बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई पर l चलाने का आरोप है। अरे मार मार मार कितनी मार रहा था? अकेले सारा ग्राम का नहीं है। पूरा धीरजंग शास्त्री का हाथ है इसी में।
किसने मारी है ? भाई ने। कौन मारा? कितनी मारी है? तीन चार। कौन मारा? कितने लगे हैं आपके? आपके कितने लगे हैं? सालिग्राम के चार तीन लोग मेरे पहले घर पर आए बोला कि चलो वहां पे छोटे सरकार बुला रहे हैं शालिग्राम तो वो शालिग्राम मेरे सामने ही आ गया उसका गुंडा मेरे को पकड़ने लगा और बोले मार देंगे तेरे को पास में मत आ ठीक है मैंने मार दो क्लियर कर हड़प रहे हैं जमीन गौशाला के पास में है उनकी जमीन पंडित की किसने आपकी जमीन पे जो है कब्जा किया है।
अभी नहीं गरख दी हमने किसने अब वही मान लो धीरज महाराज हैं चाहे शालिग्राम है अब सब एक ही है तो शालिग्राम जी के बारे में हम पहले ही कह चुके 3 साल पूर्व में हमारा कोई उनसे लेना देना नहीं है वैसे भी परिवार से हमारा कोई लेना देना नहीं अगर भाई नहीं है तो वह कहां पे रहता है मतलब रहता तो उन्हीं के घर में है ना वो जो गौशाला है।
वो धीरेंद्र शास्त्री की है गौशाला तो वो जमीन जो हड़प रहे हैं वो शालीग्राम तो उन्हें क्या करना है जमीन का वो ये सब झूठ बोलते हैं कल का भी लोकेशन आ रहा है उनका कि वो खुद अपनी गाड़ी से उनको साग राम गर्भ को और जाके पन्ना में छोड़ के आए।
आपको अभी भी डर लगता है कि वो फिर से कभी भी आ हमें डर लगता है कि नींद नहीं आई हमकी आज रात भर नहीं आती है उतना जिंदा से दे गया। हम जगते सोते हैं। हम रात के जगते थे जब तक दिन में अकाल सो गया है।
आज भी मैं उनको परम पूज्य गुरु मानता हूं। हमेशा मानूंगा। सिर्फ एक बात वो अपने आप चल के जनता के सामने आकर बोल दें कि यह काम मैं खुद ही करवा रहा हूं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालीराम गर्भ पर मोतीलाल कुशवाहा पर चलाने का आरोप है।
हम जहां पर खड़े हैं वो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का कोड़ा गांव है। राजनगर थाना पड़ता है और यहां पर अब से कुछ घंटे पहले यानी कल यह आरोप है कि मोतीलाल कुशवाहा जो कि इसी गांव के रहने वाले हैं उन पर शालिग्राम गर्ग ने और उनके साथियों ने चलाई। एफआईआर दर्ज हो गई है।
मोतीलाल कुशवाहा के फिलहाल सीने में गोली धंसी हुई है। ग्वालियर में उनका इलाज चल रहा है। यही घटना स्थल है। उनके परिवार के लोग यहां मौजूद हैं। उनसे हम बात करेंगे और यह जानेंगे कि धीरेंद्र शास्त्री ने तो अपने भाई को यह कह दिया है कि वो मेरे मेरे भाई नहीं हैं। 3 साल पहले मैंने उनको उनको लेना देना मेरा उनसे नहीं है। लेकिन यहां के जो लोग हैं वह क्या आरोप लगाते हैं? यह आप जानेंगे खबरगांव की इस रिपोर्ट में।
