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बॉलीवुड का वो डायरेक्टर, जिससे डरती थीं नई हीरोइनें!

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यह ठाकुर राजेश्वर सिंह इतिहास बताता नहीं। इतिहास लिखता है, इतिहास बनाता है। इश्क है क्या? ये किसको पता ये इश्क है क्या? फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा पावरफुल डायरेक्टर जिसके नाम का सिक्का सदियों तक बॉलीवुड के गलियारों में खनकता था। डॉक्टर डन को आज पहली बार किसी ने थप्पड़ मारा है। इस थप्पड़ की गूंज सुनी तुमने? किसी रोज तुमसे मुलाकात होगी मेरी जिसे दुनिया शो मैन कहती थी और जिसने राम लखन, सौदागर और खलनायक जैसी ब्लॉकबस्टर हिट फिल्में भी दी। ए जी ओ जी लो जी सुनो जी मैं हूं मन मोजी कर दो झोली में दिल है

मेरा चुनरी में दिल है मेरा ये दिल मैं दूंगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी सफेद पोश डायरेक्टर के चेहरे के पीछे एक ऐसा खौफनाक सा छिपा है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप उठेगी उन्होंने मुझे किस करने की कोशिश की उन्होंने मुझे हग करने की कोशिश की खींचा इधर-उधर हाथ लगाने की कोशिश की। मैंने उनको धक्का दिया। मैंने बोला सर मुझे यहां से जाना है। दोस्तों उस जमाने में अगर सोशल मीडिया का दौर होता या मी टू वाला जमाना होता तो शायद इस डायरेक्टर की ऐसी बकिया उधेड़ी जाती कि इन्हें मुंह छुपाने की भी जगह नहीं मिलती।

और हम करण जौहर की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि आज बात हो रही है अपने दौर के उनसे भी ज्यादा कंट्रोवर्शियल और नई लड़कियों को बुली करने वाले और करियर ब्लैक लिस्ट करवाने के लिए बदनाम फिल्म मेकर सुभाष घई की। इज्जत तुम्हारे पिता की इज्जत इज्जत है। और मेरे बाबा की इज्जत ही नहीं। तुम सब एक जैसे हो। इस शख्स पर कभी किसी एक्ट्रेस को सरेआम हरास करने के आरोप लगे तो कभी किसी ने सीधे सेक्सुअल एक्सप्लइटेशन का केस ठोक दिया। किसी मासूम लड़की को हीरोइन बनाने के नाम पर कास्टिंग काउच की खबरें आई तो कभी किसी एक्ट्रेस के खिलाफ न्यूज़पेपर में गंदे इश्तियार छपवाकर उसे कोर्ट में घसीटने की धमकियां दी गई।

मी टू कंट्रोवर्सी में फंसे बॉलीवुड के बड़े डायरेक्टर सुभाष घई। सुभाष खई पर एक मॉडल एक्ट्रेस ने लगाया बड़ा आरोप। कहने को तो यह पावरफुल फिल्म मेकर थे लेकिन हरकतें बिल्कुल दो टके वाली। आज इस बेबाक एपिसोड में हम उस काले सच की परतें खोलेंगे जिसे इंडस्ट्री ने रसूख के दम पर दबा दिया। क्यों मनीषा कोयला इन्हें जानवर कहने लगी? महिमा चौधरी का करियर इन्होंने कैसे तबाह करने की कोशिश की और ऐश्वर्या राय के साथ उस क्रिंज फोटोशूट का असल सच क्या था? तो कुर्सी की पेटी बांध लीजिए क्योंकि आज हम 90ज के सबसे बड़े शोमैन के शो का पोस्टमार्टम करने वाले हैं। आपके बेटे ने लॉस वेगस के होटल रूम में शराब के नशे में दरवाजा बंद कर कर क्या करना चाहो? दोस्तों रिपोर्ट्स के मुताबिक सुभाष गई ने जिन एक्ट्रेसेस का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश की उनमें सबसे चर्चित नाम रहा एक्ट्रेस मनीषा कोराला का। सौदागर मनीषा ने इनके डायरेक्शन में साल 1991 में फिल्म सौदागर से अपने करियर की शुरुआत की।

