कॉकरोच जनता पार्टी ऑनलाइन बनी क्योंकि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बेरोजगारों को कॉकरोच पैरासाइट बना दिया। कॉकरोच जनता पार्टी जंतरमंतर पर बैठी क्योंकि उसे सरकार से पेपर लीक के खिलाफ लड़ना था। राहुल गांधी पीएम का घर का घेराव करने पहुंच गए क्योंकि उन्हें सरकार से दो-दो हाथ करने थे।
इन सब लोगों ने वही किया जो करना उनका धर्म और कर्म है। दिल्ली से दूर ओसा में हाई प्रोफाइल बीजेपी नेता पराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी राहड़ ने यह क्यों किया जो ना तो धर्म था ना कर्म था। छात्रों के आंदोलन के प्रेशर में जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ तब सारे एंटी बीजेपी वालों ने जश्न मनाया। लेकिन सबको चुभ गया वो जश्न जो अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता ने सोशल मीडिया पर मनाया।
एक फोटो लगाते ही चर्चित चेहरा बन गई हैं अर्चिता सारंगी। बेटी के किए से फंस गई मां अपराजिता सारंगी जिनके लिए अब धर्मेंद्र प्रधान से आंखें मिलाना आसान नहीं रह गया। अर्चिता सारंगी सत्ता के गलियारों से निकली एक ऐसी पारिवारिक और राजनीतिक बगावत की वह कहानी है जिसने सोशल मीडिया से लेकर ओसा और दिल्ली तक सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। एक तरफ है मां जो बीजेपी की बड़ी नेता हैं और पार्टी के साथ खड़ी हैं और दूसरी तरफ है उनकी जजी बेटी जिन्होंने अपनी ही सरकार के केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे पर सीधे सेलिब्रेशन का पोस्ट डाल दिया। दबाव आया।
धमकियां मिली लेकिन बेटी अड़ गई कि चिंता मत करो मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी। हालांकि इतना सब हुंकार भरने के बाद उन्होंने वही किया जो मां के हित में था। पार्टी के हित में था। पोस्ट डिलीट कर दिया। जिम्मेदारी किसी और पर थोप दी। अर्चिता अपराजिता सारंगी की बेटी हैं। इसलिए नाम था अर्चिता सारंगी।
लेकिन आईएएस सचिन राह से शादी हुई तो नाम हो गया अर्चिता सचिन राह। अर्चिता सचिन राहर कोई कॉमन जेंजी नहीं है। उन्हें शायद इसका हक भी नहीं क्योंकि उनका बैकग्राउंड पॉलिटिकल है। भुवनेश्वर से बीजेपी की सांसद और पूर्व आईएएस अपराजिता सारंगी की बेटी हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। आंध्र प्रदेश कार्डर के 2024 बैच के आईएएस सचिन राहर से शादी हुई। सचिन राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं। अर्चिता और सचिन राहर की शादी नवंबर 2025 में दिल्ली में बेहद भव्य समारोह में हुई थी। जिसमें राष्ट्रपति ओसा के राज्यपाल और सीएम मोहन चरण मांझी समेत देश के कई बड़े नेता अर्चिता और सचिन की शादी में पहुंचे थे।
धर्मेंद्र प्रधान के पीए को सीधी चुनौती देने वाली अर्चिता सारंगी की ताकत सिर्फ उनका पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं बल्कि उनका खुद का शानदार इंटरनेशनल करियर ग्राफ है। ऑक्सफोर्ड से एमबीए करने वाली अर्चिता ने बिजनेस एनालिटिक्स ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक्स और पॉलिसी रिसर्च में महारत हासिल की है। ग्लोबल कंसलटेंसी फर्म अर्स्ट एंड यंग में ईवाई में प्री एमबीए कंसलटेंट रह चुकी हैं। और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन जैसी दिग्गज कंपनी में सीधे सीईओ ऑफिस के साथ काम कर चुकी हैं। उन्होंने ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम यानी यूएनडीपी में भी काम किया है। अपनी कॉर्पोरेट और फैमिली प्रोफाइल के कारण अर्चिता का चार लाइन का लिखा पोस्ट हाथों-हाथ लिया गया और उन्हें जजी की सीरियस और जेन्युइन आवास मानकर आंदोलन के जश्न में शामिल कर लिया गया। लेकिन यह सब लंबे समय तक टिका नहीं रहा।
