कत्ल के एक मुजरिम को अदालत उम्र कैद की सजा सुनाती है। मगर वह सजा के बीच ही पेरोल पर जेल से भाग जाता है। इसके बाद पूरे 12 साल बीत जाते हैं। वो पुलिस के हाथ नहीं लगता। हालांकि इस दौरान वह छुपता नहीं है बल्कि मुंबई में बड़े-बड़े सितारों के साथ फिल्मों की शूटिंग कर रहा होता है।
2018 में एक फिल्म आई थी ठग्स ऑफ हिंदुस्तान। बड़े बजट की इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और आमिर खान जैसे बड़े सितारे थे। हालांकि येफिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं कर पाई।
पर जब यह फिल्म बनी तब खुद इस फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और यहां तक कि अमिताभ बच्चन और [संगीत] आमिर खान तक को यह पता नहीं था कि ठग्स ऑफ हिंदुस्तान में सचमुच का एक ठग काम कर रहा है। इस फिल्म के 4 साल बाद रणवीर सिंह और बोमन ईरानी स्टारर एक और फिल्म जयेश भाई जोरदार आई।
2022 में आई इस फिल्म में भी वो ठग काम कर रहा था। पर किसी को उसके बारे में जरा भी भनक नहीं लगी। 2025 में एक और फिल्म आई मेट्रो इन दिनों आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान और पंकज त्रिपाठी जैसे स्टार के साथ बनी इस फिल्म के गाने काफी मशहूर हुए। डायरेक्टर अनुराग बासू की इस फिल्म में भी वो ठग काम कर रहा था। पर क्या मजाक जो कोई उसकी असलियत जान पाता। उसी साल यानी 2025 में साउथ के दिग्गज सुपरस्टार मोहनलाल कीएक फिल्म आई एल टू एम पुराना।
इस फिल्म में भी वो ठग मौजूद था पर कोई उसकी [संगीत] असलियत पहचान नहीं पाया। यकीन मानिए नटवर लाल जिंदा होता तो खुद उसका फैन हो जाता। फिल्मी पर्दे और वेब सीरीज के जरिए इस अदाकार [संगीत] को देश भर में करोड़ों लोगों ने देखा होगा। पर इन करोड़ों निगाहों से गुजरने के बावजूद गुरुवार 21 मई से पहले खुद अहमदाबाद पुलिस की नजरें कभी इसे पहचान नहीं पाई। इस ठग अदाकार की तारीफ तो बहुत हो गई। अब तारुफ भी करा देते हैं।इनका पहला नाम है हेमंत नगीन दास पुरुषोत्तम दास मोदी। इनका दूसरा और छोटा नाम है हेमंत मोदी।
तीसरा नाम है स्पंदन मोदी। और इनका फिल्मी नाम है ट्विंकल द वे। इतने नामों वाला यह शख्स, इतने फिल्मी चेहरों वाला यह शख्स जानते हैं है कौन? एक कातिल जिसे कत्ल के इल्जाम में 18 साल पहले उम्र कैद की सजा हुई थी। लेकिन सजा पूरी करने से पहले ही वो जेल से ऐसा भागा कि अहमदाबाद पुलिस उसे ढूंढ ही नहीं पाई। और कमाल यह कि वो छुपा भी नहीं। बल्कि फिल्मी पर्दों और टीवी के पर्दों पर बार-बार अपना चेहरा अलग-अलग किरदारों में दिखाता रहा। पर कोई उसे पहचान ही नहीं पाया। कल अहमदाबाद ब्रांच ने एक हेमंत नंगी दास मोदी करके 12 साल से पैरल जंप आरोपी को अहमदाबाद से पकड़ा पड़ा है। पकड़ डाला है।
उसमें रियलिटी ये है कि वो 2000 पांच में अहमदाबाद के मर्डर में के केस में उसे सजा हुई थी। उसके बाद वो 2014 तक जेल में थे। बाद में वहां से पैरल जंप हुआ। पेरल जंप के बाद 12 साल से वो वांटेड था। तो डीसीपी साहब से इस ठकी जिंदगी की झलकियां तो आपने सुन ली। अब चलिए पूरी फिल्म दिखाता हूं। बात 2005 की है। तब हेमंत मोदी अहमदाबाद में रहा करता था। कॉलेज में पढ़ रहा था। जर्नलिस्ट बनना चाहता था।
कुछ दिक्कतें आई तो वकील बनने की सोची। पर इत्तेफाक से इसी दौरान नरेंद्र उर्फ़ नानो यशवंत कामले नाम के एक शख्स से झगड़ा हो गया। इस झगड़े के दौरान हेमंत मोदी, उसके भाई सचिन मोदी और पांच दूसरे लोगों ने नरेंद्र का कत्ल कर दिया।
