आप जैसा कोई [गाना गाने की आवाज़] मेरी जिंदगी [संगीत] में आए तो बात बन जाए। दोस्तों वो एक ऐसी बेमिसाल और नायाब कलाकार थीं जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की म्यूजिक इंडस्ट्री का पूरा नक्शा ही हमेशा हमेशा के लिए बदल कर रख डाला था। जिसको दीवाने [संगीत] आहा आहा उन्होंने महज 15 साल की छोटी सी उम्र में संगीत जगत में एक ऐसे ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिए जो आज दशकों बाद भी अटूट कायम है और पूरी फिल्म इंडस्ट्री में एक मिसाल की तरह देखे जाते हैं। [संगीत] उनकी जादुई आवाज और गजब की खूबसूरती को देखकर सिर्फ हिंदुस्तान या पाकिस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया भर से उन्हें फिल्मों में बतौर हीरोइन काम करने के बड़े-बड़े प्रस्ताव आने लगे थे। आओ ना प्यार करें हम और तुम राज करें आओ। उस दौर के बड़े-बड़े फिल्म निर्माता उन्हें अपनी फिल्म में साइन करने के लिए ब्लैंक चेक तक देने को तैयार घूम रहे थे। लेकिन क्या आप जानते हैं दोस्तों कि संगीत के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचने के बावजूद यह महान गायिका एक्टिंग और ग्लैमर की चकाचौंध से हमेशा कोसों दूर रहती थी। क्या आप कभी सोच भी सकते हैं कि एक ऐसी बेदाग गायिका को सिर्फ अपनी सीधी साधी जिंदगी जीने के बदले अपने ही पति के धोखे, बेवफा बेवफाई और भयानक घरेलू हिंसा जैसी खौफनाक कीमत तक चुकानी पड़ी थी। और क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि बहुत ही कम उम्र में इस जादुई गायिका की मौत हो गई और मौत के बाद भी उनकी लाश को सुकून से दफन होने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ा था। मुझे दिलचस्पी नहीं है अदाकारी से। कोई दिलचस्पी नहीं है। नहीं बिल्कुल नहीं। यह जरूर है कि मुझे अपनी एजुकेशन से बहुत लगाव है। आखिर कौन थी पाकिस्तान की वो सीधी साधी देसी लड़की जिसने स्कूल यूनिफार्म पहन कर गाना शुरू किया और पूरे भारतवर्ष में अपने सुरों से टहलका मचा दिया। आखिर क्या अनोखी खासियत थी उनकी उस रूहानी आवाज में जो आज दशकों बीत जाने के बाद भी उनका जादू रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है। [संगीत] क्यों इतनी बड़ी-बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियों के बाद भी उनकी निजी जिंदगी में उन्हें कभी सुख का एक पल नहीं मिल पाया और क्यों उनके उस दिलफेंक और अय्याश पति पर उन्हें धीमा जहर देने का सबसे संगीन आरोप लगा था। लेकिन मेरा दिल मेरा दिल [संगीत] रो। जानेंगे सुरों की इस मल्लिका की जिंदगी के ऐसे ही कई
और सनसनीखेज और झकझोर देने वाले राज। आप बस दिल थाम कर बने रहिए हमारे चैनल बॉलीवुड बायो टाइम के साथ। जैसा कोई मेरी [संगीत] जिंदगी में आए तो बात बन जाए। तो चलिए दोस्तों सुरों की इस बेदाग मलिका की कहानी की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करते हैं। सरहद पार पाकिस्तान के कराची शहर के एक बेहद रईस, संस्कारी और रसूखदार परिवार में जन्मी नाजिया हसन बचपन से ही कमाल की होनहार और कुशाग्र बुद्धि की थी। आगे चलकर पढ़ाई लिखाई के सिलसिले में उनका पूरा परिवार लंदन शिफ्ट हो गया था। नाजिया को बचपन से ही संगीत का गहरा शौक था। लेकिन उन्होंने कभी अपने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उनकी