अर्चिता खुद को एक जागरूक नागरिक मानती हैं और अक्सर सामाजिक छात्र मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं। लेकिन इस बार उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनकी सांसद मां को भारी राजनीतिक मुसीबत में डाल दिया है। जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया देश भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अर्चिता ने अपने Instagram अकाउंट पर एक स्टोरी लगाई। तिरंगे के बैकग्राउंड में धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा नीट लीक घोटाले पर छात्रों के भारी विरोध के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पोस्ट से बीजेपी में भूचाल आ गया। तुरंत धर्मेंद्र प्रधान की टीम और उनके पीए ने उनकी सांसद मां अपराजिता सारंगी से संपर्क किया और पोस्ट डिलीट करवाने का दबाव बनाया। ऑक्सफोर्ड से पड़ी अर्चिता ने झुकने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने एक और बेबाक स्टोरी डाली।
जो बातें नहीं बताई जाती हैं, वह उन्होंने जोश-जोश में सारे जहां के सामने लिख डाली। इंस्टा पोस्ट में लिखा धर्मेंद्र प्रधान के पीए को जो मेरी मां को मैसेज करके पिछली स्टोरी डिलीट करने को कह रहे हैं। परेशान ना हो। मैं डिलीट नहीं करूंगी। जय जगन्नाथ। जय हिंद। बेटी के इस रुख के विपरीत उनकी मां अपराजिता सारंगी पूरी तरह पार्टी लाइन पर डटी है। अपनी बेटी की पोस्ट से मचे बवाल को शांत करने के लिए अपराजिता सारंगी ने तुरंत मोर्चा संभाला और एक्स पर धर्मेंद्र प्रधान का खुलकर समर्थन करते हुए लिखा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने के लिए बहुत साहस चाहिए। मैं इस कठिन समय में धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ खड़ी हूं। Insta और एक्स के बीच बगावत और निष्ठा की इस में घर के अंदर मां-ब के बीच क्या हुआ यह ना तो पता चला ना चलने वाला है। अपने रुख पर अड़े रहने और स्क्रीनशॉट वायरल होने के तुरंत बाद शनिवार रात को अर्चिता सारंगी का Instagram हैंडल सर्च रिजल्ट से पूरी तरह गायब हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ते विवाद को देखते हुए उनका अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया गया। हालांकि अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट होने के पीछे क्या वजह थी इस पर ना तो अर्चिता और ना ही सांसद अपराजिता सारंगी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण आया है। यह जरूर है कि मां के लिए अर्चिता की हुंकार मिटाने की कोशिश हुई।
तब तक ना जाने कितने स्क्रीनशॉट लिए जा चुके होंगे जिससे सोशल मीडिया के पन्ने भरे पड़े हैं। इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली अर्चिता के चारों तरफ आईएएस रसूक का पहरा है। मां पूर्व आईएएस और वर्तमान सांसद, पिता केंद्र सरकार में मौजूदा सीनियर आईएएस और पति खुद एक आईएएस अधिकारी हैं। लोगों को अटकलें लगाने का मौका मिला कि इतने रसूखदार प्रशासनिक परिवार की बेटी की यह बगावत क्या वाकई सिर्फ एक व्यक्तिगत राय है या फिर पर्दे के पीछे ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच चल रही किसी बड़ी जंग का हिस्सा। राजनीतिक और सूत्र वाले गलियारे में चर्चा है कि यह सिर्फ एक मां-ब के विचारों का मतभेद नहीं है बल्कि इसके पीछे ओसा बीजेपी के भीतर की पुरानी पॉलिटिकल राइवलरी भी एक कारण है। ओसा बीजेपी में धर्मेंद्र प्रधान को धरती का पुत्र माना जाता है। जबकि अपराजिता सारंगी बिहार की है।
आईएएस के तौर पर ओसा में पोस्टिंग रही। प्रधान के समर्थकों ने इस विवाद के बाद अपराजिता पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ओसा के लोगों ने बिहार की बेटी का स्वागत किया और दो बार सांसद बनाया। लेकिन उन्हें अपने परिवार पर नियंत्रण रखना चाहिए और इस टिप्पणी के लिए पूरे राज्य से माफी मांगनी चाहिए। ओसा की राजनीति में दोनों ही नेता बेहदत्वाकांक्षी माने जाते हैं। अर्चिता की यह पोस्ट कहीं पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और पुरानी प्रतिद्वंदिता पुराने कंपटीशन का अनजाने में ही सही लेकिन क्या कोई बड़ा विस्फोट तो नहीं है?
