थलापति विजय द सुपरस्टार ऑफ साउथ सिनेमा अब तमिलनाडु के सीएम बन चुके हैं। अ न्यू एरा ऑफ़ अ रियल सेकुलर सोशल जस्टिस स्टार्ट्स नाउ। लेकिन शपथ के तुरंत बाद ही विजय का एक बयान अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। शपथ ग्रहण के बाद जब विजय ने लोगों को संबोधित किया तो उन्होंने कहा कि वह गरीबी में बड़े हुए हैं और भूख का दर्द अच्छी तरह समझते हैं। विजय का यह बयान सुनते ही सोशल मीडिया पर इमोशनल रिएक्शन की बार आ गई। [नाक से की जाने वाली आवाज़] कई लोगों ने कहा कि एक ऐसा नेता सत्ता में आया है जिसने आम लोगों की तकलीफ करीब से देखी है।
लेकिन अब इसी बयान पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं और सबसे बड़ा सवाल उठाया है खुद को विजय का पुराना क्लासमेट बताने वाले लेखक और कॉल मिस्ट मनु जोसेफ ने। मनु के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे मामले को नई बहस में बदल दिया है। अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या विजय ने अपनी जिंदगी की कहानी बढ़ा चढ़ाकर पेश की? क्या आर्थिक परेशानी और असली गरीबी दोनों एक ही चीज है? चलिए आपको पूरा मामला विस्तार से बताते हैं। दरअसल मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले सार्वजनिक भाषण में विजय ने कहा था कि उन्होंने गरीबी देखी है और वह भूख का दर्द समझते हैं।
उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने इसे एक इमोशनल और जमीन से जुड़ा बयान बताया। लेकिन इसी बीच लेखक मनु जोसेफ ने एक्स पर एक पोस्ट कर दिया जिसने पूरी कहानी बदल दी। मनु जोसेफ ने दावा किया कि वह विजय के साथ तीसरी क्लास में पढ़ चुके हैं। उन्होंने लिखा कि विजय उनके क्लासमेट थे और दोनों चेन्नई के लॉयला स्कूल में पढ़ते थे। मनु ने अपने पोस्ट में कहा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले भाषण में विजय ने कहा कि वह गरीबी में पले बढ़े हैं और भूख जानते हैं। यह बात सच नहीं है क्योंकि वह मेरे क्लासमेट थे।
उनके पिता फिल्म मेकर थे और उन्होंने अपने बेटे के लिए फिल्मों में करियर का रास्ता तैयार किया था। यहीं से सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। [संगीत] कुछ लोगों ने मनु जोसेफ की बात का समर्थन किया तो कई लोग विजय के बचाव में उतर गए। मनोज जोसेफ ने आगे लिखा कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े परिवारों को कभी-कभी पैसों की दिक्कत हो सकती है। लेकिन उसे आम लोगों की गरीबी कहना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक कुछ समय की आर्थिक परेशानी और लंबे समय तक गरीबी में जीना दोनों अलग बातें हैं।
मनु के इस बयान के बाद विजय के फैंस ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी। एक यूजर ने लिखा, आप तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बारे में बात कर रहे हैं। अपनी सेफ्टी का ध्यान रखिए। वहीं दूसरे यूजर ने दावा किया कि विजय टाटा सफारी से स्कूल जाया करते थे। हालांकि कई लोगों ने इस दावे को भी गलत बताया और कहा कि ऐसी कोई बात साबित नहीं हुई है।
एक और यूजर ने लिखा दुख की बात है कि इस तरह के झूठे लोग नेता बन रहे हैं। वहीं विजय के समर्थकों का कहना है कि आर्थिक संघर्ष सिर्फ सड़क पर रहने वाले तक सीमित नहीं होता। कई परिवार बाहर से संपन्न दिखते हैं लेकिन अंदर से मुश्किलों का सामना कर रहे होते हैं। फिलहाल इस पूरे विवाद पर विजय या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद इस तरह का विवाद उठना साफ दिखाता है कि अब विजय के हर बयान और हर दावे की बारीकी से जांच होने वाली है। इस खबर पर फिलहाल इतना ही। बाकी तमाम खबरों को जानने के लिए देखते रहिए india.com