वीरेंद्र सहवाग एक ऐसा खिलाड़ी जो बल्ले को बंदूक की तरह चलाता था और बल्ले से गेंद लगते ही गोली की तरह निकलती थी फील्डर दर्शक बन जाते थे और दर्शक फील्डर बन जाते थे आज के खिलाड़ी t-20 में भी वैसा नहीं खेल सकते जैसा वीरेंद्र सवाक टेस्ट में खेला करते थे आज बात करेंगे वीरेंद्र सहवाग के उन 10 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की जिनको तोड़ पाना मुश्किल है और नंबर तीन वाला रिकॉर्ड देखकर आपके होश उठ जाएंगे नंबर 10 है मोस्ट फोर्स ऑन द फर्स्ट बॉल इन अ वर्ल्ड कप आप में से बहुत ही कम खिलाड़ियों को पता होगा कि सहवाग के नाम 2011 वर्ल्ड कप में लगातार पांच बार पहली ही गेंद पर चौका मारने का रिकॉर्ड है जी हां अगर आप 90 केट है तो यकीन मानिए कि हर मैच की पहली बॉल पर मारे गए वो चौके और आप जिंदगी में नहीं भूल सकते क्रिकेट इतिहास में देखा जाए तो हमें कई ऐसे प्लेयर मिलेंगे जो पावर प्ले में गेंदबाजों के धागे खोल देते थे लेकिन सहवाग इंडियन क्रिकेट टीम का वो खतरनाक खिलाड़ी था जो ना सिर्फ आते ही गेंदबाजों के धागे खोल देता था बल्कि पहली ही गेंद से गेंदबाजों के हौसले भी तो छोड़ देता था मैदान कोई भी हो सामने बॉलर कोई भी हो लेकिन सहवाग हमेशा पहली ही गेंद पर बाउंड्री ठोकने के लिए जाने जाते थे और इसी कारण वो मैच की शुरुआत से ही सामने वाली टीम को बैकफुट पर धकेल देते थे बता दें कि 2011 के वर्ल्ड कप में उन्होंने पांच बार मैच की पहली ही गेंद पर चौका मारा था जो कि आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है क्योंकि क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट में आते ही बाउंड्री मारना और वो भी पांच बार यह सहवाग के अलावा पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता था राहुल द्रविड ने कहा था कि वर्ल्ड क्रिकेट में
पहले 10 ओवर में सहवाग से खतरनाक कोई नहीं खेल सकता सहवाग के शुरुआती दौर में जब वर्ल्ड क्रिकेट में t-20 का ख्याल तक नहीं आया था उस दौर में यह खिलाड़ी टेस्ट में भी t-20 वाले अंदाज से खेलता था आज तो हालात यह हैं कि खिलाड़ी टेस्ट मैच में भी टेस्ट जैसे नहीं खेल पाते और न्यूजीलैंड जैसी टीम भी इंडिया को इंडिया में ही 0 से हराकर चली जाती है अगला है नंबर नाइन डबल सेंचुरी इन ओडीआई एज अ कैप्टन सहवाग एक बेबाक खिलाड़ी थे जिनकी डिक्शनरी में डर नाम का शब्द तो कभी था ही नहीं फॉर्म चाहे कैसा भी हो हालात चाहे कैसे भी हो लेकिन मैदान पे आते ही सहवाग गेंदबाजों को रुई बनाकर पीटना कभी नहीं भूलते थे और अब आता है सहवाग का वो रिकॉर्ड जो सहवाग के बेबाक अंदाज को बयां करता है जी हां दरअसल यह रिकॉर्ड है बतौर कप्तान ओडीआई में दोहरा शतक लगाने का जो कि उन्होंने वेस्ट इंडीज के अगेंस्ट 2011 में जड़ा था वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले गए इस मैच में सहवाग टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे थे लेकिन बावजूद इसके बिना कोई प्रेशर लिए उन्होंने दौरा शतक ठोक दिया कैप्टंसी