धर्मेंद्र प्रधान जहां पुरानी और पारंपरिक संगठनिक राजनीति के धुरंधर हैं। वहीं अपराजिता सारंगी अर्बन एजुकेटेड और ब्यूरोक्रेटिक क्लास की पसंदीदा है। दोनों नेताओं के बीच सीधा टकराव कभी सामने नहीं आया लेकिन दोनों के ही समर्थक एक दूसरे को [संगीत] नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती। बेटी की पोस्ट ने कोल्ड वॉर को बना दिया पब्लिक। प्रधान के पीए का तुरंत अपराजिता पर दबाव बनाना और जवाब में अर्चिता का यह कहना कि धर्मेंद्र प्रधान के पीए मेरी मां को मैसेज करना बंद करें। मैं पोस्ट डिलीट नहीं करने वाली। यह इशारा है कि दोनों ग्रुप्स के बीच चीजों में कितनी तल्खी है। राजनीतिक नुकसान को भांपते हुए अपराजिता सारंगी ने तुरंत प्रधान के इस्तीफे को बड़ा नैतिक साहस बताकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है।
अपराजिता सारंगी राजनीति में आने से पहले 1994 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी रही हैं। 2018 में उन्होंने अपनी नौकरी से वीआरएस लेकर राजनीतिक पारी शुरू करने बीजेपी में वह शामिल हो गए। 2019 और फिर 2024 में उन्होंने भुवनेश्वर लोकसभा सीट से शानदार जीत दर्ज की। ओसा से लेकर दिल्ली तक पार्टी में उनका ऊंचा लंबा राजनीतिक कद है। बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मी और भागलपुर विश्वविद्यालय से इंग्लिश ऑनर्स करने वाली अपराजिता ने महज 24 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में 1994 की यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने भुवनेश्वर नगर निगम कमिश्नर और ग्रामीण विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया। कभी कोई विवाद अपराजिता सारंगी से नहीं चिपका। इससे उन्होंने आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में मदद मिली। अपराजिता सारंगी का पूरा परिवार देश के सबसे रसूखदार हाई प्रोफाइल ब्यूरोक्रेटिक परिवारों में गिना जाता है। अपराजिता के पति संतोष कुमार सारंगी उन्हीं की तरह 1994 बैच के ओसा कार्डर के एक बेहद सीनियर आईएएस अधिकारी हैं जो केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
दो बच्चे हैं। एक बेटा शिखर सारंगी और एक बेटी अर्चिता सारंगी जो शादी के बाद अर्चिता सचिन राहर बन गई। अर्चिता अब तक लाइमलाइट से दूर रही। अब लाइमलाइट में आ गई। शिखर सारंगी आज भी लाइमलाइट से दूर हैं। असम में भी ठीक ओसा की अर्चिता सारंगी जैसा ही एक हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा सामने आया। जहां असम सरकार के कैबिनेट मंत्री केशव महंता की बेटी दिविसा महंता नीट पेपर लीक मामले को लेकर सीधे गुवाहाटी की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतर गई। बीजेपी की सहयोगी पार्टी असोम गण परिषद यानी एजेपी के वरिष्ठ नेता की बेटी दिबिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। जिसमें वह ना सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी बल्कि उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित नारेबाजी करने का भी आरोप लगा। इस तीखे विरोध और भारी ट्रोलिंग के बादसा ने भी अपना सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिया।
लेकिन इस विवाद में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा शर्मा ने उनके बचाव में उतरते हुए कहा कि बच्चे जब व्यस्क हो जाते हैं तो उनकी राजनीतिक विचारधारा माता-पिता से बिल्कुल अलग हो सकती है और इसके लिए .