अपने दौर की एक ऐसी अभिनेत्री जिन्होंने लंदन से आकर भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान बनाई और अपनी पहली ही फिल्म से भारतीय सिनेमा में अभिनय का डंका बजा दिया। हकीकत और हीर राजा जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरने वाली एक खूबसूरत अदाकारा। वैसे तो उनकी जुबान अंग्रेजी थी।
लेकिन जब वह हिंदी, पंजाबी और उर्दू बोला करती थी तो ऐसा लगता था मानो वो इसी मिट्टी की हो। लेकिन इन्होंने अपने 20 साल लंबे फिल्मी करियर में महज सात फिल्मों में ही काम किया और इसके पीछे की वजह भी बहुत ही अजीब थी। क्या आप मानेंगे कि वह उस दौर में भी इतनी ज्यादा साहसी थी कि बिना शादी किए अपने प्रेमी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी और क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि उनके प्रेमी के बेटों ने ही उनका बड़ी ही बेरहमी से कर डाला और यह गुत्थी आज भी नहीं सुलझी है।
कौन थी यह अदाकारा और कैसे इनका दर्दनाक अंत हुआ? बताएंगे सब कुछ। आप बस बने रहिए हमारे साथ हमारे चैनल वारधी मंथन पर। प्रिया राजवंश को उनके बेहतरीन अभिनय के लिए सालों तक याद रखा जाएगा। प्रिया राज ने अपने छोटे से फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक यादगार फिल्में की और बॉलीवुड में खुद को स्थापित किया। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वह पूरी जिंदगी एक जानेमाने डायरेक्टर प्रोड्यूसर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रही और आखिरकार उन्हीं के घर में उनका प्लंड हो गया।
प्रिया राजवंश की लीक से हटकर जिंदगी और फिर रहस्यमई मौत। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बॉलीवुड का शायद यह पहला मामला था जो सीधा-सीधा किसी एक्टर के का केस था। क्योंकि कोर्ट में कोई ऐसी मौत की कहानियां चर्चा का विषय इससे पहले नहीं बनी थी। जी हां, इससे पहले एक्टर डायरेक्टर गुरुदत्त साहब की बात करें या 90ज की अभिनेत्री दिव्या भारती की बात करें, जिया खान की बात करें, श्रीदेवी की बात करें, सुशांत सिंह राजपूत की बात करें, हर किसी का मामला घूम फिर कर खुद की जान लेने तक आ जाता था। लेकिन यह एक ऐसा मामला था जिसमें बार-बार बात सामने आई कि इनका प्लानिंग के तहत किया गया। यह शायद पहला ऐसा मामला था जिसे पुलिस और कोर्ट दोनों ने कत्ल माना और बकायदा कातिलों को सलाखों के पीछे जाना पड़ा। इनके बारे में पूरी जानकारी हम आपको दें। इससे पहले शुरू करते हैं कि आखिर कौन थी प्रिया राजवंश और इनका फिल्मों में आना कैसे हुआ था। प्रिया राजवंश का जन्म 30 दिसंबर 1939 को झेलम में हुआ था जो कि अब पाकिस्तान में है।
बाद में उनका परिवार शिमला शिफ्ट हो गया। उनका असली नाम वेरा सुंदर सिंह था। उनके पिता वन विभाग में काम करते थे। इनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई शिमला में ही हुई। लेकिन कुछ समय बाद उनके पिता को अपने काम की वजह से लंदन जाने का मौका मिला और फिर प्रिया भी उनके साथ लंदन चली गई। लंदन में प्रिया ने रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट से अपनी पढ़ाई पूरी की। जब प्रिया 22 साल की थी तो एक नाटक कर रही थी। इस दौरान किसी व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर खींच ली और देवानंद के भाई चेतन आनंद को भेज दी। चेतन आनंद उस दौर में एक जानेमाने निर्देशक थे और वह अपनी अगली फिल्म हकीकत के लिए एक नए चेहरे की तलाश कर रहे थे। जब चेतन आनंद ने प्रिया की तस्वीर देखी तो वह इतने ज्यादा प्रभावित हो गए कि उन्हें यह एहसास हो गया कि उन्हें अपनी अगली फिल्म की हीरोइन मिल गई।
