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6 कक्षा के छोटे बच्चे की चिट्ठी से क्यों एक्शन में आ गए CM योगी? ले लिया बड़ा फैसला, मचा हड़कंप

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सोचिए जब पूरा प्रशासनिक अमला, बड़े-बड़े अफसर और स्थानीय नेता किसी शहर की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर कर सो रहे हो। तब एक छठी क्लास में पढ़ने वाले मासूम बच्चे की लिखी चिट्ठी पूरे सिस्टम की नींद उड़ा दी। जी हां, एक छोटे से बच्चे के हाथ से लिखे चंद पन्नों ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में ऐसा हड़कंप मचाया कि रातोंरात एक पूरे शहर की तकदीर बदल गई। जब पूरी व्यवस्था पंगू नजर आ रही थी तब इस मासूम ने सीधे पत्र लिखा राज्य के मुखिया यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को और फिर क्या हुआ?

यही तो सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात है। सीएम योगी ने इस चिट्ठी को महज एक कागज का टुकड़ा नहीं समझा बल्कि बच्चे का दर्द समझते हुए एक ऐसा तेजी से फैसला लिया कि आज सिर्फ बच्चा ही नहीं बल्कि उस शहर के हजारों लोग हैरान भी हैं और खुश भी हैं। सीएम योगी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बात जब जनता और बच्चों की आए तो उनके शासन में कोई भी गुहार अनसुनी नहीं की जा सकती।

मुरादाबाद के बिलारे इलाके का है। बिलारी के मोहल्ला बाजार में रहने वाले मोहम्मद जीशान पाशा का बेटा मोहम्मद एदान पाशा कक्षा छह का छात्र है। बाकी बच्चों की तरह एदान को भी खेलने का बेहद शौक है। लेकिन जब गर्मियों की छुट्टी आई तो एदान खेलने के लिए बाहर निकला। उसने देखा कि पूरे शहर में बच्चों के खेलने के लिए एक ढंग का पार्क या खेल का मैदान तक नहीं है। बच्चे कहां खेलेंगे? स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से परेशान होकर इस मासूम ने हार नहीं मानी। उसने अपने कॉपी से कुछ पन्ने फाड़े और अपने मासूम हाथों से सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक भाव सी चिट्ठी लिख डाली।

चिट्ठी में उसने अपना और शहर के तमाम बच्चों का वो दर्द बयां किया जिसे अफसर वर्षों से अनदेखा कर रहे हैं। जैसे ही यह चिट्ठी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची सीएम योगी ने बिना एक पल गवाए इस पर कड़ा संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के उप सचिव रामगोपाल सिंह ने तुरंत मुरादाबाद के जिलाधिकारी को जांच और सख्त कार्यवाही के आदेश जारी किए। फिर क्या था?सीएम दफ्तर से फोन आते ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। डीएम से लेकर नगर पालिका की ईओ तक सब हरकत में आ गए। अपर जिलाधिकारी संगीता गौतम और नगर पालिका ईओ रंजनी सिंह ने इस मामले की ताबड़तोड़ पड़ताल करनी शुरू कर दी।

जांच के बाद प्रशासन ने एदान के परिवार को लिखित में आधिकारिक सूचना भी भेजी है कि आपके बच्चे की मांग पूरी कर दी गई है। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरदय योजना के तहत वार्ड नंबर 25 स्थित जूनियर हाई स्कूल के खेल मैदान में अब एक भव्य मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स फैसिलिटीज सेंटर बनने जा रहा है।

नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक इस सेंटर को शासन स्तर से मंजूरी मिल चुकी है। जैसे ही बजट की किस्त जारी होगीनिर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

इस तरह एक मासूम बच्चे की एक छोटी सी चिट्ठी और सीएम योगी आदित्यनाथ के तुरंत एक्शन ने बिलानी नगर के हजारों बच्चों के खेलकूद के सपने को साकार कर दिया है। कहते हैं अगर नियत साफ हो और इरादे बुलंद तो एक छोटे से मासूम की आवाज भी सत्ता के गलियारों तक गूंज उठती है।

मुरादाबाद का यह मामला सिर्फ एक पार्क या खेल के मैदान बनने की कहानी नहीं बल्कि एक मिसाल है कि जब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति आम जनता और बच्चों के प्रति संवेदनशील हो तो बदलाव कैसे रातोंरात आता है। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से ना सिर्फ प्रशासनिक अफसरों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास हुआ है.

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