एमबीबीएस की स्टूडेंट सेजल पवार ने जो बातें कही एक वायरल वीडियो जो चल रहा है उसके बारे में आखिर केएम हॉस्पिटल सिविक अथॉरिटीज हेल्थ कमेटी इन लोग का क्या कहना है आइए जानते हैं हेल्थ कमेटी के चेयरमैन इस वक्त हमारे साथ हैं सर आपका आप लोग ने भी देखा होगा वो वीडियो क्या कहना है कैसे है सरकारी संस्थाएं सामाजिक संस्थाएं और विभिन्न संस्थाएं अवयव अवयव दाम जिसको ऑर्गन डोनेशन बोलते हैं।
इसके विषय में जागरूकता लाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे रहे हैं और जो भविष्य है भविष्य में डॉक्टर बनने वाले हैं और एक समाज को जान बचाने के लिए और दिशा देने का काम करने वाले रहते हैं और यह विषय और बोलना यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी कड़े तौर पर मैं निंदा करता हूं और हमने प्रशासन को आदेश भी दिए हैं कि इसकी इंक्वायरी की जाए और सख्त से सख्त उसको कारवाई भी की जाए।
सर एक इंक्वायरी ऑलरेडी चल रही है। दो डॉक्टर्स की कमेटी है। अब लेकिन एक स्टूडेंट के ऊपर क्यों जिसने माफी मांग ली है क्या उसके ऊपर फिर भी सख्त कारवाई करनी है? नहीं कैसे है कि ये अगर हम नहीं करेंगे तो दूसरे को हम कैसे करने के लिए रोक पाएंगे? यह भी विषय है ना क्योंकि दिनरा हम ऑर्गन एक ऑर्गन जब आदमी देता है तभी तीन से चार लोगों की जान बचती है और ये एक भावनात्मक विषय है।
तो कुछ तो कारवाई तो होनी चाहिए। ओके सर अभी कुछ यूबीटी के भी लोग आए थे। वो कह रहे थे कि एक इंडिपेंडेंट इंक्वायरी की बात कर रहे थे। क्या आपको लगता है एक और एक इंक्वायरी होनी चाहिए? नहीं कैसे है कि हमने प्रशासन के ऊपर विश्वास रखना चाहिए और दो जन की इंक्वायरी ऑलरेडी चल रही है। तो वो इंक्वायरी कब तक रिपोर्ट आ जाएगा सर? मैंने तो कहा कि दो दिन में मुझे बता दीजिए। तो वो रिपोर्ट के ऊपर क्या किस तरह की कारवाई की मांग आप लोग कर रहे हैं? वो इंक्वायरी पहले आने दीजिए।
उसके बाद में हम देखेंगे। केईएम की मेडिकल स्टूडेंट सेजल पवार ने जिस तरह से वक्तव्य किया था उसके ऊपर काफी ज्यादा विरोध आक्रोश लोगों के बीच में है। इस वक्त हमारे साथ यूबीटी के नेता हैं। आइए इनसे बात करते हैं। आप लोग यहां प्रोटेस्ट क्यों करने का प्लान कर रहे हैं? देखो आपको मालूम पड़ा डॉक्टर शैजल पवार करके डॉक्टर नहीं स्टूडेंट स्टूडेंट स्टूडेंट शैजल पवार जो थर्ड ईयर एमबीबीएस में यहां पे पढ़ाई कर रही है उनका कल वक्तव्य मुझे देखने को मिला Instagram स्टोरी पे कि उन्होंने मतलब एकदम हिंद दर्जा का वक्तव्य है जो यहां पे मैं ऑन द रिकॉर्ड बोल भी नहीं सकता हूं।
