बॉलीवुड के इतिहासों में कई महान अभिनेता आए। लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर हर रिश्ता निभाया। बेटा, पिता, पति, प्रेमी, बूढ़ा, जवान। लेकिन असल जिंदगी में वही कभी दूल्हा नहीं बन पाया। दरअसल, हम बात कर रहे हैं अभिनय के बादशाह संजीव कुमार की। आज भी लोग पूछते हैं कि क्या उन्होंने पूरी जिंदगी सिर्फ हेमा मालिनी का इंतजार किया या फिर इसके पीछे कोई और कहानी थी? आइए जानते हैं। नमस्कार, आप सुन रहे हैं बॉलीवुड किस्से और मैं हूं आपके साथ अंशु वर्मा।
संजीव कुमार का असली नाम था हरिभाई जरीवाल। वे उन कलाकारों में से थे जिनके लिए अभिनय सिर्फ पेशा नहीं बल्कि जुनून था। फिल्म कोशिश, आंधी, मौसम, शोले, नमकीन जैसी फिल्मों ने उन्हें अभिनय का विश्वविद्यालय बना दिया। लेकिन जितनी सफलता उन्हें फिल्मों से मिली उतनी ही अधूरी रही उनकी निजी जिंदगी। 1970 के दशक के शुरुआत में उनकी मुलाकात हुई हेमा मालिनी से। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। वहीं फिल्मी गलियारों में दोनों के रिश्ते की चर्चाएं होने लगी और कई जीवनीकारों और बाद की रिपोर्टरों के अनुसार संजीव कुमार ने हेमा मालिनी को विवाह का प्रस्ताव भी दिया था। लेकिन यहीं से कहानी ने नया मोड़ ले लिया। दरअसल बताया जाता है
कि संजीव कुमार और उनके परिवार की क्षति की शादी के बाद पत्नी फिल्मों में काम ना करें और परिवार को प्राथमिकता दे। व हेमा मालिनी अपने अभिनय करियर को छोड़ने के पक्ष में नहीं थी। बाद में स्वयं हेमा मालिनी ने भी एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि संजीव कुमार ऐसी पत्नी चाहते थे जो पूरी तरह परिवार को समर्पित हो। जबकि उनकी अपनी सोच अलग थी। यही मतभेद धीरे-धीरे दोनों को अलग ले गया और इसके बाद हेमा मालिनी की जिंदगी में धर्मेंद्र दोनों ने शादी कर ली लेकिन संजीव कुमार अकेले रह गए। यहीं से लोगों ने यह मानना शुरू कर दिया कि उन्होंने कभी शादी नहीं की क्योंकि वे हेमा मालिनी को भुला नहीं पाए। लेकिन क्या पूरी सच्चाई सिर्फ इतनी ही थी? शायद नहीं।
दरअसल संजीव कुमार के जीवन पर लिखी गई जीवनी और कई लेख बताते हैं कि उनकी जीवन के बेहद बाद में अन्य रिश्ते भी कई चर्चाओं में आए। अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वे उनसे प्रेम करती थी और उन्होंने विवाह का प्रस्ताव भी रखा। लेकिन संजीव कुमार ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। यानी यह कहना कि उन्होंने केवल हेमा मालिनी की वजह से शादी नहीं की। इतिहास इसे पूरी तरह साबित नहीं करता।
एक और बात अक्सर सामने आती है। संजीव कुमार के परिवार में कम उम्र में हृदय रोग से मृत्यु के कई मामले हुए थे और कहा जाता है कि उन्हें भी अपनी सेहत को लेकर चिंता रहती थी। उन्होंने अपेक्षाकृत कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याओं का सामना किया और 1985 में मात्र 47 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। तो आखिर निष्कर्ष क्या है? क्या वजह सिर्फ हेमा मालिनी थी या परिवार की शर्तें या उनकी सोच या फिर स्वास्थ्य थे? सच यह है कि उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड किसी एक कारण की पुष्टि नहीं करते।
इतना जरूर कहा जा सकता है कि उनके निजी जिंदगी में कई अधूरे रिश्ते और कठिन परिस्थितियां रही और अंततः वे जीवन भर अविवाहित रहे। आज भी जब संजीव कुमार का नाम लिया जाता है तो लोग सिर्फ ठाकुर को याद नहीं करते बल्कि उस इंसान को याद करते हैं जिसने पर्दे पर हर रिश्ता निभाया लेकिन अपनी जिंदगी में शादी का रिश्ता कभी नहीं निभा पाए। दोस्तों आपके अनुसार संजीव कुमार बॉलीवुड के सबसे महान अभिनेताओं में से एक थे। कमेंट कर जरूर बताइए। फिलहाल इस पॉडकास्ट में इतना ही। ऐसी और भी पडकास्ट के लिए बने रहे हमारे चैनल के साथ।