्चे करीब 6 कि.मी. पैदल चलकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। शौचालय करने के लिए आप लोग कहां जाते हैं? बाहर जाते हैं और कहां जाते हैं?
लड़की है। बताइए कहां जाएंगे? कैसे जाएंगे? सर हम लोग कहते भी हैं कि थोड़ा कुछ कोई सब्जेक्ट के सब्जेक्ट के कोई सर ही नहीं है। कोई सिर्फ तीन है तो वो भी अच्छा पढ़ाई भी नहीं करता है। सर कोई भी नहीं पढ़ाते। ना स्कूल में ना बाथरूम है ना टंकी है।
पानी नहीं है। पानी का भी व्यवस्था नहीं है। हमारे यहां खाना का भी उतना व्यवस्था नहीं है। छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। प्रिंसिपल समेत शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वेतन भी रोक दिया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तीन सदस्यय जांच का गठन किया।