केएम हॉस्पिटल ने लाखों लोगों को जीवदान देने का काम किया है। यह हमारे लिए भगवान की तरह है हॉस्पिटल और एक हॉस्पिटल की स्टूडेंट अगर ऐसे हिंद दर्जा की अगर बात करेगी तो उसका निषेध हम लोग करते हैं। आज दोपहर को हम लोग यहां पे हमारी महिला आगाड़ी हमारे अपोजिशन लीडर कॉरपोरेशन के किशोरी ताई पेननेकर के नेतृत्व में यहां पे प्रोटेस्ट करेगी। यहां से प्रशासन से बात करेगी। उनके ऊपर कारवाई की मांग करेंगी। अगर कारवाई नहीं होती है ।
तो 22 तारीख से कॉरपोरेशन चालू हो रहा है। कॉरपोरेशन में हम लोग इसका मुद्दा उठाएंगे। 22 तारीख से अधिवेशन चालू हो रहा है विधानसभा का। विधानसभा का अधिवेशन भी हमारे एमएलए यहां का मुद्दा उठाएंगे। सर लेकिन माफी मांग चुकी है वो लड़की। अपना पूरा डिलीट कर चुकी है। काम एक एक किसी को छात्रा है आफ्टर ऑल यंग लड़की देखो देखो मेरी बात क्या है कि कल उठके एक एग्जांपल सेट हो जाएगा अगर आज अगर गुनाह करके अगर माफी मांग के अगर छुट्टी मिलती है क्योंकि उसका एक पोस्ट नहीं था चार पांच वीडियो है। मतलब एक आदमी लगातार गलती करे और गलती करने के बाद एक माफीनामा देके अगर छूट जाए तो आगे के स्टूडेंट क्या आदर्श लेंगे?
कल उठके अगर किसी स्टूडेंट ने ऐसी गलती की तो हम लोग कैसे उसके पास शिक्षा की अपेक्षा कर सकते हैं? वो बोलेगी कि वो टाइम पे जो हुआ वही एग्जांपल सेट हुआ है तो हमको भी माफी दे दो। सर लेकिन यहां पे अगर आप देखें तो इंक्वायरी ऑलरेडी चल रही है। ये लोग कह रहे हैं कि कल तक में तो क्या आप आज क्यों प्रोटेस्ट कर रहे हैं? कल तक रिपोर्ट आएगा।
अगर हार्ज कमेंट नहीं लेंगे। देखो हम लोग वही बात कर रहे हैं। अस्पताल है आप हम लोग हम लोग प्रोटेस्ट मतलब हम लोग कुछ परेशान नहीं करने वाले। हम लोग जाके मिलने वाले हैं प्रशासन से और प्रशासन से मिलके हम लोग यही बात करने वाले हैं कि न्यूट्रल इसका परीक्षण हो जाए और जो कुछ दोषी है।
उनके ऊपर कारवाई होनी चाहिए। तो स्ट्रांग कारवाई की बात कर रहे हैं। अभी हम लोग अंदर जाके देखेंगे कि प्रशासन क्या कारवाई कर रहा है। अगर प्रशासन जो कारवाई कर रहा है वो वो अगर अच्छी रहेगी तो उस मतलब जस्टिफाइड रहेगी तो हम लोग सेटिस्फेक्शन हो के फिर बात करेंगे। हम लोग को केएम हॉस्पिटल सफर करना नहीं है। लेकिन केईएम हॉस्पिटल की जो बदनामी हो रही है वो बदनामी हम लोग सहन नहीं कर सकते और उन्होंने जो ह्यूमन बॉडी की जो बदनामी की है वो भी हम लोग सहन नहीं कर सकते हैं। क्योंकि केईएम देखो लाखों लोगों को जीवन दान देने वाला हॉस्पिटल है।
सोमवार का यहां का ओपीडी 8000 है। देश से यहां पे लोग आते हैं। अगर स्टूडेंट ऐसी बात करेंगे तो फिर आगे लोगों में क्या मैसेज जाएगा? तो जैसे आपने सुना कि यह स्ट्रांग मैसेज करने की बात कहने की बात कर रहे हैं। हालांकि एक कमेटी बिठा दी गई है कमेटी के रिपोर्ट भी लेकिन ये जो यूबीटी के नेता हैं वह अपनी तरफ से चाहते हैं कि प्रशासन सख्त से सख्त कदम उठाए ताकि इस तरह का कोई रेपेटीशन फिर से ना हो। कैमरामैन किरण सपकाल के साथ विद्या मुंबई आज तक।