सुभाष गई इन्हें बॉलीवुड में लॉन्च कर रहे थे। तो इनके बीच कुछ समय तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक बाद में सुभाष गई शूटिंग के दौरान मनीषा के साथ गलत अप्रोच से करीब बुलाने की कोशिशें करने लगे। नहीं नहीं रहूंगी मेरे साथ। नहीं रहूंगी। राजा राजेश्वर और मैं हम दोनों सबसे बड़े दुश्मन है। नफरत के साथ आ गए हैं आप लोग। यह वो दौर था जब एक्ट्रेसेस के साथ उनकी माएं भी सेट पर उनके साए की तरह जाया करती थी या उनकी मैनेजर बनकर हमेशा उनके आसपास रहती थी। इसी तरह मनीषा की मां भी हमेशा उनके साथ ढाल बनकर खड़ी रहती थी। आरोपों के मुताबिक सुभाष गई ने इसका एक कार्ड निकाला और उनकी मां को वैनिटी वैन के बाहर ही इंतजार करने का फरमान सुना दिया और जब वह इसके पीछे की वजह पूछी तो गई साहब गुस्सा हो जाया करते। उनका कहना रहता कि पहली फिल्म से ही यह हाल है। अभी तो लॉन्च भी नहीं हुई और अभी से इतने नखरे मत दिखाओ। इन हरकतों से मनीषा अंदर ही अंदर घुटने लगी और परेशान रहने लगी। मजबूरन यह इंडस्ट्री के अपने कुछ दोस्तों से सुभाष गई

कि इन हरकतों के बारे में शेयर करने लगी। बताया जाता है कि तब मनीषा ने यह बात उस समय के सिने एक्टर्स यूनियन के अध्यक्ष मिथुन चक्रवर्ती साहब को भी बताई। लेकिन एक प्रभावशाली फिल्म मेकर के ऊपर लगाए गए इस आरोप को खामोशी से दबा दिया गया और उल्टा यह अफवाह उड़ाई जाने लगी कि मनीषा यह सब सिर्फ सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए कर रही हैं। हालांकि टेंशन और घुटन के इस माहौल में ही सौदागर फिल्म की शूटिंग जारी रही और फिल्म बनकर रिलीज भी हुई। जब बाग में कोई फूल खिला भवरी में कहा लेकिन तभी कहीं से कुछ खबर लीक हो गई और उस जमाने की फेमस फिल्मी मैगजीन स्टार डस्ट में एक ब्लाइंड आइटम छपा जिसमें यह सनसनीखेज दावा किया गया कि सुभाष गई मनीषा को इराला को अपने बंगले पर लेकर गए और वहां इनके साथ संबंध बनाने की कोशिश की। इसका मनीषा ने कड़ा विरोध किया जिसके बाद घ गई ने कथित तौर पर मनीषा के साथ मारपीट भी की। हालांकि इस खबर में कितनी सच्चाई थी यह पुख्ता तौर पर तो नहीं कहा जा सकता लेकिन यह न्यूज़ जंगल में आग की तरह उस दौर में फैल गई। फेमस वेबसाइट पिंक विला की एक रिपोर्ट के मुताबिक भी इस तरह की घटना घटी थी। लेकिन उनके पास भी सूत्रों

