हाउ यू गो बैक टू द यूनाइटेड स्टेट्स? हु सेड? फ्रांस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक एक पत्रकार खड़ा हुआ और सिर्फ 10 सेकंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का बुरा हाल कर दिया। अमेरिका के लोगों का मानना है कि ईरान के साथ जब समझौता करना ही था तो फिर क्यों की? समझौता भी ऐसा जिसमें ईरान को बहुत ज्यादा नुकसान होता नहीं दिख रहा।
इसी दर्द को लिए अमेरिकी पत्रकार ने डोनाल्ड ट्रंप से सवाल पूछने के लिए हाथ खड़ा कर दिया। लेकिन इसके बाद इस पत्रकार ने ऐसा खेल किया जिसे शुरुआत में ना तो डोन्ड ट्रंप समझ पाए और ना ही वहां मौजूद किसी व्यक्ति को यह अंदाजा था कि यहां क्या होने वाला है। इस पत्रकार को ऐसा सवाल पूछने के लिए चालाकी का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। इस वीडियो की शुरुआत इसी पत्रकार के सवाल से करेंगे।
लेकिन उसके बाद आपको इससे भी बड़ा धमाका दिखाएंगे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने याहू ने सफेद कमीज में बैठे इस शख्स से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग उसी वक्त हुई जब डोन्ड ट्रंप ईरान के साथ डील साइन कर रहे थे। यह क्या बवाल है वो आपको आगे दिखाएंगे। लेकिन पहले इस पत्रकार की कलाकारी तो देख लीजिए।
दरअसल इस पत्रकार ने सवाल पूछने से पहले डॉनल्ड ट्रंप को बताया कि 2020 में एक समझदार व्यक्ति ने कहा था कि ईरान कभी युद्ध नहीं जीतता लेकिन ईरान को कोई नेगोशिएशन में नहीं हरा सकता। यह सुनने के बाद डॉन्ड ट्रंप ने पत्रकार से पूछा कि ऐसा किस महान व्यक्ति ने कहा था। इसके बाद इस पत्रकार ने कहा कि 2020 में आपने ही यह बयान दिया था। पत्रकार की यह बात सुनकर डॉनल्ड ट्रंप झेब गए। उन्होंने कहा कि मुझे पता था कि तुम यही बोलोगे। दरअसल इस पत्रकार ने डॉनल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि आप ही ने 2020 में कहा था कि ईरान नेगोशिएशन में नहीं हारता। इस बार जो आपने डील साइन की है उसमें भी ईरान ही जीतता दिख रहा है। आइए सबसे पहले देखिए कि यहां पर क्या हुआ। उसके बाद आपको दिखाएंगे कि नितिन याू किसकी फील्डिंग सेट करने में लगे हैं। अ वाइस मैन वंस सेड इन जनवरी ऑफ़ 2020, अ रैन नेवर वान अ वॉर, बट नेवर लॉस्ट इन नेगोशिएशन।
हुड डोनल्ड ट्रंप यू गो बैक टू द यूनाइटेड स्टेट्स एंड कन्विंस अमेरिकन पब्लिक। बहरहाल डॉन्ड ट्रंप ने ईरान के साथ डील साइन की। उसी वक्त बेंजामिन नितिन याहू ने मोसाद के नए चीफ रोमन गोफमैन के साथ अपनी पहली आधिकारिक पर्सनल मीटिंग की। यह पहली आधिकारिक पर्सनल मीटिंग इसलिए है क्योंकि रोमन गोफमैन 2 जून को ही मोसाद के नए चीफ बने हैं। नेतन याहू ने लिखा कि इन अ वर्क मीटिंग विद द हेड ऑफ मोसाद। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह से डोन्ड ट्रंप ने अपनी मनमर्जी के साथ ईरान पर हमला किया। अपनी ही मनमर्जी के साथ उसे खत्म कर दिया।
इजराइल को गालियां दी। इजराइल को यहां तक बोल दिया कि अमेरिका के बिना इजराइल कुछ नहीं है। इन सभी घटनाओं के बाद नेतन याू ने मोसाद चीफ से एक बड़ी मुलाकात की है। नेतन याू का मोसाद से मिलना बता रहा है कि आने वाले दिनों में बहुत बड़ा खेल होने वाला है। यह खेल अमेरिका में भी हो सकता है।