इसके बाद चेतन आनंद ने किसी तरह प्रिया से संपर्क किया और उन्हें मुंबई आने का न्योता दिया। दोनों की मुलाकात हुई। दोनों में बातचीत हुई और फिर प्रिया ने भी इस फिल्म के लिए हामी भर दी। वहीं बॉलीवुड के कुछ जानकार यह दावा भी करते हैं कि चेतन आनंद की पत्नी उमा ने ही प्रिया को एक बार देखा था और उन्हें चेतन आनंद का विजिटिंग कार्ड दिया था और उन्हें चेतन आनंद से मिलने को कहा था। खैर कहानी जो भी हो लेकिन 1964 में रिलीज हुई फिल्म हकीकत सुपरहिट साबित हुई और इस फिल्म में प्रिया राजवंश के काम को भी काफी ज्यादा सराहा गया।
इस फिल्म के बाद ही प्रिया राजवंश स्टार बन गई थी और अगर खबरों की मानें तो इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही प्रिया राजवंश और चेतन आनंद काफी ज्यादा करीब आ गए थे और दोनों ने साथ रहने का फैसला तक कर लिया था। आपको बता दें कि चेतन आनंद पहले से ही शादीशुदा थे। लेकिन वह अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे। कहा जाता है कि प्रिया की चेतन आनंद की जिंदगी में एंट्री से पहले ही चेतन आनंद की उनकी पत्नी के साथ रिश्ते बिगड़ चुके थे और वह दोनों अलग-अलग रहने लगे थे। चेतन आनंद के दो बेटे उनकी मां के साथ रहा करते थे। लेकिन वह पिता के साथ रहकर उनका काम भी सीख रहे थे। 70 के दशक के आसपास प्रिया राजवंश और चेतन आनंद लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। उस दौर में इस तरह के रिश्ते को स्वीकार करना समाज के लिए बहुत ही बड़ी बात होती थी।
धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को भी इन दोनों के साथ रहने के बारे में पता चलने लगा और तो और यह दोनों कई पार्टीज में भी एक साथ नजर आने लगे। फिल्म उद्योग से जुड़े हुए कई कार्यक्रमों में एक साथ नजर आते थे और ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री के लोग इन्हें पति-पत्नी के तौर पर देखने लगे। 1970 में आई हीर राजा फिल्म ने प्रिया राजवंश को इंडस्ट्री की उस पोजीशन पर लाकर खड़ा कर दिया जहां उस दौर की टॉप की हीरोइंस हुआ करती थी। प्रिया राजवंश काफी ज्यादा खूबसूरत थी और उनका अभिनय भी काफी ज्यादा दमदार था।
लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने करियर में सिर्फ सात फिल्मों में काम किया। इसकी वजह थी चेतन आनंद। चेतन आनंद बिल्कुल नहीं चाहते थे कि [संगीत] प्रिया राजवंश उनके अलावा किसी और फिल्म में काम करें। प्रिया राजवंश भी अपने प्यार के प्रति इतनी ज्यादा कमिटेड थी कि उन्होंने अपने पति के बैनर तले ही काम किया और किसी दूसरे बैनर तले कभी काम ही नहीं किया। 1973 में चेतन आनंद ने प्रिया राजवंश को लेकर दो फिल्में रिलीज की। पहली थी हिंदुस्तान की कसम जिसे अमिताभ बच्चन की शुरुआती फिल्म भी कहा जाता है।
इसी साल एक और फिल्म आई जिसका नाम था हंसते जख्म। यह फिल्म काफी ज्यादा हिट रही थी और इस फिल्म ने प्रिया राजवंश को [संगीत] भारतीय सिनेमा में एक सीरियस अभिनेत्री का तमका दिला दिया। साल 1977 में देवांद के साथ उन्होंने एक फिल्म की जिसका नाम था साहिब बहादुर। यह फिल्म भी चेतन आनंद ही डायरेक्ट कर रहे थे। यह फिल्म भी ठीक-ठाक चली और इस फिल्म में भी प्रिया राजवंश के अभिनय को काफी ज्यादा सराहा गया। साल 1981 में आई फिल्म कुदरत में प्रिया राजवंश की बढ़ती उम्र साफ दिखाई दे रही थी।
लेकिन फिर भी उनके अभिनय की काफी ज्यादा सराहना की गई। साल 1986 में जब चेतन आनंद ने अपनी आखिरी फिल्म हाथों की लकीरें बनाई तो इसमें भी प्रिया राजवंश शामिल थी। हालांकि उस फिल्म में इनके साथ जीनत अमान भी थी।
लेकिन फिर भी लोग प्रिया राजवंश की खूबसूरती और उनके अभिनय की तारीफ किए बगैर नहीं रह सके। प्रिया और चेतन आनंद करीब 26 साल तक एक साथ रहे। लेकिन इन दोनों ने कभी शादी नहीं की। कहा जाता है कि चेतन आनंद प्रिया को इस कदर चाहते थे कि उन्होंने बंबई के जूहू में एक शानदार बंगला खरीदा और उसे प्रिया राजवंश को गिफ्ट के तौर पर दिया था। इस बंगले का नाम था रुया पार्क बंगला। दोनों की जिंदगी काफी ज्यादा खुशहाल बीत रही थी। लेकिन मामला तब बिगड़ा जब चेतन आनंद ने अपने जीते जी अपनी वसीयत लिखी और उसमें अपने दोनों बेटों के साथ-साथ प्रिया राजवंश को भी उनका हिस्सा दे दिया