करते हुए आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाया और सहवाग का यह रिकॉर्ड बताता है कि चाहे कैसा भी प्रेशर हो लेकिन जब उनके हाथ में बल्ला होता था तब वो गेंदबाजों के ऊपर भूखे शेर की तरह झपट पड़ते थे सहभाग ने 251 ओडीआई मैचेस में कुल 8273 रन बनाए जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है डैरेक पिंगल ने कहा था कि विव रिचर्ड्स के बाद सहवाग से खतरनाक खिलाड़ी पूरी दुनिया में आज तक नहीं आया वैसे आपको क्या लगता है फिलहाल वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसा कौन सा कैप्टन है जो सहवाग के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है कमेंट करके जरूर बताना अब आता है नंबर एट ट्रिपल सेंचुरी बाय हिटिंग अ सिक्स जरा इमेजिन करिए कोई प्लेयर टेस्ट मैच के दौरान 295 पर बैटिंग कर रहा हो और उसके सामने हो पाकिस्तानी बॉलर लेकिन बावजूद इसके वह अपनी ट्रबल सेंचुरी मारकर पूरी करता है जी हां ऐसा बेखौफ बेबाक और विस्फोटक बल्लेबाज दुनिया में सिर्फ एक ही हो सकता है और व है मुल्तान का सुल्तान जिसे नजफगढ़ का नवा भी कहकर बुलाया जाता है वहीं कुछ लोग उसे पाकिस्तान का यमराज भी कहते हैं बात करें इस रिकॉर्ड की तो यह वाकया है साल 2004 का जब इंडियन टीम टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान गई थी
इसी दौरान एक मैच में सहवाग ने मुल्तान के मैदान पर ट्रिपल सेंचुरी जर दी और वो भी के साथ इसमें सबसे इंटरेस्टिंग बात यह है कि सहवाग ने ओवर के पहले ही सचिन को बता दिया था कि अगले ओवर में मारकर वो अपनी ट्रिपल सेंचुरी पूरी करेंगे और जैसे ही अगले ओवर में सकलैन मुस्ताक गेंदबाजी के लिए आया सहवाग ने बिना डरे आगे बढ़कर एक लंबा लगा दिया और अपनी ट्रिपल सेंचुरी पूरी कर ली सहवाग के इसी बेबाक अंदाज के बाद उन्हें मुल्तान का सुल्तान कहा गया और आज भी जब पाकिस्तानी गेंदबाजों के सपने में सहवाग आते हैं तो उनकी नींदें गायब हो जाती हैं क्योंकि सहवाग जैसी कुटाई शायद ही आज तक किसी बैट्समैन ने पाकिस्तान के किसी भी गेंदबाज की की होगी हालांकि इस रिकॉर्ड के पीछे भी सहवाग का एक मजेदार किस्सा सुनने को मिला जिसे आप सहवाग के मुंह से खुद सुन लीजिए सचिन टेंडल को बैटिंग करने आए तब मैं 110 120 प बैटिंग कर रहा था और मैंने तब एक मारा और सचिन ड ने मुझे कहा कि अगर अब तू मारते हुए आउट हुआ तो मैं तुझे बहुत मारूंगा तो बट जब मैं 295 पर पहुंचा था तो मैंने उन्हें ओवर के बाद बोला कि अगला ओवर अगर शक्लन मुश्ताक आया तो मैं मारने वाला हूं तो उन्होंने मुझे जरूर कहा तू पागल हो गया तो 295 पे है पांच रन बनाराम से पहला इंडियन बनेगा 300 रन बनाने वाला तो मैंने उन्हें हंसते हुए कहा वैसे भी तो मैं पहला इंडियन बन गया हूं जिसने 295 बनाए हैं क्योंकि आज तक तो किसी ने बना ही नहीं सहवाग का ये डेडिकेशन बताता है कि आखिर टेस्ट क्रिकेट में उनका क्या रुतबा हुआ करता था इस टेस्ट मैच में सहवाग और सचिन के बीच 300 36 रनों की पार्टनरशिप हुई थी