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भारत में तोड़ने की साजिश, नेपाल बॉर्डर से पकड़े गए एजेंट ने खोले राज ?

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क्या भारत को तोड़ने की साजिश रच रहा अमेरिका? नेपाल बॉर्डर से अमेरिकी एजेंट गिरफ्तार। मार्च में म्यांमार से भी पकड़ा गया था अमेरिकी एजेंट। उग्रवादी समूहों को ड्रोन हथियार की ट्रेनिंग देता था। क्या भारत को भी नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों की तरह अशांत करने की कोई साजिश रची जा रही है? क्योंकि भारत के अंदर चोरी छिपे घुसकर आए विदेशी नागरिक खासकर अमेरिकी पकड़े जा रहे हैं। अब यूपी के महाराजगंज जिले से लगे भारत नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर एक अमेरिकी नागरिक को पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। भारत की सीमाओं पर विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियां लगातार सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा रही हैं। आपको बता दें इससे पहले 13 मार्च को म्यांमार की सीमा से भी एक अमेरिकी समेत छह यूक्रेनी नागरिकों को पकड़ा गया था। उन पर आरोप है कि वह म्यांमार के उग्रवादी समूहों को ड्रोन युद्ध तथा हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे थे। जानकारी के मुताबिक सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के जवानों ने

महाराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर एक अमेरिकी नागरिक को बिना किसी वैध दस्तावेज के नेपाल भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा है। उसके पास से ना तो पासपोर्ट मिला और ना ही वीजा। पूछताछ में उसने अपना नाम जॉर्डन ब्राउन बताया। उसने दावा किया कि वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला है और उसकी उम्र 36 साल है। पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने कई ऐसे दावे किए हैं जिन्होंने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। उसने कहा कि वह अमेरिकी नेवी और स्पेशल फोर्सेस में करीब 6 साल तक कमांडो रह चुका है। उसका कहना है कि उसने 2 साल पहले नौकरी छोड़ दी थी। उसने यह भी दावा किया कि वह अब तक दुनिया के करीब 70 देशों की यात्रा कर चुका है और कई देशों में लंबे समय तक रह चुका है। जांच के दौरान उसने बताया कि भारत आने से पहले वो इंडोनेशिया के बाली में था। उसके मुताबिक वह टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था जहां उसका पासपोर्ट खो गया। इसके बाद वह श्रीलंका पहुंचा और फिर समुद्री रास्ते से भारत आया। उसने यह भी कहा कि पिछले कई हफ्तों से वह गोवा में रह रहा था और अब नेपाल बॉर्डर पर किसी दोस्त से मिलने आया था। खुफिया एजेंसियों के दोस्त का नाम पूछने पर वह नाम नहीं बता पाया। शनिवार यानी

11 जुलाई को जब वह सोनौली बॉर्डर के पिलर नंबर 516 के पास नेपाल की ओर बढ़ रहा था, तभी एसएसबी के जवानों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगी। जवानों ने उसे रोक कर पूछताछ करनी चाही। लेकिन वह अचानक खेतों की तरफ भागने लगा। इसके बाद एसएसपी ने घेराबंदी कर कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया और कंपनी मुख्यालय ले जाकर पूछताछ शुरू की। तलाशी के दौरान उसके पास से केवल एक पिट्ठू बैग, कुछ प्रोटीन पाउडर और लगभग ₹31,460 की भारतीय नगदी बरामद हुई। लेकिन उसके पास कोई पासपोर्ट, वीजा या कोई अन्य वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिला। जब अधिकारियों ने दस्तावेजों के बारे में सवाल किए तो वह लगातार गोलमोल जवाब देता रहा। पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने एक और चौंकाने वाला दावा किया। उसने कहा कि उसकी शादी उत्तराखंड की रहने वाली चेतना नाम की

एक योग प्रशिक्षक से हुई है। उसके मुताबिक 3 साल पहले दोनों की मुलाकात इटली में हुई थी। जहां से उसकी दोस्ती प्यार में बदली और अक्टूबर 2024 में उन्होंने शादी कर ली। हालांकि जांच एजेंसियां इस दावे की भी पूरी जांच कर रही हैं। उसने यह भी कहा कि उसका पासपोर्ट बेंगलुरु में रहने वाले एक परिचित के पास रखा हुआ है। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि गोवा में उसकी मुलाकात नेपाल के एक व्यक्ति से हुई थी और उसी से मिलने के लिए वह सोनौली बॉर्डर पर पहुंचा था। लेकिन जब अधिकारियों ने उस परिचित और नेपाली व्यक्ति का नाम, पता और अन्य जानकारियां पूछी तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इसी वजह से एजेंसियों का शक और गहरा हो गया है। प्राथमिक पूछताछ के बाद एसएसपी ने जॉर्डन ब्राउन को सोनौली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत बिना वैध दस्तावेज भारत में रहने और अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश का मामला दर्ज किया है। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है

और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। खुफिया एजेंसियां उसके मोबाइल यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और उसके सभी दावों की जांच में जुटी है। यह मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब कुछ महीने पहले 13 मार्च को रूस से मिली खुफिया जानकारी के बाद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू औरन वेंडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक उन पर म्यांमार के रास्ते भारत में अवैध घुसपैठ करने, उग्रवादी समूहों को ड्रोन संचालन, हथियार चलाने और सैन्य प्रशिक्षण देने का आरोप है। उस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जॉर्डन ब्राउन के मामले में अभी तक किसी आतंकी या जासूसी गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल जांच एजेंसियां उसके सभी दावों और भारत आने के उद्देश्य की जांच कर रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह सिर्फ बिना दस्तावेज भारत में रह रहा एक विदेशी नागरिक है या फिर उसकी भारत और नेपाल की यात्रा के पीछे कोई बड़ा मकसद छिपा है? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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