दोस्तों उज्जवल शर्मा नहीं संिता के मां-बाप हैं संिता के असली गुनहगार। खुला सबसे बड़ा राज। एक ऐसा राज जिसके सामने आने से हैरान हो गया है हर कोई। क्या है वो राज और क्यों है चुप मां-बाप? सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश। चलिए पूरी खबर हम आपको हमारी इस रिपोर्ट में बताएंगे। लेकिन अगर नहीं किया है दोस्तों संजिता 22 साल की उम्र में 14 जून को दुनिया छोड़कर चली जाती हैं। सबके ज़हन में एक सवाल कि आखिर इतनी कम उम्र में लड़की ने अपनी जान क्यों दे दी? शक सीधा कोस्टार उज्जवल शर्मा पर जाता है जो संचिता के लास्ट बॉयफ्रेंड थे। जी हां, है नहीं थे क्योंकि ब्रेकअप हो चुका था पहले ही और ब्रेकअप के बाद ही टूटी थी संचिता। लेकिन कहानी सिर्फ उतनी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। कहानी बहुत गहरी है दोस्तों। असल में संचिता पहले किसी और से प्यार करती थी और दिसंबर में ही संचिता का उस एक्टर से ब्रेकअप हुआ था। वो एक्टर बॉलीवुड का जाना माना नाम है और ऐसे में संचिता उससे ब्रेकअप के बाद टूट गई थी और उसके बाद संचिता की जिंदगी में उज्जवल आया था।
संचिता ऑलरेडी परेशान थी। संचिता ऑलरेडी एक ब्रेकअप का दर्द झेल रही थी। लेकिन अकेलापन संचिता से बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था। क्यों? क्योंकि उस लड़के की जिंदगी में कोई दूसरी लड़की आ चुकी थी। वो दिसंबर 2025 का समय था। लेकिन जनवरी में यहां पर संचिता की मुलाकात हुई उज्जवल शर्मा से। संचिता ने पहल नहीं की थी उज्जवल के साथ। वो उज्जवल ही था जो संचिता को सेट पर टुकुर टुकुर देखा करता था।
संचिता ने पूछ ही लिया कि आखिर तुम मुझे ऐसे क्यों देखते रहते हो? तो उज्जवल ने बोला कि मुझे तुम पसंद आ गई हो। जिसके बाद इनका रिश्ता परवान चढ़ा। इन दोनों के बीच में मोहब्बत का आगाज शुरू हुआ। आगाज गहरा था क्योंकि रिश्ता लिव इन रिलेशनशिप तक पहुंच चुका था। दोनों साथ में जीने मरने की कसमें खा चुके थे। संचिता को लगने लगा था कि प्यार जिंदगी में एक बार फिर से दस्तक दे चुका है। लेकिन संचिता अभी भी अपने पुराने बॉयफ्रेंड को पूरी तरीके से भूल नहीं पाई थी। और ऐसे में यहां पर उज्जवल ने संचिता से पैसों की भी मदद ली।
संचिता ने बिना कुछ कहे तकरीबन 60 से 70 उज्जवल को दे तो दिए पर देने के बाद कहीं ना कहीं इन दोनों के बीच में पैसों को लेकर लड़ाईयां शुरू हुई और फिर हुआ ब्रेकअप। उज्जवल ने भी संचिता को छोड़ दिया। संचिता लगातार काम करती रही। सेट पर जाती रही। डिप्रेशन में वह जा रही थी। वो एंजायटी की गोलियां ले रही थी और मां-बाप मां-बाप यह सारी बातें जानते थे। मां-बाप को पता था कि उनकी 22 साल की बेटी में है। मां-बाप यह पूरी सच्चाई जानते थे कि संचिता ठीक नहीं है। और ऐसे में आपको बता दें संचिता को छोड़कर चला गया उज्जवल।