जिसमें सचिन ने भी 194 रनों की शानदार पारी खेली थी सहवाग ने बाद में यह भी बताया कि 2003 में ऑस्ट्रेलिया के अगेंस्ट भी वो 195 रन तक पहुंच गए थे लेकिन मारने के चक्कर में व आउट हो गए लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि वह बड़े स्कोर बनाने के चक्कर में अपने बल्लेबाजी का अंदाज बदल देंगे गॉड ऑफ क्रिकेट सचिन ने कहा था कि मुझे सहवाग से यह सीखना है कि 90 रन बनाने के बाद बैटिंग कैसे की जाती है अगला है नंबर सेवन इनिंग विद हाईएस्ट स्ट्राइक रेट टेस्ट क्रिकेट में 100 से ज्यादा स्ट्राइक रेट से सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम है इनफैक्ट सहवाग इकलौते खिलाड़ी थे जिन्होंने अपनी क्रिकेटिंग करियर में कभी भी ओडीआई टेस्ट और t-20 में भेदभाव नहीं किया फॉर्मेट कोई भी हो पर सहवाग का खेलने का अंदाज कभी नहीं बदला क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में सवाग ने हर गेंदबाज को बिना किसी भेदभाव के पीटा और टेस्ट में एक दिन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम है उन्होंने साल 2008 में अफ्रीका के अगेंस्ट एक टेस्ट मैच में ने 319 रन बनाए थे जिसके लिए उन्हें महज 278 गेंदें लगी थी जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 104 के करीब था हालांकि वो टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी नहीं खेल पाए जो कि प्रायन लारा के नाम दर्ज है हालांकि स्ट्राइक रेट के मामले में सहवाग की ये विस्फोटक पारी सबसे बड़ी पारी है और इसके अलावा आपको बता दूं कि टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ पांच ऐसे दोहरे शतक लगे हैं जो कि 200 से भी कम गेंदों में बनाए गए जिनमें तीन दोहरे शतक सिर्फ सहवाग के नाम है सहवाग की इसी काबिलियत के चलते कपिल देव ने कहा था कि सहवाग जैसे खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में भीड़ को वापस लाते हैं अब आता है नंबर सिक्स ओनली बैट्समैन टू स्कोर 100 200 एंड 300 और हां नंबर तीन जरूर देखना यह रिकॉर्ड कभी नहीं टूटेगा सहवाग दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिसने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 200 और 300 रन बनाए और आपको वर्ल्ड क्रिकेट में कई ऐसे बैट्समैन मिल जाएंगे जिन्होंने अपने करियर में 100 200 या 300 कभी ना कभी बनाए होंगे लेकिन सहवा क्रिकेट की दुनिया में इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक दोहरा शतक के साथ साथ 13 शतक भी चढ़ाए सहवाग का यह रिकॉर्ड उन चुनिंदा रिकॉर्ड्स में से एक है जिसे तोड़ना किसी भी प्लेयर के लिए नामुमकिन है यही वजह है कि सहवाग को क्रिकेट की दुनिया का बेताज बादशाह कहा जाता है वहीं आपको बता दें कि सहवाग ने 11 बार शतक को 150 से भी ऊपर पहुंचाया है जो आज भी एक रिकॉर्ड है सवाक के ये रिकॉर्ड साफ बयां करते हैं कि सवाक किस तरह मैदान पर गेंदबाजों के साथ खिलवाड़ किया करते थे और जब तक मैदान पर रहते थे तब तक गेंदबाजों की रेल बनाकर रखते थे जिस वजह से महान स्पिनर शेन वन ने भी कहा था कि मैं हमेशा सहवाग को अपनी टीम में लेना चाहूंगा क्योंकि मैं उसे बैटिंग करना तो देखना चाहता हूं लेकिन मैं उसे गेंदबाजी नहीं करना चाहता इमेजिन कीजिए कि जब सेन वन जैसा महान बॉलर भी जिस खिलाड़ी को बॉलिंग करने से डरता था
