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परवीन बाबी का वो खौफनाक सच, जिसे अमोल पालेकर ने अपनी आंखों से देखा!

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परवीन बॉबी एक ऐसी एक्ट्रेस जिन्हें सब एक ग्लैमर क्वीन के तौर पर जानते हैं। उस तरह के गाने उनके बारे में कहानियां फिल्मी मैगजीनंस में लेकिन अमोल पालेकर उनके बारे में एक अलग कहानी सुनाते हैं जो उनका पूरा किरदार बदल देता है हमारी नजरों में।

परवीन को मैं हमने दोनों ने रंग बिरंगी फिल्म में काम किया लेकिन उससे पहले मैं जानता था और जानता था वो एक किस्सा है बहुत मायने रखने वाला किस्सा है बादल सरकार इनकी अभी जन्मशताब्दी मनाई जा रही है इस साल भारतीय रंगमंच के एक बहुत ही दिग्गज लेखक नाट्य कर्मी बहुत कुछ तो बादलदा जब मुंबई आया करते थे तो मेरे यहां रुकते थे तो एक बार जब आए थे तो उन्होंने कहा कि चलो हम शूटिंग देखने जाएं। मैंने आज तक कभी कोई शूटिंग देखी नहीं है।

तो मैंने कहा चलिए मैं उनको शूटिंग देखने ले गया। फिल्म सिटी में ले गया। वहां एक बहुत बड़ा सेट लगा था बर्निक ट्रेन फिल्म का और वहां अब गाने की शूटिंग होने वाली थी। मैंने कहा इससे बढ़िया शूटिंग देखने को क्या मिलेगा? तो इसलिए मैं बादलदा को वहां ले गया। तो जैसे ही हम लोग अंदर गए सेट पे तो परवीन वहां बैठी थी। परवीन ने जैसे बादलदा को देखा तो वह उठ के खड़ी हो गई। भाग के आई और उन्होंने बादलदा के पैर छुए। तो मुझे थोड़ा सा अचरज हुआ क्योंकि बादलदा को ऐसे तो कोई खास करके लोग मतलब थिएटर के परे लोग जानते नहीं थे। तो बादलदा ने मुझे बताया कि परवीण भाभी ने उनका एक जो क्लासिक नाटक है एवं इंद्रजीत उसमें काम किया था और उसके बाद आप यकीन नहीं मानेंगी।

उसके बाद शूटिंग वटिंग सब रोक के प्रवीण भाभी उनके साथ दो घंटे उनके नाटक उनका लिटरेचर इसके बारे में बात करती रही और इतना मतलब दिल से बात कर रही थी वन कुड सी ऑल दैट तो मैं उस परवीन को जानता था परवीन आमतौर लोगों को जो पता है वो उमफ गर्ल करके उस जमाने में मानी जाती थी और तो वही एक साइड ऑफ प्रवीण भाभी लोगों को पता है।

मुझे यह बात भी देखने को मिली थी और मुझे लगा कि हम लोग किसी के बारे में कितना कम जानते हैं और यह तो एक मैंने एक पेंटिंग की ये दी है मिसाल दी है और मैंने कहा मुझे उस पेंटिंग की याद आती है जहां वो बिल्कुल सारे कॉस्ट्यूम्स और हीरे जड़ित ये सब पहन के एक राजकुमारी खड़ी है लेकिन उसका का मुंह नीचे है। क्लिम करके एक बहुत बड़ा पेंटर है। उसकी एक पेंटिंग है। मुझे हमेशा परवीन की याद आती है। तो मुझे वो पेंटिंग याद आता है कि वो जो पूरी फिगर है पूरी ग्लैमरस फिगर है। लेकिन एक ऐसी कुछ कचोट या पता नहीं ऐसा लगता है कि ये ये अंदर जो दुख है वो बाहर दिखा नहीं रही है। [संगीत]

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