आप बताइए आप यहां पर थे। आप पहले अपना परिचय दीजिए। कौन हैं आप? मेरा नाम अममान कुशवाहा है और ग्राम कोणा का निवासी हूं मैं। जिला चपुर मध्य प्रदेश तहसील राजनगर है मेरी थाना भी राजनगर और मोती लाल मेरे कुशवाहा मेरे भाई हैं बड़े भाई हैं तो वो लोग शालिग्राम के गुंडे चार तीन लोग मेरे पहले घर पे आए हम लोग घर पे ही थे तो उन्होंने मेरे भाई को बोला कि चलो वहां पे छोटे सरकार बुला रहे हैं शालिग्राम ठीक है तो उन्होंने वहां से मेरे भाई को जबरदस्ती मतलब पकड़ के भी लाए पकड़ने पकड़ने लगे तो कही चलो चलो कोई बात नहीं पकड़ो ना चल रहे हैं ठीक है तो वो चलने लगे तो फिर मैं थोड़ी पीछे चप्पल वगैरह पहनने लगा और थोड़ी पीछे हो गया दो मिनट पहले पीछे तो वो यहां पे लाए जब मैं वहां थोड़ी पीछे था तो मुझे मारते-पीटते नजर आए तो मैंने वहीं से उन्हें बोला कि मारो पीटो मत मतलब अपनी भाषा में उन्हें ठीक है ।
बोला तो उन लोगों ने फिर मेरे ऊपर शालिग्राम ने यहां देखा कि कुछ और लोग तो नहीं आ रहे हैं तो शालिग्राम और उसका गुंडा एक तो फिर वो मेरे तरफ भागे। यहां पे गाड़ी थी। गाड़ी से थोड़ी यहां पे गैप था तो मैं वहां था उस साइड तो वो शालिग्राम मेरे सामने ही आ गया। उसका गुंडा मेरे को पकड़ने लगा और बोले मार देंगे तेरे को। पास में मत आ। ठीक है।
मैंने मार दो । मैंने भाई मर रहा है। तो भाई भाई के काम आता है। मैंने मार दे। वो फिर उसने ऊपर किया और फिर उसने उस साइड देखा तो वो लोग मार रहे थे। एक एक आग को लपट गए। तो उसने सालग्राम ने सीधे मेरे भाई को शूट कर दिया। सीधे सो एक वहां उनके यहां भी लगी है और एक उनके यहां पे सीने में पेट में अभी है मौजूद और ग्वालियर में उनका इलाज चल रहा है।
क्या विवाद था? मुझे थोड़ा अगर समझाएं कि क्या जमीन का विवाद था? क्यों आपको लगता है कि मोतीलाल कुशवाहा जो आपके भाई हैं उनको इस तरीके से टारगेट किया गया। ये 1 महीने पहले जमीन के विवाद में गांव के पंडित लोग हैं। इनकी जमीन हड़प रहे हैं ये लोग। शालिग्राम और भी इनके साथी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का छोटा भाई है शालिग्राम।
उनके भाई ये हड़प रहे हैं। जमीन गौशाला के पास में है उनकी जमीन पंडित की। तो उस जमीन को हड़प रहे हैं। रातोंरात कब्जा कर रहे हैं। बाउंड्री वगैरह रातोंरात जीसीबी से पिलर खुद जा रहे हैं उनके। तो इस वजह के लिए इस इसी कारण वो लोग गांव के दो चार लोग और मेरा भाई आवेदन लेके वहां गए थाने कि देखिए श्रीमान यहां पे ऐसा-सा काम चल रहा है।
अवैध इसे कारवाई करें तो हम लोग वहीं थे तो फिर हम लोगों के घर पे भी उन लोगों ने कॉल किया के तुम लोग वहां कैसे गए उन्होंने दी हम लोगों को ठीक है तो हम लोग वहां से आ गए कही चलो गलती हुई नहीं जाएंगे इतनी बात है एक महीने पहले की क्या आपने आवेदन में क्या कहा था की जमीन पर जो है कब्जा ना किया जाए। हां यही आवेदन किया था कि हम कितनी जमीन है? ये जमीन है पुरखों की जमीन है।
तो उस पे अब इनका कब्जा थोड़ी होगा। जिसकी जमीन है उसी का कब्जा होना चाहिए। अभी डराधमका के बंदूक की नोक पे नशेश करके आते हैं यहां पे। हम लोगों गरीबों को डराधमकाते हैं। की देते हैं। मार देंगे। कर देंगे। बच्चों को उठा ले जाएंगे तुम्हारे। ठीक है। ऐसा कहते हैं ये लोग। शालिग्राम जी के बारे में हम पहले ही कह चुके 3 साल पूर्व में हमारा कोई उनसे लेना देना नहीं है। वैसे भी परिवार से हमारा कोई लेना देना नहीं। पूरा विश्व हमारा परिवार है।