के अलावा इसका कोई ठोस सबूत नहीं था। लेकिन पानी तब सर से ऊपर चला गया जब बताते हैं कि मनीषा कोराला ने अपनी मम्मी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वो कहा जो कोई नहीं कह सका। मनीषा ने कहा सुभाष घ गई आदमी के भेष में एक जानवर हैं। उन्होंने मुझ पर झपट्टा मारा था और मैं इतनी डरी हुई थी कि समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं। मैं इस बात से स्तब्ध थी कि उनके कद और उम्र का एक आदमी मेरी उम्र की एक मासूम लड़की के साथ ऐसा कैसे कर सकता है। साथ ही मनीषा की मां ने भी सुभाष गयी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और तल्ख लहजे में कहा कि हमारी भी कोई इज्जत है। लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि इन मां बेटी दोनों ने ही अचानक रहस्यमई तौर पर खामोशी अख्तियार कर ली। हालांकि इस खामोशी के पीछे मीडिया में दो तरह के कयास लगाए गए। एक यह कि मनीषा इंडस्ट्री में रहकर इतने बड़े फिल्म मेकर से सीधे दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहती थी और दूसरा यह कि इनके ऊपर जबरदस्त प्रेशर डाला गया और खामोश रहने की हिदायत दी गई क्योंकि अजीब बात यह है कि इसके बाद मनीषा ने इस पूरे विवाद पर कभी खुलकर कभी बात ही नहीं की लेकिन दूसरी तरफ यह भी सच है कि उन्होंने आगे कभी इस प्रोडक्शन बैनर में या सुभाष घई के साथ काम नहीं किया। तब की फिल्मी मैगजीन में सुभाष घई को लेकर एक और बात सामने आई थी। जब मनीषा उनसे कटी कटी रहने लगी तो सुभाष घई ने कथित तौर पर कहा कि हाहा मुझसे बचकर कहां जाओगी? लेकिन इन तमाम गंभीर एलिगेशंस के बावजूद सुभाष गई ने प्रेस के सामने एकदम चुप्पी सा दे रखी। हालांकि उन्होंने भी मनीषा कोराला के साथ दोबारा काम नहीं किया। चलिए अब बात करते हैं महिमा चौधरी के लगाए संगीन आरोपों की। महिमा को भी साल 1997 में फिल्म परदेश में सुभाष घई ने ही ब्रेक दिया था। साथ ही तब इस तरह की खबरें भी प्लांट की गई कि सुभाष घई ने फिल्म रिलीज के पहले और बाद में भी महिमा के करियर ग्रोथ में काफी मदद की। यहां तक कि इनके इंटरव्यूज और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी वो सपोर्ट के तौर पर इनके साथ में मौजूद रहते थे। आई कांट थिंक ऑफ़ एनीथिंग आई कुड आस्क फॉर एंड इट्स द रिस्पांस इज़ वैरी फ्लैटरिंग यू नो व्हेन ही गेट दिस इन योर फर्स्ट ईयर बिकॉज़ यू नो एट अ फिल्म आई कुड टेल इट इज़ गोइंग बी गुड बिकॉज़ ही मेड अ वंडरफुल फिल्म। जैसे सीमी गरेवाल के शो में जहां सभी गेस्ट अपने पार्टनर के साथ आते थे। वहीं महिमा चौधरी के साथ सुभाष गई पहुंचे। लेकिन सबको असली झटका तब लगा जब महिमा ने यह कहकर बवाल मचा दिया कि सुभाष गई उन्हें पूरी तरह से कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे। महिमा चौधरी ने बाद में खुलासा किया कि सुभाष गई

ने उन्हें बहुत परेशान किया था। उन्होंने महिमा को बुली किया। कोर्ट में मामला लेकर चले गए और ट्रेड मैगजीन में एक ऐसा अपमानजनक ऐड दे दिया जिसमें कहा गया कि महिमा के साथ काम करने वाले किसी भी निर्माता को पहले सुभाष घाई से संपर्क करना पड़ेगा। क्या 1990 की हीरोइन महिमा चौधरी हुई थी बुलिंग और ग्रुपिज्म का शिकार। मशहूर फिल्म मेकर सुभाष घाई को लेकर कही बड़ी बात। सुभाष घाई पर लगाया बुलिंग का आरोप। इसके कारण महिमा चौधरी के हाथ से कई अच्छी फिल्में निकल गई। जैसे साल 1998 की कल्ट फिल्म सत्य। साल 1999 की ताल भी सुभाष गई ने महिमा को बाहर का रास्ता दिखाकर ऐश्वर्या को साइन कर लिया। साथ ही महिमा चौधरी ने सुभाष गई पर मानसिक उत्पीड़न और गलत ढंग से पेश आने का भी आरोप लगाया था। महिमा ने कहा कि सुभाष गई ने ना केवल इनका नाम ऋतु से बदलकर महिमा रख दिया बल्कि यह भी जताने लगे कि इनके ऊपर मालिकाना हक रखते हैं वह। वह महिमा के पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों डिसीजन में दखल देते रहे और महिमा ने इसका विरोध किया तो इन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बाहर निकालने की धमकी भी दी। इस घर का हर रिश्ता प्यार की कड़ी से बंधा है। चाहे वो इंसान और जानवर का हो या मालिक और नौकर का। सुभाष घई ने तब यह दावा किया कि महिमा और उनके बीच तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था जो कि 5 साल का था। पहली फिल्म के लिए महिमा को ₹5 लाख, दूसरी के लिए ₹7 लाख और तीसरी फिल्म के लिए ₹1 लाख मिलने थे।