मखमली आवाज सरहद की बंदिशों को तोड़कर पूरे भारतवर्ष में एक ऐसा ऐतिहासिक तहलका मचा देगी जो हमेशा के लिए अमर हो जाएगा। यह साल 1979 की बात है दोस्तों। बॉलीवुड के सबसे स्टाइलिश और दिग्गज अभिनेता निर्देशक फिरोज खान अपनी महा फिल्म कुर्बानी की शूटिंग के लिए लंदन में डेरा डाले हुए थे। लंदन की एक हाई प्रोफाइल पार्टी के दौरान अचानक उनकी नजर महज 14 साल की बेहद मासूम और खूबसूरत नाजिया हसन पर पड़ी। फिरोज खान नाजिया की बेमिसाल सादगी और उनकी बात करने के लहजे से इतने ज्यादा प्रभावित हुए कि उन्होंने बिना एक पल गवाए नाजिया को उस द्वार के मशहूर संगीतकार बेदू से मिलवा दिया। और दोस्तों यहीं से भारत और पाकिस्तान की म्यूजिक इंडस्ट्री का इतिहास हमेशा हमेशा के लिए बदल गया। साल 1980 में जब सिनेमाघरों में फिल्म कुर्बानी रिलीज हुई तो नाजिया हसन की आवाज में रिकॉर्ड किया गया वो आइकॉनिक गाना जैसा [संगीत] कोई जिंदगी में आए।
देश की हर गली, हर नुक्कड़, हर रेडियो स्टेशन और हर शादी पार्टी में सिर्फ और सिर्फ नाजिया की आवाज का जादू गूंज रहा था। इस एक अकेले गाने ने भारत के भीतर डिस्को संगीत क्रांति की नींव रख दी थी। नतीजा यह हुआ दोस्तों कि महज 15 साल की कच्ची उम्र में नाजिया हसन ने सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका यानी कि बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेयर पुरस्कार जीतकर एक ऐसा इतिहास रच दिया जिसे आज तक कोई नहीं दोहरा पाया। वह यह सर्वोच्च सम्मान पाने वाली पूरे इतिहास की पहली पाकिस्तानी और सबसे कम उम्र की गायिका बनी। इसके बाद तो मानो कामयाबी नाजिया के कदम चूमने लगी। उन्होंने अपने भाई जोहैब हसन के साथ मिलकर भारतीय संगीत उद्योग को एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर एल्बम दिए। साल 1981 में आया उनका एल्बम डिस्को दीवाने रिलीज होते ही वर्ल्ड वाइड चार्टबस्टर बन गया। इसके बाद बूम बूम यंग तरंग और हॉट लाइन जैसे सुपरहिट एल्बम्स ने नाजिया हसन को पूरे एशिया का सबसे बड़ा पॉप आइकॉन बना डाला। जिसको दीवाने आहा जब मिलते हैं हम [संगीत] भारत में उनकी दीवानगी का आलम इस कदर था कि लोग उनकी सिर्फ एक अद झलक पाने के लिए कड़कड़ाती धूप और ठंड में घंटों लंबी कतारों में खड़े रहते थे। फिल्म निर्माता उन्हें अपनी फिल्मों में बतौर हीरोइन साइन करने के लिए ब्लैंक चेक लेकर उनके घर के चक्कर काटते थे। लेकिन नाजिया ग्लैमर की इस चकाचौंध से हमेशा कोसों दूर अपनी सीधी साधी दुनिया में खुश थी। लेकिन दोस्तों किस्मत के क्रूर खेल को कुछ और ही मंजूर था। करियर के इस सबसे ऊंचे चरम पर नाजिया की खुशहाल जिंदगी में प्यार ने दस्तक दी। उन्हें कराची के एक बेहद नामी गिरामी बिजनेसमैन मिर्जा इश्तियाक बेग से बेइंतहा प्यार हो गया। नाजिया को लगा कि उन्हें अपनी सुनी जिंदगी का सच्चा हमसफर मिल गया है और साल 1995 में दोनों ने बहुत ही धूमधाम के साथ शादी कर ली। लेकिन अफसोस जिसे नाजिया अपना रक्षक समझ रही थी। वही शख्स उनकी हंसती खेलती जिंदगी का सबसे बड़ा भक्षक और जल्लाद बनने वाला था। शादी के कुछ ही समय बाद नाजिया का यह हसीन ख्वाब एक खौफनाक दुस्वप्न में तब्दील हो गया। इश्तियाक बेग का असली और बदसूरत चेहरा उनके सामने आने लगा।
