कोर्ट से मिली सलमान खान को बड़ी राहत। टेंशन फ्री हुए भाईजान। फिल्म प्रमोशन से लेकर कानूनी लड़ाई तक का क्या है पूरा मामला? चलिए आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से सब कुछ समझाते हैं।
सलमान खान की लाइफ का मोस्ट कंट्रोवर्शियल ब्लैक बग केस पर एक फिल्म बनाई गई जिसका नाम काला हिरण दिया गया। इस फिल्म के मेकर्स और सलमान खान के बीच काफी लंबी कंट्रोवर्सी भी हुई और देखते ही देखते यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। लेकिन अब फिल्म की रिलीज से पहले ही एक और बार फिल्म को लेकर जबरदस्त विवाद देखने को मिल रहा है।
लेकिन इस बार मामला सोशल मीडिया ट्रोलिंग या फिर किसी अफवाह का बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि इस बार सीधा मामला है कोर्ट रूम का और लेटेस्ट मीडिया अपडेट में सलमान खान को बड़ी राहत दे दी गई है। जबकि फिल्म के प्रोड्यूसर को कोर्ट की फटकार सुननी पड़ी। सलमान खान की पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर से काला हिरण द बैटल ऑफ लेगसी से जुड़े हर एक वीडियोस फोटोस को हटाने की मांग की है।
यही नहीं कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी को करारा जवाब देते हुए कहा कि क्या वो खुद को कानून के ऊपर समझते हैं। अमित जानी के वकील ने तर्क दिया कि टीजर में ना ही सलमान खान का जिक्र था और ना ही एआई या फिर डी फेक कंटेंट का इस्तेमाल किया गया।
जबकि सलमान खान के वकील ने कहा कि ब्लैक बग मामले में बरी होने के बावजूद कानूनी राहत मिलने के बावजूद भी एक्टर को गलत तरीके से इस फिल्म में प्रोजेक्ट किया गया है। साथ ही फिल्म के लीड एक्टर को भी इस तरह से दिखाया गया कि बहुत सारी सिमिलरिटीज देखने को मिलती हैं।
जिसका चेहरा सलमान खान से काफी मिलताजुलता है। वही ब्रेसलेट, वही इयर पियरिंग और वही बॉडी लैंग्वेज। इस मामले में कोर्ट का साफ कहना है एक बार किसी की इमेज उसकी रेपुटेशन उसकी इज्जत चली गई तो वह वापस नहीं आती है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिल्म के जरिए एक्टर को काला हिरण शिकार मामले से जोड़ा जा रहा है जो पूरी तरीके से गलत है और अब यह सब कुछ बंद हो जाना चाहिए। सलमान खान ने इससे पहले अपने पर्सनल राइट्स के प्रोटेक्शन की मांग भी की थी और फिल्म पर आरोप लगाए थे कि इसमें उनकी पहचान और छवि का उपयोग बिना उनकी परमिशन के हो रहा है और गलत तरीके से किया जा रहा है। उनकी इमेज को लेकर एक गलत नैरेटिव सेट किया जा रहा है।
अब इस पूरे कंट्रोवर्शियल मामले पर लोगों ने अपने अलग-अलग पॉइंट ऑफ व्यू रखने भी शेयर कर दिए हैं। कई लोग इसे कोर्ट का स्ट्रिक्ट एक्शन का नाम दे रहे हैं। तो कुछ लोग का कहना है कि मेकर्स ने जरूरत से ज्यादा ही जल्दीबाजी दिखा दी है।
वेल, अब सबकी नजरें सिर्फ और सिर्फ इस बात पर टिकी हुई है कि मेकर्स कोर्ट के इंस्ट्रक्शंस को फॉलो करेंगे। अगर करेंगे तो कितना जल्दी करेंगे? क्या यह फिल्म थिएटर्स में रिलीज होगी या फिर इसे कोई ओटीटी प्लेटफार्म का सहारा मिल जाएगा?
इन सवालों के जवाब फिलहाल कोई भी नहीं जानता। मगर हां, इतना जरूर तय है कि काला हिरण अब सिर्फ अपनी कहानी की वजह से नहीं बल्कि एक हाई प्रोफाइल लीगल बैटल की वजह से लाइमलाइट में आ चुका है। ओम