इस बीच महिमा सुभाष घई के परमिशन के बिना कोई फिल्म या ऐड या शो नहीं कर सकती थी और यदि वह ऐसा करती थी तो उन्हें अपने इनकम का 35% हिस्सा सुभाष घ गई को या इनकी मुक्ता आर्ट्स को देना था। लेकिन महिमा ने साफ कहा कि ऐसा कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन ही नहीं हुआ था और उन्होंने दूसरे प्रोजेक्ट्स करने शुरू कर दिए। हालांकि अब सच कौन बोल रहा था यह तो पता नहीं लग पाया लेकिन यह बात इतनी बढ़ गई कि सुभाष गई कोर्ट चले गए और महिमा के कॉन्ट्रैक्ट के क्लॉज़ के मुताबिक चैलेंज किया। सब गलत हुआ। सब गलत और इसके जिम्मेदार तुम हो। लेकिन फिर अकेली पड़ चुकी नई नवेली एक्ट्रेस महिमा चौधरी को एहसास हुआ कि इस लीगल फाइट में इनका ही नुकसान हो रहा है। थक हारकर उन्होंने कोर्ट से बाहर सुभाष गई से सुलह कर ली। लेकिन इस विवाद की कड़वाहट ऐसी थी कि आगे कभी भी महिमा ने सुभाष गई के साथ काम नहीं किया और उधर सुभाष गई ने भी ताल से इन्हें बाहर करवाने के बाद इनके साथ काम नहीं किया। तो चलिए अब ऐश्वर्या राय की बात भी कर लेते हैं। सबसे पहले आप जरा यह तस्वीर देखिए जो साल 1999 में फिल्म आई थी ताल उसके प्रमोशनल फोटो शूट से रिलेटेड है। इसमें फिल्म के डायरेक्टर सुभाष गई, ऐश्वर्या राय, अनिल कपूर, अक्षय खन्ना के साथ नजर आ रहे हैं। सफेद कपड़े में किए गए इस फोटोशूट में क्या आपको सब कुछ नॉर्मल लग रहा है या इसमें कुछ खटकने वाला भी नजर आ रहा है? आप कमेंट करके जरूर बताइएगा। इंस्टेंटली तो इस फोटो शूट को उतनी पॉपुलैरिटी नहीं मिली। लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया के बूम के बाद काफी लोगों ने इसे नोटिस किया और इसे कॉल आउट करना शुरू किया। लोगों का कहना था कि यह फोटो बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं है ना कि 90ज के दौर के लिए है और ना ही अब के लिए भी नॉर्मल है। क्योंकि आज भी कोई डायरेक्टर प्रोड्यूसर फिल्म के पोस्टर शूट में अपनी लीड एक्ट्रेस को इस तरह जकड़ करके फोटो नहीं खिंवाता है। यानी यह फोटो काफी अनयूजुअल और वियर्ड था। तब फिल्मों के प्रमोशन या पोस्टर शूट के लिए एक्टर्स साथ में पोस्ट देकर फोटो जरूर खिंचवाते थे। लेकिन कोई भी डायरेक्टर फ्रेम में नहीं घुसता था। तो हीरोइन के लवर की तरह चिपके हुए उनसे उम्र में लगभग 30 साल बड़े अंकल सुभाष गई भला वहां क्या कर रहे थे? और अगर उनको पोस्टर में आने की इतनी ही भूख थी तो साइड में सोफेस्टिकेटेड अंदाज में भी खड़े हो सकते थे। लेकिन यह महाशय बीच में आकर खड़े हो गए और हीरोइन को टाइट हग कर लिया और यहां तक कि फिल्म में उनके लवर बने एक्टर को साइड कर दिया।