नाजिया को एक के बाद एक कई बड़े झटके लगे। जब उन्हें पता चला कि उनके पति ने उनसे अपनी पिछली शादियां और कई खौफनाक काले राज छुपाए थे। जब भी नाजिया ने इस धोखे का विरोध किया तो उन पर बंद कमरों में भयानक मानसिक और रूह कंपा देने वाले शारीरिक अत्याचार शुरू हो गए। इसी खौफनाक प्रताड़ना और आंसुओं के बीच नाजिया पर एक और दुखों का पहाड़ टूटा। जब उन्हें पता चला कि वह फेफड़ों के कैंसर यानी कि लंग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ चुकी है। लेकिन यह दर्द सिर्फ इस लालाज बीमारी का नहीं था दोस्तों। कैंसर से तड़पती और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती हुई नाजिया को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा और खौफनाक झटका तब लगा जब उन्हें यह गहरा शक हुआ कि उनकी लगातार गिरती सेहत की वजह सिर्फ यह कैंसर नहीं है बल्कि पर्दे के पीछे कोई और बहुत बड़ा खेल चल रहा है। मेरा दिल मेरा दिल [संगीत] रो रहा। जी हां दोस्तों, लंदन के अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच आखिरी सांसे गिन रही नाजिया हसन को एक ऐसा खौफनाक और डरा देने वाला एहसास हुआ जिसने उनके रोंगटे खड़े कर दिए। उन्हें समझ आ चुका था कि उनकी बीमारी जितनी जानलेवा थी उससे कहीं ज्यादा जानलेवा वो शख्स था जो उनका पति बनकर उनके सबसे करीब बैठा था।
नाजिया ने अपनी मौत से ठीक पहले ब्रिटिश पुलिस यानी स्कॉटलैंड यारार्ड के सामने एक ऐसा लिखित और आधिकारिक बयान दर्ज कराया जिसने पूरे ब्रिटेन से लेकर पाकिस्तान के हुक्मरानों तक को हिला कर रख दिया। नाजिया ने अपने पति पर सीधे और बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा पति इश्तियाक बेग मुझे धोखे से खाने में धीरे-धीरे स्लो पोइजन यानी धीमा जहर दे रहा है ताकि मेरी इस कैंसर की बीमारी की आड़ में मेरी जान ली जा सके और मेरी करोड़ों की अकूत संपत्ति और बैंक बैलेंस पर पूरी तरह से कब्जा किया जा सके। जरा सोचिए दोस्तों, एक तड़पती हुई पत्नी का अपनी मौत के बिस्तर से दिया गया। यह बयान कितना खौफनाक था। तारीख थी 13 अगस्त साल 2000। लंदन के एक अस्पताल में महज 35 साल की बेहद कम उम्र में इस जादुई और खूबसूरत आवाज ने हमेशा हमेशा के लिए दम तोड़ दिया। चारों तरफ मातम छा गया। करोड़ों फैंस फूट-फूट कर रोने लगे। लेकिन दोस्तों, नाजिया की मौत के साथ ही यह दर्दनाक कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। बल्कि यहां से एक ऐसा कानूनी ड्रामा और बेबसी की दास्तान शुरू हुई जिसकी किसी ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी। क्योंकि नाजिया हसन ने अपनी मौत से ठीक पहले जहर दिए जाने का यह सबसे संगीन आरोप लगाया था। इसलिए ब्रिटिश कानून के मुताबिक इसे एक स्वाभाविक मौत नहीं बल्कि एक संदिग्ध हत्या का हाई प्रोफाइल मामला मान लिया गया। स्कॉटलैंड यारार्ड की पुलिस ने नाजिया के पार्थिव शरीर को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया और उनके पति के खिलाफ आपराधिक जांच के आदेश दे दिए। अब फॉरेंसिक जांच, डॉक्टरों की स्पेशल टीमों की बैठकों और दोबारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम की कानूनी पेचीदगियां और अदालती कारवाइयां इतनी लंबी, इतनी जटिल और इतनी सुस्त खींच गई दोस्तों कि नाजिया हसन की