बाद में सातों पकड़े गए। 27 अगस्त 2008 को अहमदाबाद की एक अदालत ने नरेंद्र के कत्ल के इल्जाम में हेमंत समेत सभी सात आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुना दी। इन सभी को अहमदाबाद के ही साबरमती जेल भेज दिया गया। बाद में वहां से इनको महसाना जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद हेमंत मोदी कैदी नंबर 31146 बन गया। जेल गए हुए अब सभी आरोपी को 9 साल हो चुके थे। 9 साल जेल में रहने के बाद 25 जुलाई 2014 को गुजरात हाईकोर्ट ने हेमंत मोदी को 30 दिनों की पेरोल पर रिहा कर दिया। बस यहीं से हेमंत की असली कहानी शुरू होती है।
24 अगस्त 2014 को पेरोल खत्म होते ही हेमंत को वापस जेल लौटना था। लेकिन वो जेल लौटा ही नहीं। उसकी तलाश के बाद अहमदाबाद पुलिस ने हेमंत को जेल जंपर करार देते हुए उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। अब हेमंत की तलाश शुरू हुई लेकिन वो पुलिस को मिला ही नहीं। धीरे-धीरे वक्त बीतता गया और पुलिस भी उसे भुलाती गई। हेमंत को जेल से पेरोल पर भागे अब 12 साल हो चुके थे। 2026 आ चुका था।
तभी 21 मई 2026 यानी गुरुवार के दिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक मुखबिर से एक खबर मिलती है। खबर यह कि पिछले 12 साल से फरार उम्र कैद की सजा पाया एक कैदी अहमदाबाद में एक घर में छुपा है। मुखबिर की खबर पर पुलिस ने उस घर में दबिश दी और घर में मौजूद एक शख्स को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ और उसकी पुरानी तस्वीरों से उसके नए हुलिए का जब मिलान किया गया तो सारी सच्चाई सामने आ गई। हिरासत में लिया गया शख्स कोई और नहीं। 12 साल पहले जेल से भागा उम्र कैद की सजा पाने वाला हेमंत मोदी था।
जिसका अब नया नाम था ट्विंकल दवे। ट्विंकल दवे करके उसने अपना नाम रखा था। उसके बाद उसने मुंबई में और अहमदाबाद में अलग-अलग सीरियल और फिल्मों में काम किया था। जेल से भागने के बाद हेमंत ने अपना पूरा हुलिया बदल लिया था ताकि कोई उसे पहचान ना पाए। धीरे-धीरे उसे फिल्में मिलने लगी और फिल्मों के साथ-साथ अब वो वेब सीरीज में भी काम करने लगा। उस आरोपी ने अपनी 12 साल की जो वांटेड रहा तब तक फिल्म इंडस्ट्रीज में खुद का अलग-अलग रोल निभाया है। वैसे भी सोशल मीडिया पे बहुत खुद के रोल किया है।
वेब सीरीज पे भी उसी की बहुत सीरीज रिलीज हुई है। इस दरमियान हमें अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को कल बातमी मिली कि एक वांटेड आरोपी अहमदाबाद में आया हुआ है। तो कल हमारी ब्रांच ने उसे अहमदाबाद से पकड़ पाया। अबकि 12 साल बीत चुके थे। नाम, हुलिया, शकल सब कुछ बदल चुका था। लिहाजा हेमंत को लगा कि अब पुलिस उसे कभी पकड़ नहीं पाएगी। इसी के बाद वो कुछ दिन पहले अहमदाबाद आया। लेकिन अहमदाबाद में जहां वो रुका वहां एक शख्स उसे देखकर पहचान गया और उसी ने पुलिस को खबर दी।
यानी कायदे से अगर वो गुमनाम शख्स उसे नहीं पहचानता तो पुलिस कभी इस ठग ऑफ हिंदुस्तान को पकड़ ही नहीं पाती। इस कहानी का एक दूसरा पहलू यह है कि हेमंत के भाई समेत बाकी जिन छह लोगों को उम्र कैद की सजा मिली थी, वह सभी अपनी-अपनी सजा पूरी कर अब एक आजाद जिंदगी जी रहे हैं। लेकिन हेमंत को अब अपनी बाकी की सजा काटने के लिए वापस जेल जाना होगा। क्या पता इतनी फिल्मों और वेब सीरीज में काम कर चुके हेमंत मोदी पर अब कोई फिल्म बन जाए।