दिल ये बेचैन वे रस्ते पे नैन वे जिंदी बेहा। इसके अलावा जब फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब भी लोकेशन पर कुछ ऐसी ही फोटोग्राफ्स ली गई जिनकी फिल्म के अकॉर्डिंग कोई जरूरत नहीं थी। यानी वह सिर्फ अकेले में ऐश्वर्या पर हक नहीं जमा रहे थे बल्कि दुनिया को भी अपना पावर दिखा रहे थे कि वह ऐश्वर्या जैसी मिस वर्ल्ड के साथ जैसा चाहे वैसा बिहेव कर सकते हैं और इन्हें कंट्रोल भी कर सकते हैं। हालांकि ऐश्वर्या राय हमेशा अपने प्रोफेशनलिज्म के लिए जानी गई। तो उन्होंने सुभाष घई की इन हरकतों को लेकर कभी मीडिया में कोई कंट्रोवर्शियल सवाल जवाब नहीं किया लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इसके बाद ऐश्वर्या ने कभी सुभाष घई के साथ काम नहीं किया। हालांकि सुभाष गही ने इस चीज पर भी अपनी खुनस निकाली और आगे चलकर कई ऐसे इंटरव्यूज दिए जहां वह ऐश्वर्या को नेगेटिव लाइमलाइट में पोट्रे करते हुए नजर आए। सुभाष गई ने कहा कि वह काम को लेकर बहुत ज्यादा अग्रेसिव हो जाती हैं और दूसरी हीरोइनों के रोल कटवा देती हैं। इन्होंने यह भी दावा किया कि ऐश्वर्या ने जोश फिल्म में दूसरी लीड एक्ट्रेस प्रिया गिल के सीन पर भी कैंची चलवा दी थी। टू वन वन टू आर दोस्तों आपको शक्ति कपूर का वह कुख्यात स्टिंग ऑपरेशन तो याद ही होगा। अगर आपने नहीं देखा हो तो Google सर्च करके देख सकते हैं। उसमें वह ऐश्वर्या, सुभाष घई, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी समेत कई फेमस नाम लेकर के दावा कर रहे थे कि इन सभी एक्ट्रेसेस को काम पाने के लिए कॉम्प्रोमाइज करना पड़ा था। शक्ति कपूर ने दावा किया कि सुभाष घ गई को खुश करके ही ऐश्वर्या को ताल फिल्म मिली थी। अब शक्ति कपूर जैसे अच्छे कैरेक्टर के शख्स की बातों में कितनी सच्चाई हो सकती है इसको छोड़ देते हैं। लेकिन जो भी हो ताल फिल्म के उस फोटोशूट को और आगे के पैटर्न को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बस बस कीजिए आप। मुझे इस वक्त आपको याद दिलाना बहुत जरूरी है कि

आपके कंपनी कांटेक्ट के अनुसार आपकी कंपनी के किसी भी आर्टिस्ट को इश्क, दोस्ती और शादी करने का हक ही नहीं। साथ ही आपको यूं भी याद होगा कि ताल फिल्म की शूटिंग के समय एक यह भी खबर फैली थी कि सलमान खान ने सुभाष घई को थप्पड़ चढ़ दिया था। इसके पीछे वजह बताई गई कि उनकी तब की गर्लफ्रेंड ऐश्वर्या राय का इस फिल्म के लिए कास्टिंग काउच किया जाना। अफवाह थी कि ऐश्वर्या को सुभाष घई ने अपने एक इनफेमस बंगले पर बुलाया था। इनके साथ रात गुजारी थी और तब इन्हें फिल्म में हीरोइन के तौर पर कास्ट किया था। इस बात की जानकारी होने पर सलमान ने अपना आपा खो दिया और एक पार्टी के दौरान ही सुभाष घई को थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि अपने पापा सलीम खान के समझाने के बाद सलमान खान ने दूसरे दिन जाकर के सुभाष गई से माफी भी मांग ली थी। अब बात एक और सुपरस्टार एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित की करते हैं। साल 1987 में जब उन्होंने फिल्म तेजाब साइन की तो सुभाष घ गई ने सबके सामने उन्हें डांट लगा दी। उस समय वह उन्हें राम लखन फिल्म के जरिए फिर से ल्च कर रहे थे और शायद इसीलिए ऐसा बयान दे डाला कि वह माधुरी को ओन करते हैं। सुभाष घई ने इससे पहले साल 1986 में माधुरी को हिफाजत और राम लखन फिल्म में काम दिया था। आप मुझे नहीं मार सकते क्योंकि आपकी शराब, आपका जुआ, आपकी ऐश सब कुछ मुझसे चलता है। मैं आपकी दुकान हूं और इस दुकान को बंद करने की हिम्मत आप में नहीं। बताया जाता है कि उस दौर में माधुरी की शुरुआती फिल्में फ्लॉप हो चुकी थी और उन्हें इंडस्ट्री में अशुभ कहा जाने लगा था। तब कोई भी फिल्म मेकर माधुरी को कास्ट नहीं करना चाहता था और ऐसे में सुभाष घई ने उन्हें मौका दिया और उनके फैसलों पर भी अपना हक जताने लगे। बड़ी हद वाली बनती है। अरे चुड़ैल भी नौ घर छोड़कर वार करती है और तू बनने को तो बनती है सहेली। ऊपर से मीठी-मीठी बातें। हाय ज्योति। हाय मोहिनी। इस तरह जिन-जिन एक्ट्रेसेस को सुभाष घई लॉन्च या रीॉन्च करते थे उन पर अपना पूरा कंट्रोल बनाने की कोशिश करते थे और उनके सारे फैसलों में अपनी टांग अड़े थे। हालांकि माधुरी बाकी हीरोइनों के कंपैरिजन में ज्यादा डिप्लोमेटिक मानी जाती थी। शायद इसीलिए लंबी पारी खेलने में कामयाब भी रही और सुभाष गय की फेवरेट लिस्ट में भी बनी रही। उन्होंने कभी भी किसी भी डायरेक्टर से डायरेक्टली पंगा नहीं लिया और धीरे-धीरे समझदारी के साथ काम करती रहीं। अब बात सुभाष घई पर लगे सबसे बड़े और सबसे गंभीर एलगेशन की जिसे लगाया था टीवी एक्ट्रेस और मॉडल केट शर्मा ने। इन्होंने सिर्फ कहा ही नहीं बल्कि सुभाष घई पर हरास करने का लीगल मामला भी दर्ज करा दिया। उन्होंने मुझे किस करने की कोशिश की। उन्होंने मुझे हग करने की कोशिश की, खींचा, इधर-उधर हाथ लगाने की कोशिश की।

