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अमिताभ ने हॉस्पिटल के डॉक्टर से क्यों कहा था मां को गुज़र जाने दीजिए…, जानकर रूह कांप जाएगी।

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मां को याद कर भावुक हुए बिग बी ब्लॉग के जरिए मां को किया याद सोशल मीडिया यूजर्स हुए इमोशनल आज उनकी याद में कोई फोटो नहीं क्योंकि कोई भी तस्वीर उनकी खूबसूरती के साथ न्याय नहीं कर पाती वह आज ही की सुबह अपने स्वभाव की तरह बिल्कुल शांति से गुजर गए।

मैं वहां खड़ा डॉक्टरों को बार-बार उनके नाजुक दिल को ठीक करने की हर संभव कोशिश करता देखता रहा वह बार-बार उन्हें पंप कर रहे थे ताकि उन्हें वापस जलाया जा सके हम बच्चों से लेकर सभी वहां उनका हाथ पकड़े रोते खड़े रहे फिर मैंने कहा छोड़ दीजिए ।

डॉक्टर छोड़ दीजिए उन्हें अब वह जाना चाहती हैं रुक जाइए अब और कोशिश मत करिए क्योंकि आपकी हर कोशिश उनके शरीर को तकलीफ दे रही है और हम सबके लिए उन्हें इस हालत में देखना बर्दाश्त से बाहर की बात है हर बार की मशीन पर सीधी लाइन आती और फिर से उनके शरीर को पंप किया जाने लगता जिससे वोह लकीर टेढ़ी मेढ़ी हो जाती रोक दीजिए इसे मैंने कहा सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन को इस दुनिया से गुजरे लगभग 15 साल हो गए हैं ।

लेकिन अमिताभ बच्चन की यह पोस्ट इस बात का इशारा करती है कि मां बेटे का रिश्ता कितना अटूट होता है आपको बता दें कि 21 दिसंबर 2007 को मां तेजी बच्चन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था आज उनकी पुण्य तिथि है इस मौके पर बिग बी ने मां के साथ बीते आखिरी क्षणों को याद करते हुए बेहद इमोशनल ब्लॉग शेयर किया है उनके इस ब्लॉग को पढ़कर खुद सोशल मीडिया यूजर्स भी भावुक हो गए।

अमिताभ बच्चन आगे लिखते हैं हाल ही में किसी ने अपने खास के जाने के बारे में बताया था वो एक बेहतर जगह चला गया है ऐसे शब्द हम अक्सर सुनते हैं जब किसी के निधन पर पर शांतना दी जाती है उनके माथे पर एक हाथ अस्पताल में कमरे के सन्नाटे में लाखों यादें फ्लैश हो रही थी डॉक्टरों ने हमें उनको घर ले जाने को कहा इसके बाद हम मां के शव को प्रतीक्षा लेकर आ गए घर का हॉल धोकर साफ किया क्या मां की तस्वीर उनका सुंदर चेहरा कुछ सफेद फूल और एक गहरा सन्नाटा वह आखिरी बार वहीं पड़ी रही आपको बता दें कि दिवंगत कवि हरिवंश राय बच्चन की पत्नी और अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन भारत की नामी हस्तियों में से एक थी उन्होंने बतौर सामाजिक कार्यकर्ता देश के लिए काम किया।

तेजी बच्चन का असली नाम तेजवंत कौर सूरी था 12 अगस्त 1914 को उनका जन्म ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था सिख खतरी परिवार में जन्मी तेजी ने लाहौर के खूबचंद डिग्री कॉलेज से साइकोलॉजी की पढ़ाई की थी हरिवंश राय बच्चन से उनकी पहली मुलाकात लाहौर में हुई थी जब वह एक इवेंट में प पहुंचे थे यह मुलाकात जल्द ही प्यार में बदल गई।

1941 में हरिवंश राय बच्चन और तेजी ने शादी कर ली 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद शहर में अमिताभ बच्चन का जन्म हुआ जो आज सदी के महानायक हैं 2003 में हरिवंश राय बच्चन ने दुनिया को अलविदा कहा वहीं 2007 में तेजी का भी निधन हो गया

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