तो बाकी गेंदबाजों का मैदान पर क्या हाल होता रहा होगा अगला है नंबर फाइव टू ट्रिपल सेंचुरी सहवाग इकलौते भारतीय खिलाड़ी थे जिसने टेस्ट क्रिकेट में दो तीरे शतक लगाए थे एक दौर हुआ करता था जब सहवाग जैसा बल्लेबाज टीम में जगह बनाने के लिए नहीं बल्कि सामने वाले बॉलर की जगह छीनने के लिए खेला करता था और इसीलिए सहवाग को हमेशा ही गेंदबाजों की नींद उड़ाने के लिए जाना जाता था टेस्ट में दो-दो बार ट्रिपल सेंचुरी लगाना और वो भी पाकिस्तान और अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ बिल्कुल भी आम बात नहीं थी क्योंकि सहवाग ने उस दौर में क्रिकेट खेला था जब पाकिस्तान में शइब अखतर और वसीम अकरम जैसे घातक गेंदबाज थे तो वहीं अफ्रीका में शॉन पोलक और डेल स्टन जैसे खूंखार गेंदबाज हुआ करते थे लेकिन सहवाग ने इन गेंदबाजों के अगेंस्ट भी ट्रिपल सेंचुरी जड़ दी और सबको यह बता दिया कि क्यों उन्हें विस्फोटक बेखौफ और बेबाक कहा जाता है वहीं इसमें से एक 13 शतक तो सहवाग ने पाकिस्तान में ही घुसकर ठोक दिया था जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान की सरजमी पर जमकर रन बनाए जिसके बाद पूरी दुनिया ने उन्हें मुल्तान का सुल्तान कहा था दरअसल यह दोनों ही ट्रिपल सेंचुरी उन्होंने टेस्ट में टेस्ट खेलकर नहीं बल्कि टेस्ट में t-20 खेलकर बनाई थी और यही कारण था कि वह गेंदबाजों के लिए हमेशा नाइटमेयर साबित हुए अब आता है नंबर फोर मोस्ट रंस इन अ डे एक ही दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम है साल 2009 में मुंबई के ब्रेब स्टेडियम में खेले गए एक टेस्ट मैच में सहवाग ने श्रीलंका के खिलाफ एक ही इनिंग में 284 रन ठोक दिए जो कि आज भी एक रिकॉर्ड है भारत की तरफ से सिंगल डे में आज तक किसी भी बैट्समैन ने इतने रन नहीं बनाए सहवाग का यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि उनके खेलने का तरीका कितना खतरनाक और विस्फोटक था टेस्ट में भी t-20 का अंदाज सिर्फ और सिर्फ सहवाग ही दिखा सकते थे बता दें कि उस दौर में सहवाग का खौफ गेंदबाजों में कुछ इस कदर हुआ करता था कि ओवर की पहली बॉल से बॉलर विकेट लेने के बजाय उनसे बचने को देखता था आज वर्ल्ड क्रिकेट में कोई भी ऐसा बल्लेबाज नहीं है जो एक दिन में 284 रन ठोक सके क्योंकि सहवाग कभी भी रिकॉर्ड के लिए नहीं बल्कि गेंदबाजों को पीटने के लिए खेलते थे सहवाग ने सिर्फ इंडियन टीम के लिए क्रिकेट ही नहीं खेला सहवाग ने हमेशा के लिए टीम की मेंटालिटी को चेंज करके रख दिया जो आज की जनरेशन में साफ-साफ देखने को मिलता है अगला है नंबर थ्री सिक्स ऑन द फर्स्ट बॉल ऑफ द इनिंग और यकीन मानिए यह रिकॉर्ड कभी नहीं टूट सकता क्योंकि क्रिकेट