मैंने उनको धक्का दिया। मैंने बोला सर मुझे यहां से जाना है। केट ने कहा कि 6 अगस्त 2018 को सुभाष गई ने मुझे बर्थडे पार्टी में बुलाया। जहां केक काटने के बाद सबके सामने मुझे बॉडी मसाज देने के लिए कहा। फिर उन्होंने मुझे एक कमरे में बात करने के लिए बुलाया और जब मैं अंदर गई तो वह मुझे जबरदस्ती किस करने की कोशिश करने लगे। केट शर्मा ने 12 अक्टूबर 2018 को सुभाष गई के खिलाफ वर्सोवा पुलिस स्टेशन में यौन शोषण का मामला भी दर्ज करवाया। जिसमें कहा गया कि जब उन्होंने सुभाष घई के साथ काम छोड़ने की कोशिश की तो उन्हें धमकी दी गई कि अगर वह सुभाष घई के साथ रात नहीं बिताएंगी तो उन्हें कभी लॉन्च नहीं किया जाएगा। इस पर सुभाष घई ने 12 अक्टूबर को ही एक ट्वीट कर लिखा मी टू फैशन बन गया है। मुझे इस आंदोलन में अपना नाम जोड़े जाने पर बहुत पीड़ा है लेकिन जो लोग मुझे जानते हैं उनको पता है कि कॉस्मेटिक दुनिया के बावजूद हम किस तरह रहते हैं। हालांकि कुछ वक्त बाद के ने अपनी शिकायत वापस ले ली। scroll.in ने 24 नवंबर 2018 को एक रिपोर्ट छाप कर यह दावा किया कि केट शर्मा ने आखिरकार 14 नवंबर 2018 को अपनी शिकायत वापस ले ली। जिसकी मेन वजह उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता को बताया। केट ने हताश होकर कहा कि जिस तरह मी टू कैंपेन को प्रतिक्रिया मिली है, मैं उससे निराश हूं। लिहाजा मैं अपनी बीमार मां का ख्याल रखना चाहती हूं और इस केस में इधर-उधर धक्के खाना नहीं चाहती। मी टू कैंपेन का मजाक बनाया जा रहा है क्योंकि इतने आरोपों के बाद भी एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ। जब मैंने सब कुछ सोशल मीडिया पर कह दिया फिर भी मुंबई पुलिस मुझसे यही पूछती रही कि क्या मैं मामला दर्ज कराना चाहती हूं और पूछताछ के नाम पर मुझे ही परेशान करती रही। उसी दौरान बिजनेस स्टैंडर्ड और एएनआई जैसी न्यूज़ एजेंसीज ने 6 दिसंबर 2018 को अपनी रिपोर्ट में कहा कि मुंबई पुलिस ने एक क्लोज़र रिपोर्ट जारी की जिसमें आरोपों को फैब्रिकेटेड यानी मनगढ़ंत बताया गया और कहा गया कि कोई सब्सटेंस नहीं मिला इसलिए केस बंद किए जा रहे हैं। इसी तरह इससे भी पहले एक और महिला ने सुभाष घई पर रेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने उस महिला का नाम पब्लिक नहीं किया। विक्टिम ने सुभाष घई पर शराब में ड्रग्स मिलाकर देने और फिर इनके साथ गलत काम करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वह सुभाष गई के साथ काम करती थी। इस मामले पर भी सुभाष गई ने सफाई दी और ट्वीट कर कर लिखा, “मैं निश्चित रूप से मी टू कैंपेन में महिलाओं का समर्थक हूं। लेकिन अनुचित लाभ लेने वाले लोग शॉर्ट टाइम में इस फेम को हजम नहीं कर पाएंगे। लोग मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अब मेरे वकील इस मामले को देखेंगे।” दोस्तों, इनसे पहले इजरायली मॉडल रीना गोला ने भी अपनी किताब में सुभाष घई पर गंभीर एलगेशन लगाया था कि वह इन्हें जबरदस्ती बेडरूम में ले जाना चाहते थे। रीना गोला साल 2007 से बॉलीवुड में काम पाने के लिए स्ट्रगल कर रही थी और इसी बीच सुभाष गई ने भी इन्हें काम देने के बदले अपने साथ सोने का ऑफर दिया था लेकिन रीना ने साफ इंकार कर दिया था। तो सुभाष घई से जुड़े जितने भी इंसिडेंट की हमने चर्चा की उनमें पावर के मिसयूज का एक सिमिलर पैटर्न देखने को मिलता है। और एक और कॉमन चीज साफ दिखाई देती है नई एक्ट्रेसेस पर कंट्रोल और सेंस ऑफ ओनरशिप का नजरिया। भले ही यह आरोप कभी लीगली साबित ना हुए हो या पैसा और पावर की गोद में शांति से सुला दिए गए हो।