पूरा समाज हमारा परिवार है। हम समाज के लिए सा राष्ट्र के लिए जीते हैं। सनातन के लिए जीते हैं और छतरपुर जिला और हमारा परिवार बहुत बड़ा है। तो कुछ ना कुछ यहां होता रहता। कानून दंड दें। उन पर कानूनी कारवाई हो और उन पर जो उचित से उचित दंड हो सकता है कठोर से कठोर जो करे उसको भगवान दंड दे और कानून दंड दे। यही हमारा कहना है।
शास्त्री जी कहते हैं कि मेरा भाई नहीं है ये नहीं है। ये सब कहने की बातें हैं। अगर भाई नहीं है तो वह कहां पे रहता है? मतलब रहता तो उन्हीं के घर में है ना। वो जो गौशाला है वो धीरेंद्र शास्त्री की है गौशाला।
तो वो जमीन जो हड़प रहे हैं गोशालीग्राम तो उन्हें क्या करना है उस जमीन का? हम वो क्या करेंगे उस जमीन का वो क्यों जा रहे हैं वहां पे जब उनका कुछ लेना देना नहीं है मतलब नहीं तो क्यों जा रहे हैं गौशाला क्यों जमीन हड़प रहे हैं क्यों लड़का रहे हैं मतलब कुछ होगा तभी तो ये सब कहने की बात है कि हमारा कुछ नहीं है असल में जो रहते हैं लोग हम लोग पास में ही तो हमें पता है कि क्या नाता है क्या नहीं है वो तो हम ही लोग जानेंगे ऐसे तो सब कहने की बात है कि वो उसने पहले भी यही बोला है शास्त्री जी ने और ये अब भी बोल रहे हैं वो आगे बोलते रहेंगे वो छूट दे रखे हैं कि तुम करो हम ऐसे कहते रहेंगे ये सब है यही बात सब साहब तो ये जो गौशाला है धीरेंद्र शास्त्री की आप बता रहे हैं कि उसको शालिग्राम ही उसे मैनेज करते हैं।
हां वो मतलब उसी की देखरेख वही करते हैं। धाम पे भी करते हैं। गौशाला पे भी करते हैं। और जो गुंडे लोग पाल रखे हैं वो उन्हीं का मतलब लीडर है। और गुंडे गुंडों का लीडर शालिग्राम है। मेन गुंडे जितने गुंडे हैं मेरे यहां धाम पे यहां आसपास में जितने भी गुंडे हैं इस इनका सब मेन मालिक यही शालिग्राम गर्ग है। ठीक है? इसी के इशारे पे नाते हैं। जितने यहां पे गुंडे वगैरह हैं। ये बोल देता है कि उसको उठा लो तो उसे रातोंरात ये उठा लेते हैं और उसे मरा डराधमका के और जमीन हड़पने का काम शुरू कर देते हैं लोग।
शास्त्री के भाई ना होता तो उसके कहां से Fortuner आती है? कहां से पैसा आता है? कहां से खर्चा कहां से पिस्तल खरीदता है। उसी का भाई है। वो रक्षा भर करता है कि मेरा भाई नहीं। रक्षा पूरी करता है अंधा-अंधा से। गुंडा भी पूरे वही लाता है। पूरा धीरज शास्त्री का हाथ है। इसमें अकेले सारा ग्राम का नहीं है। पूरा धीरज शास्त्री का हाथ है। इसी में आप लोग बता रहे हैं कि किसकी जमीन का आवेदन आप लोग लेकर गए थे। वह कौन है? जमीन इनकी थी। किसने आपकी जमीन पे जो है कब्जा किया है? अभी नहीं गरक दी हमने किसने? अब वही मान लो धीरज महाराज है चाहे सालग्राम है अब सब एक ही है तो चार पांच भैया हैं वे तो सब इकट्ठे रात सो मान लो उधर बना एक मकान सो सुबह आप चल के देखो ना पिलर ग हम नक्शा भी देख लो है या नहीं है।