लिविंग रिलेशनशिप भी खत्म हो गया। लेकिन उज्जवल के लिए संचिता मां-बाप से लड़ी थी। और यही वजह है कि मां-बाप ने फिर संचिता की ओर मुड़कर देखने की कोशिश नहीं की। लेकिन यहां पर संचिता के जाने के बाद जिस तरीके से संचिता के मां-बाप चुप हैं। संचिता के घर वाले देखा जाए तो जिस तरीके से इंटरव्यूज दे रहे हैं और जिस तरीके से बातें कर रहे हैं, वह सबको चौंकाने वाली लग रही है। क्योंकि सबके ज़हन में यही सवाल है कि आखिर यह लोग इस तरीके से कैसे बोल पा रहे हैं।
लेकिन सच्चाई तो यह है दोस्तों कि बेचारी संचिता अकेलेपन की जंग अकेले ही लड़ रही थी। मां-बाप ने भी साथ छोड़ दिया था। हां, बेटी होने का फर्ज संचिता निभा रही थी। मां-बाप के लिए महीने का खर्च भेजती थी। कुछ पैसे वह जरूर भेजती थी। वहां दूसरी तरफ उज्जवल उसको लगातार टॉर्चर कर रहा था। मां-बाप जो अब यह बोल रहे हैं कि उस पर पैसों का प्रेशर था, उसके ऊपर इंडस्ट्री का प्रेशर था। जो दोस्त अब बोल रहे हैं कि उसके ऊपर इंडस्ट्री का प्रेशर था।
उसके ऊपर कई चीजों का प्रेशर था, वह परेशान थी। आखिर वह दोस्त पहले कहां खो गए थे? वो पहले क्यों चुप थे? क्यों संचिता को अकेले मरने के लिए छोड़ दिया गया? और जब मां-बाप यह भी जानते थे कि संचिता दिमागी तौर से एंजायटी की पेशेंट बन चुकी है और नींद की गोलियां लेने के बावजूद भी वह नहीं सो रही है और लगातार काम कर रही है तो आखिर कौन परेशान बीमार नहीं होगा। उसकी क्रिएटिविटी खत्म होती जा रही थी। पर फिर भी मां-बाप ने या कोएक्टर्स ने उसकी कोई मदद नहीं की। जिससे यह साफ हो जाता है कि अगर मां-बाप समय रहते संचिता के लिए आगे आते, उसका साथ देते, उसकी मदद करते, उसको से बाहर निकालते तो शायद आज संचिता हमारे बीच जिंदा होती। लेकिन मां-बाप ने यह जरूरी समझा ही नहीं।
22 साल की लड़की को अकेले छोड़ दिया दर्द से लड़ने के लिए, मुंबई की माया नगरी से लड़ने के लिए। दोस्तों आपको क्या लगता है? क्या जिसने अपनी बेटी को खोया हो उसको इस तरीके से चुप बैठना चाहिए? जब को एक्टर्स आकर बोल रहे हैं तो क्या कारवाही करनी नहीं चाहिए। क्यों नहीं कर रहे हैं मां-बाप कारवाही? इसके पीछे भी यही राज है क्योंकि अगर कारवाही होगी तो असलियत सामने आएगी और मां-बाप को अभी भी कहीं ना कहीं इस बात का डर सता रहा है कि यह इस बात सामने आ गई कि हमारी बेटी एक लड़के के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी और उससे पहले भी एक लड़के के साथ सब कुछ कर चुकी थी। जबकि उसकी उम्र सिर्फ 22 साल थी तो हमारी जमाने में कितनी थूथू होगी। आज भी मां-बाप कहीं ना कहीं अपनी बदनामी से ही डर रहे हैं।
वरना अभी तक संचिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं सामने आई? क्यों? इस केस को लेकर मां-बाप सड़कों पर नहीं बैठ रहे हैं और सीबीआई जांच की मांग नहीं कर रहे हैं। क्योंकि मां-बाप यह चाहते हैं कि केस को धीरे-धीरे दबा ही दिया जाए। जो जाने वाला था वह जा चुका है और उसकी चीजों को कुरेद कर कुछ नहीं मिलेगा। लेकिन यहां पर कहीं ना कहीं गलत सिर्फ संचिता ही नहीं थी। गलत वो मां-बाप भी थे जिन्होंने संचिता को अकेले छोड़ा। उसको लिमिन रिलेशनशिप में रहने दिया और जब वो टूटने लगी, बिखरने लगी तो उसके लिए आगे नहीं आए।