दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार अपनी शानदार अदाकारी के साथ-साथ निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में रहे। फिल्मी गलियारों में एक किस्सा अक्सर सुनाया जाता है कि वे देर रात तक दोस्तों के साथ महफ़िल जमाते, खाना खाते और बालकनी से हड्डियाँ नीचे फेंक देते थे।
हालांकि, इस दावे की किसी विश्वसनीय या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे एक लोकप्रिय फिल्मी किस्से के रूप में ही देखा जाना चाहिए।यह जरूर दर्ज है कि संजीव कुमार को शराब पीने की आदत थी और कई जीवनी संबंधी लेखों में इसका उल्लेख मिलता है। साथ ही, उनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास भी था।
6 नवंबर 1985 को मात्र 47 वर्ष की आयु में उनका निधन दिल का दौरापड़ने से हुआ। कई रिपोर्टों में माना गया है कि अस्वस्थ जीवनशैली और अत्यधिक शराब का सेवन उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कारकों में शामिल हो सकता है।
लेकिन उनकी मृत्यु का आधिकारिक कारण हार्ट अटैक ही दर्ज किया जाता है।संजीव कुमार ने आंधी, शोले, कोशिश, अंगूर और त्रिशूल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी। आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में गिना जाता है।