लेकिन जबरदस्ती तो कर रहे और रात मान लो रात ही रात पिलर भर ले रहे और रात ही रात जबरदस्ती कर रहे और रात अब एक एक अब रोड डाल लो मान लो हमारे खेत में जाली लगाई रोड में कड़वे हनी मिल मान लो आप जिस आप ही के खेत है वो आप अपना अभी खेत दिखा सकते हैं अभी अब चलो हम दिखाएं जो है आपका बेटे अभी हम खाना खाते और बेटा मेरा बगल में बैठा था उत बैठा था सुबह मा से आए आए सो बोले सो हमने कुर्सी डाल दिया हमने बैठ जाओ आप सो बोले नहीं बैठना हम तीन जने आए जे सुबह मैंने वहां हचाया बच्चा को बच्चा मेरे पलवाए बोले चला चला चलो मैं उनको चिल्लाने लगी थोड़े बच्चन को के भाई को उलवा गया भाई को लुवा गया तो मैं गई सो मैं पीछे पीछे जी आगे आगे बच्चा चले गया तो दे दिखाना दे दिखाना जो लड़का बोला मेरा भाई को मार मैं घर पहुंची मैं थोड़ी बहुत ऐसे करा मैंने की बच्चा मर गया बच्चा मर गया नहा भैया वहां भया उसने बच्चा थोड़ी-थोड़ी बचाने लगे लिपट आने लगे उसने फेरंग ऐसे पेड़ पेड़ के बगल से आया ।
उसने लड़कों को फेरम कह दिया फेरम कह दिया लड़का मेरा जमीन पर गिर गया आपको क्या कहना चाहेंगे सरकार से या प्रशासन से कि किस तरीके आपको बेटे आपके बेटे को जो है क्या न्याय मिले सर यही परेशानी है कि हमें रात में डरे हमको से बोलना रात में डरे जो हमको इधर पुलिस को चाहिए जो पकड़ जो पकड़ हमारे इधर प्लस चाहिए कितने दिन यहां गुंडा पड़े हैं हजारों गुंडा पड़े हैं बाेश्वर में रिशेदारी रिशेदारी पूरे गांव में ब्रह्म लोग हैं ।
पूरे गांव में एक तरफ है 52 लोग सो हमको खतरा है तो रहने में प्रशासन तो हमारे घर पर रह गया था आपको अभी भी डर लगता है कि वो फिर से कभी भी आ सकते हैं घर में रिशेदारी है उसकी हमें डर लगता है कि नींद नहीं आई हमकी आज रात भर नहीं आती उतना जिंदा से गाली दे हम जगते सोते हैं। साले को जान से मारने में हम रात के जगते थे जब तक दिन में आकाश सो गया है। कालीग्राम गर्ग जो कैरेक्टर हैं वो पहली बार कल विवादों में नहीं घिरे। 15 जुलाई की तारीख को। इसके पहले भी मैं आपको बताऊं कि फरवरी 2023 में उनका नाम आया था। एक शादी के दौरान गढ़ा गांव था जो कि यहां से पास में ही है।
उसमें एक दलित परिवार पर उन्होंने गोली चलाई थी। फायरिंग की थी। उसका आरोप लगा था। एससी एसटी एक्ट भी लगा था। एफआईआर दर्ज की गई बाद में जमानत मिल गई। अप्रैल 2024 में सागर जिले के मुगवारी टोल प्लाजा पर भी टोलकर्मियों से मारपीट की थी। उन्होंने उसका आरोप लगा था। इस घटना में शालिग्राम गर्ग भी और उनके जो साथी थे उनके खिलाफ भी पुलिस ने जो है केस दर्ज किया था। तीसरी घटना थी दिसंबर 2024 में एक वीडियो था जिसमें शादीराम गर्ग ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से अपने संबंध को खत्म करने की बात की थी और बाद में यह कहा था कि उनका जो भी व्यक्तिगत मामला है उससे धीरेंद्र शास्त्री का कोई लेना देना नहीं है। तो ये यही बात धीरेंद्र शास्त्री ने भी कही है और यही बोला है कि हम शालिग्राम गर्ग से अपने सारे नाते तोड़ते हैं।