लेकिन ये इंसिडेंट्स उस दौर की बॉलीवुड इंडस्ट्री की पावर डायनामिक्स और जेंडर इनक्वटी को उजागर करते हैं। जहां तब खासकर फीमेल आर्टिस्ट्स को अक्सर मजबूरी में चुप रहने को मजबूर होना पड़ता था। माधुरी, मीनाक्षी, महिमा, मनीषा ये सब लोगों ने मेरे से ग्रूमिंग लिया, काम किया, मेहनत की हम लोगों ने, स्टार बने। दोस्तों, पहले कई पावरफुल फिल्मी हस्तियां अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों वाले मीडिया आर्टिकल्स को साइलेंटली हटवा भी देती थी और अपनी इमेज को इजीली वॉश आउट भी कर देती थी। लेकिन इंटरनेट बूम के बाद यह काफी मुश्किल हो गया है और अब काफी पुरानी हरकतों को भी लोग कॉल आउट करते हैं जो कि अकाउंटेबिलिटी तय करने के लिए काफी अच्छी बात है। बॉलीवुड में कई कपी चीप हरकतों वाले अजीबोगरीब फिल्म मेकर्स, प्रोड्यूसर्स और म्यूजिक डायरेक्टर्स रहे हैं और शायद आज भी हैं जिनमें महेश भट्ट, बोनी कपूर, रामगोपाल वर्मा, अनु मलिक और करण जौहर जैसे कई नाम खूब उछले। इनमें से करण जौहर और अनु मलिक पर हमने ऑलरेडी डिटेल में वीडियो बनाया हुआ है जिसे आप इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में जाकर के देख सकते हैं। बाकी ऐसे किसी फिल्मी पर्सन का अगर आप डिटेल में स्टोरी देखना चाहते हैं तो उनके नाम हमें कमेंट में जरूर बताइएगा। बॉलीवुड की किसी बेबाक स्टोरी के साथ अगले वीडियो में आपसे फिर होगी मुलाकात। तब तक के लिए नमस्कार। बे

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