इतिहास में पारी की पहली बॉल पर पहला सहवाग ने ही मारा था उनसे पहले किसी भी खिलाड़ी ने कभी भी क्रिकेट के पूरे इतिहास में पारी की पहली बॉल पर नहीं मारा था आजकल क्रिकेट के ग्राउंड पर अक्सर पहली बॉल पर चौका लगता रहता है जो कि आम बात है लेकिन जब मैच की पहली ही बॉल पर कोई प्लेयर जड़ दे तो इसके बाद बॉलर के अंदर एक अलग ही खौफ पैदा हो जाता है और कुछ ऐसा ही सहवाग अक्सर करते रहते थे दरअसल साल 2004 में सहवाग ने पहली बार मैच की पहली बॉल पर मार दिया और सहवाग ने कारनामा किया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालांकि इसके बाद डि विलियर्स क्रिस गेल डेविड मनर और कई खिलाड़ियों ने भी पहली बॉल पर मारा लेकिन सबसे पहला सहवाग ने अपने नाम किया था बता दें कि सहवाग ने अपने पूरे करियर के दौरान 50 से ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर बाउंड्री ठोकी थी इसके अलावा सरप्राइजिंग बात यह है कि टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कुल 25 बार इनिंग की शुरुआत बाउंड्री के साथ की वहीं वनडे क्रिकेट में 26 बार जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है और जिसे शायद ही कोई क्रिकेटर कभी तोड़ पाए आज के दौर में ट्रेविस सेट को लोग बहुत ही खतरनाक बल्लेबाज मानते हैं लेकिन पहली बार पर लगाना सबके बस की बात नहीं है सहवाग ही कर सकते थे ये अनबीटेबल रिकॉर्ड सहवाग को क्रिकेट जगत में एक यूनिक प्लेयर का दर्जा देता है लक्ष्मण शिवराम कृष्णन ने एक बार कहा था कि बॉलर अच्छा हो सकता है लेकिन जब सहवाग ने एक बार तय कर लिया कि उसको मारना है तो भगवान ना करे कि उसके रास्ते में कोई खड़ा हो और यही वजह है कि आज तक सहवाग जैसा खतरनाक बल्लेबाज क्रिकेट की दुनिया में पैदा ही नहीं हुआ अब आता है नंबर टू मोस्ट रंस एज एन ओपनर बताओ और ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम ही है इंडिया के लिए ओपनिंग करते हुए सहवाग ने कुल 388 मैच खेले जिसमें सहवाग ने 11758 रन बनाए उन्होंने 36 सेंचुरी के साथ-साथ एक डबल सेंचुरी और दो ट्रिपल सेंचुरी भी लगाई हैं सहवाग का ओपनिंग करते हुए ओवरऑल एवरेज 42 का रहा है और सहवाग का यह रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने एक ओपनर के तौर पर भारत के लिए कई माइल स्टोन हासिल किए और अगर हिस्टॉरिकली किसी भी इंडियन ओपनर से कंपेयर करें तो ये किसी भी इंडियन ओपनर का सबसे अच्छा एवरेज रहा है हालांकि इस मामले में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा का नाम आता है वहीं तीसरे नंबर पर मास्टर ब्लास्टर यानी कि सचिन आते हैं और इसी कारण सहवाग को हमेशा ही वर्ल्ड क्रिकेट में वन ऑफ द डेंजरस प्लेयर के तौर पर देखा जाता रहा है