3 साल पहले ही हम बोल चुके थे। लेकिन जो गांव के लोग हैं उनका सीधे तौर पर आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री की शह पर यह सारी घटनाएं जो है वह हुई हैं। क्या इसी रास्ते से भागे हां वो इसी रास्ते से भागे हैं। हम लोग पीछे जब तक आए वो लोग यही इसी रास्ते से भागते रहे। हम लोग पीछे वीडियो बनाते के चक्कर में भागते रहे उन लोगों के पीछे। तो ये वो जमीन है जिसके बारे में आवेदन देने मोतीलाल कुशवाहा जब गए थे उसके बाद उनको कल 14 जुलाई को शालिग्राम गढ़ की तरफ से उनको गोली मारी गई। इसी वजह से ऐसा गांव वालों का आरोप है। यह जो पूरी जमीन है यह आसाराम पांडे और उनके परिवार की है और जिस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जो गौशाला है इससे सटी हुई धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर ही इन लोगों ने आरोप यह लगाया है कि इन्होंने इस जमीन पर नाजायज कब्जा कर लिया है और इसी को लेकर जब मोतीलाल कुशवाहा ने और भी गांव के लोगों ने जब इसके खिलाफ तहरीर देने के लिए थाने में गए तो उनको धमकाया भी गया और वह धमकी कल वहां तक पहुंची जब मोतीलाल कुशवाहा पर की गई और उनको जो है गोली मारी गई। आप देख रहे हैं जिस सड़क से हमने एंट्री की उस सड़क के बाहर जाल लगा दिया गया।
है कि अब यह लोग जो गांव के ही लोग हैं वह अपनी भी जमीन पर यहां पर आ नहीं सकते हैं। मेरी मांग सिर्फ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी से है। आज भी मैं उनको परम पूज्य गुरु मानता हूं हमेशा मानूंगा। सिर्फ एक बात वो अपने आप चल के जनता के सामने आके बोल दें कि यह काम मैं खुद ही करवा रहा हूं गुंडागर्दी या फिर यह बोल दें मतलब या फिर वह जो उनके ये हैं उनको जस्ट लोगों के सामने खड़ा कर दें कि भाई यह लोग हैं जो तुमको करना है करो। वह हाथ नहीं रख सकते ना सरकार के द्वारा ना कानून के ऊपर। वो तो कह रहे हैं कि मेरा भाई नहीं है। मैं बेदखल कर वो ये सब झूठ बोलते हैं। कल का भी लोकेशन आ रहा है उनका कि वो खुद अपनी गाड़ी से उनको साग राम गर्भ को और जाके पन्ना में छोड़ के आए। वो यहां आके भाषण देते हैं। बोलते हैं कि मतलब हम 3 साल पहले से ही उनको छोड़ चुके। हम हमारा कोई नाता नहीं है।
लेकिन हो रहा है सब धीरेंद्र शास्त्री जी के इजाजत से। बाकी और कोई इतना पावरफुल है नहीं कि मतलब कोई करवा सके आगे कोई नहीं और क्या है इसमें और बस इतना ही है कि वो तो उनका तो देश दुनिया में नाम है आपके गांव के हैं वो आपके गांव से 2 किलोमीटर कृष्ण शास्त्री जी से यही है या तो आप यह बोल दो कि सिर्फ इस संसार में हम ही रहेंगे और यह जनता नहीं रहेगी या फिर अगर जनता के हैं तो फिर वो शालिग्राम हो या अखिलेश गर्ग हो या उनके कोई भी पालतू गुंडे हो उनको कानून के हवाले करवाएं अपने हाथ से बुला के वह कानून को बुला के उनको अपने हाथ से गिरफ्तार करवाएं। तब तो हम मानते हैं कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी बाबा जी हैं। वह हम मानते हैं वह मानते रहेंगे और जनता की नजर में भी मनवाएंगे।
हम भी मानते हैं वो पूछते हैं हमारे घर में ही फोटो लगी हुई है। लेकिन अगर ये ऐसा नहीं करवाते हैं तो जरूर ये यही गुंडागर्दी करवाते हैं। साले कृष्ण शास्त्री धीरेंद्र शास्त्री सबका भविष्य बता देते हैं आंग का कि वहां ऐसा होने वाला है। इसे भूत ऐसे लगे हैं ये लगे हैं। अब तो यह बता दें वो पर्चा निकाल के साले ग्राम यहां छुपा है। पुलिस को बता दें इंक्वायरी करके कि वहां छुपा है। जाओ पकड़ लो। गोली मार गोली मारी है।