लाश एक हफ्ता, दो हफ्ता या तीन हफ्ता नहीं बल्कि पूरे 5 महीने तक लंदन के एक बेहद ठंडे मुर्दा घर में बंद रही। जरा सोचिए करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाने वाली वो पॉप क्वीन वो मासूम लड़की न्याय के इंतजार में महीनों तक फ्रीजर की बर्फ में लावारिसों की तरह पड़ी रही। मौत के बाद भी उनकी पवित्र आत्मा और उनके शरीर को सुकून से दो गज जमीन पाने के लिए 5 महीनों का लंबा और दर्दनाक इंतजार करना पड़ा। सचमुच दोस्तों नाजिया हसन जैसी पावन कलाकार और सुरीली आवाज के साथ निजी जिंदगी से लेकर मौत के बाद तक जो क्रूर मजाक हुआ वो इतिहास के पन्नों में हमेशा एक कभी ना भूलने वाला दर्द बनकर दर्ज रहेगा। आप जैसा कोई मेरी जिंदगी में [संगीत] आए तो बात किसको दीवाने आना प्यार करें हम और तुम राज करें आओ नाजिया हसन की इस दर्दनाक दास्तान का एक ऐसा भी पन्ना है जो बहुत कम लोग जानते हैं और जो हर एक हिंदुस्तानी के दिल को पूरी तरह से झकझोर कर रख देता है। बहुत कम लोगों को यह पता है कि पूरे एशिया को अपनी धुनों पर नचाने वाली नाजिया हसन के पूर्वज और उनका खानदान मूल रूप से भारत से ही ताल्लुक रखता था। यही वजह थी कि नाजिया के दिल में भारत के लिए एक बहुत ही खास और बेहद अटूट लगाव था। उनकी यह आखिरी और दिल्ली इच्छा थी कि मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को सरहद पार ले जाकर उनकी पुरखों की मिट्टी यानी भारत में ही दफनाया जाए। वह चाहती थी कि उन्हें हिंदुस्तान की सरजमी में हमेशा के लिए सुकून की नींद मिले। लेकिन दोस्तों किस्मत का क्रूर खेल देखिए कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे आपसी मनमुटाव, राजनीतिक तनाव और कड़वाहट के चलते यह बात कभी आगे ही नहीं बढ़ पाई।
दो देशों की सियासी सरहदों और कानूनी पेचीदगियों ने एक मरती हुई कलाकार की आखिरी ख्वाहिश का भी गला घोट दिया। और आखिरकार थक हारकर उनके बेबस परिवार को उनके शरीर को लंदन की ही पराई मिट्टी में हमेशा के लिए दफनाना पड़ा। मुझे दिलचस्पी नहीं है अदाकारी से। कोई दिलचस्पी नहीं है। नहीं बिल्कुल नहीं। यह जरूर है कि मुझे अपनी एजुकेशन से बहुत लगाव। दोस्तों नाजिया हसन किसी धर्म, किसी मजहब, किसी हिंदू या मुसलमान की दीवारों में बांधने वाली कलाकार नहीं थी। वह इन सबसे कहीं ऊपर पहले एक बेहद पवित्र इंसान और एक ऐसी बेमिसाल गायिका थी जिन्होंने महज 15 साल की छोटी सी उम्र में वो सब कुछ हासिल कर लिया था जिसे पाने में बड़े से बड़े लोगों की पूरी की पूरी उम्र बीत जाती है। उनके सुरों में कोई सरहद नहीं थी। उनकी आवाज सीधे दिलों को जोड़ती थी। इसलिए दोस्तों आज हमारे चैनल बॉलीवुड बायोटाइ के माध्यम से हमारी आप सभी से हाथ जोड़कर यह विनम्र प्रार्थना है कि अगर आप भी नाजिया जी को दिल से पसंद करते थे। उनके गानों से प्यार करते थे तो उनकी इस अमर आत्मा की शांति के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में दो शब्द जरूर लिखें। हमारी ईश्वर से यही प्रार्थना है कि सूरों की इस अमर मल्लिका की आत्मा को भगवान अपने चरणों में परम शांति दे। अगर आपको सिनेमा और संगीत के इतिहास से जुड़ी यह बेहद भावुक कहानी पसंद आई हो तो वीडियो को एक लाइक जरूर करें और हमारे चैनल को तुरंत सब्सक्राइब कर लें। अपना ख्याल रखिए। धन्यवाद। [संगीत]