दिल्ली एनसीआर से लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बारिश, आंधी और मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष मौसम रिपोर्ट आपको बताते हैं। देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक से करवट ले ली है। राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर में 4 जून की दोपहर ऐसा मौसम देखने को मिला जिसने लोगों को हैरान कर दिया।
वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी प्री मानसून गतिविधियां अब तेज हो गई है। कई इलाकों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई है। सबसे पहले बात करते हैं दिल्ली एनसीआर की जहां राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। तेज धूल भरी आंधी चलने लगी। कुछ ही मिनटों में आसमान पर धूल की मोटी परत छा गई।
स्थिति ऐसी हो गई कि दिल्ली में ही रात जैसा अंधेरा दिखाई देने लगा। कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। वाहन चालकों को दिन के समय अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ी। आंधी के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। मालवीय नगर फिल्म सिटी सेक्टर 44 नोएडा नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ भी गिरे हैं। कुछ वाहनों को नुकसान भी पहुंचा है।
दिल्ली के फिल्म सिटी में कई पेड़ टूटकर कारों पर गिर पड़े। वहीं सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बन गई जिससे कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम भी आज देखने को मिला। हालांकि इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत जरूर दे दी है।कि पिछले कई दिनों से चिलचिलाती गर्मी पड़ रही उमस के बीच मौसम के कई बदलाव ने तापमान के उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है और भारतीय मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए दिल्ली एनसीआर के लिए चार और 5 जून को येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है।
येलो अलर्ट का मतलब है लोगों को मौसम संबंधी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने तेज आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने के पूर्वानुमान के अनुसार नोएडा और आसपास के इलाकों में 6 जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान एक या दो बार ते बारिश और गरज चमक भी हो सकती है और इसे लेकर पहले ही मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी और इसके साथ ही तेज बौछारे पड़ने की भी संभावना है।
अगले दो दिनों तक तेज हवाएं भी चल सकती है और अब बात करते हैं देश की मानसून स्थिति की। इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य समय से करीब 3 दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है।
लेकिन इस बार इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति तेजी से हो सकती है और सामान्य परिस्थितियों में मानसून लगभग डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। सितंबर के मध्य में इसकी वापसी शुरू होती है। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले 7 दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है और मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अब रुख करते हैं मध्य प्रदेश का। मध्य प्रदेश में भी प्री मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय होती दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और तेज हमाव का दौर जारी रह सकता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और रीवा संभाग के कई इलाकों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जिलों में 40 किमी से लेकर 60 किमी/ घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है और किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें और खुले में रखे फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी धूल भरी आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती है और इससे दिन के तापमान में कुछ कमी दर्ज होने की संभावना है। लोगों को गर्मी से राहत भी मिल सकती है। अब बात करें छत्तीसगढ़ की जहां भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने लगा है और लोगों को थोड़ी राहत मिलती नजर आई है। मौसम विभाग के अनुसार 4 जून से पूरे प्रदेश में गरज चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है और आज वहां पर बारिश भी हो गई है। कई जिलों में 50 से 60 किमी/ घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है और इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में मध्य से मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
हालांकि मौसम विभाग का यह कहना है कि अगले 5 दिनों के दौरान जो अधिकतम तापमान है वह किसी बड़े बदलाव की उसमें संभावना नहीं है। गर्मी थोड़ी रहेगी। पिछले 24 घंटे में भी तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया है। प्रदेश में राजनंद गांव सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहा। जहां अधिकतम तापमान 42° सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने के साथ-साथ बिजली गिरने की घटनाओं में भी चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। दंतेवाड़ा जिले में 12 ग्रामीण बिजली गिरने की चपेट में आ गए हैं।
जबकि बीजापुर और बनेंद्रगढ़ क्षेत्र में भी महिलाएं और खेत और अन्य कार्यों के दौरान बिजली गिरने से प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने कुछ लोगों को सलाह दी है कि गरज चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलें। तो कुल मिलाकर देखा जाए तो देश के कई हिस्सों में प्री मॉनसून गतिविधियां तेजी पकड़ रही है।
दिल्ली एनसीआर में बारिश, आंधी ने गर्मी से राहत दी है। जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है।