ये पहले से हम लोगों को खबर कर देते कि गोली मारने वाला है। वो तुम लोगों को तुम लोगों को नहीं मिलना कि उसे बोल देते कि तू ना आज जा आज तू वहां पे कर देगा। हैं? अब भविष्यवाणी करते हैं ना गुरु जी। बोल देते हम लोगों को या उससे बोल देते ना आने देते।
तो एक गरीब के साथ यह नहीं होता। तो इस पूरे केस में जिसमें कि मोतीलाल कुशवाहा के साथ पहले मारपीट की गई, फिर उनको गोली मारी गई। उसमें एफआईआर दर्ज जो हुई है उसमें शालिग्राम गर्ग का भी नाम है।इसके अलावा अंकित मिश्रा का नाम है जो कि कोणा गांव के ही रहने वाले हैं और एक नाम है सतीश घोषी का जो गढ़ा गांव के रहने वाले हैं। यह जो घर है यह अंकित मिश्रा का बताया जा रहा है। अंकित मिश्रा का घर है। उधर जो गेट है उस पर लिखा भी हुआ है।
नाम उनका आसपास के लोगों ने भी यही बताया कि अंकित मिश्रा का घर यही है। हम कोशिश यह करेंगे कि उनके परिवार के लोगों से अगर हम बात कर सकें। कोई हमको बताए कि कल जो मारपीट की घटना हुई थी उसको किस तरीके से ये लोग देखते हैं क्या कुछ हुआ था अगर कोई बात कर पाए तो कोई नहीं है घर में कौन सा घर है कौन सा ये ये वाला हां तो खुला है ये किससे पूछ के आए हो आप ये किससे पूछा आप पड़ोसी है हां उनको किसी को बुला दो हमसे बात करने का कन्हैया उनके घर कोई है ही नहीं। कल मारपीट हुई थी उधर। उधर मारपीट हुई थी कल।
हम तो नहीं पता नहीं। नहीं वो तो हम वो तो वहां बात कराए। उनका नाम एफआईआर में है ना इसलिए हमने कहा कि उधर बात करनी है। किसने की एफआईआर? एफआईआर पुलिस से दर्ज हुई है। राज थाने में तो किसने की? जिनको गोली लगी है लड़के को उसके परिवार। आजा अंकित मिश्रा का घर खोल अंकित मिश्रा को तो चोरी हां कोई है घर में घर में नहीं ना पापा करीब 10 मिनट से हम लोग यहां पर हैं।
पड़ोसियों से बात की उनके घर के सामने जो एक घर है वहां से एक शख्स निकले। वो अंदर गए और अंदर से 2 मिनट बाद आने के बाद बताया कि कोई घर पे है नहीं। मैंने उनके पड़ोसी से पूछा है। दो गेट हैं घर के और दोनों गेटों पर बाहर से ताला नहीं है। अंदर ही से कुंडी लगी है। लेकिन कोई खोल इस गेट को नहीं रहा है। अतुल झाना प्रभारी हैं। कहा गया कि अभी विवेचना पर गए हैं। तलाश में गए हैं। अभी तक उस घटना को 24 घंटे से ज्यादा बीत चुका है। जब हम यह रिकॉर्ड कर रहे हैं। एफआईआर के जो दर्ज होने की टाइमिंग है उसको भी करीब एक दिन बीत चुका है।
देखिए थाना राजनगरत्रा अंतर्गत जो एक अभी एक पुलिस द्वारा एफआईआर पंजीबद की गई थी 109 बीएएनएस के अंतर्गत जिसमें टोटल चार आरोपी हैं जिसमें तीन नामजद है एक अज्ञात आरोपी है उसमें से दो लोग जिसमें से एक का नाम शालिग्राम गर्ग और दूसरे का नाम अंकित मिश्रा है।
इनको पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है और पुलिस द्वारा इसमें विधिवत कारवाई की जा रही है। जो भी अपडेट पुलिस की तरफ से होगा खबरगांव आप तक पहुंचाएगा।