वैसे आप में से बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि वीरें सहवाग अपनी पारी की शुरुआत गाने गाकर किया करते थे और वो जब मिडिल में होते थे तो गानों की लय और पंक्तियां अपनी पारी के हिसाब से सेट कर लेते थे और एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अपने दिमाग से नेगेटिव थॉट्स को दूर करने के लिए वो कोई गीत या भजन गा लेते थे जब रन नहीं बनते थे तब वो भजन गाते थे और जब रन बनने लगते थे तब वोह बॉलीवुड के गाने गाने लगते थे आप खुद ही सुन लीजिए कैसे बताए क्यों तुझ चाहे रा अब आता है नंबर वन बिगेस्ट पार्टनरशिप फॉर द फर्स्ट विकेट पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भी सहवाग ने अपने नाम कर रखा है साल 2006 में सहवाग और राहुल तवीर ने लाहौर टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ 410 रनों की शानदार साझेदारी की और इस मैच में सहवाग ने पाकिस्तानी बॉलर्स को मार मार मार कर उनका कचूमर बना दिया और विस्फोटक सहवाग ने अकेले ही इस मैच में 47 चौके मारे थे आप यकीन कर सकते हैं आजकल के मैचेस में पूरी इंडियन टीम पूरी पारी में मिलाकर 47 चौके नहीं मार सकती और एक सहवाग था जो अकेले ही एक पारी में लगभग 50 चौके ठोक देता था सहवाग ने इस मैच में 254 रनों की पारी खेली थी जिसमें 194 रन सिर्फ चौकों और से ही आ गए थे वहीं दूसरी तरफ राहुल द्रविड ने भी इस मैच में शतक मार दिया था लेकिन इस मैच में जो सबसे बड़ा रिकॉर्ड निकलकर सामने आया वो यही था कि सवाग और द्रविड के बीच 410 रनों की शानदार पार्टनरशिप हुई थी और यह रिकॉर्ड आज भी इंडियन टीम में कोई नहीं तोड़ पाया बता दें कि लगातार 11 टेस्ट पारियों में 150 से भी ज्यादा का स्ट्राइक रेट खेलने का रिकॉर्ड भी सहवाग के नाम दर्ज है
जो ये जाहिर करता है कि टेस्ट में भी सहवाग गेंदबाजों को कुत्तों की तरह पीटते थे इसके अलावा सहवाग के नाम 23 टेस्ट सेंचुरी हैं जिनमें से सात सेंचुरी तो ऐसी भी हैं जिन्हें बनाते वक्त सहवाग को 100 से भी कम गेंदें लगी और सहवाग ने ये सारे रिकॉर्ड ओपनिंग करते हुए बनाए हैं जी हां आमतौर पर माना जाता है कि नई बॉल स्विंग ज्यादा होती है इसलिए ओपनर्स हर मैच में रन नहीं बना सकते आजकल तो इंडियन ओपनर और कप्तान रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करते हुए तेज तरार 40 रन भी ठोक दें तो सोशल मीडिया में वायरल होने लगते हैं लेकिन वहीं एक सहवाग थे जिन्होंने अपने करियर के पीक में लगभग हर मैच में डेल स्टेन ब्रेटली और शोब अखतर जैसे गेंदबाजों की बखिया उधेड़ कर रख दी थी हालांकि तब सोशल मीडिया नहीं था इसलिए सहवाग की बल्लेबाजी की रील्स आपको देखने को नहीं मिलेंगी लेकिन यकीन मानिए जब सहवाग मारते थे तो गजब ही मारते थे साथ ही सहवाग अपने करियर में कई बार 90 और 190 के अराउंड आउट हुए हैं लेकिन कभी भी उन्होंने शतक या दोहरे शतक के लिए अपने खेलने का अंदाज नहीं बदला और गेंदबाजों पर बराबर कहर भर पाया क्रिकेट की दुनिया में एमएस धोनी को महान और सचिन को भगवान कहा जाता है तो वहीं सहवाग को कहा जाता है
मुल्तान का सुल्तान भले ही मॉडर्न डे क्रिकेट में पहले से ज्यादा बाउंड्रीज लगने लगी हो लेकिन सच्चाई तो यह है कि आज भी सहवाग जैसी फीयरलेस बैटिंग कहीं भी देखने को नहीं मिलती एक दौर हुआ करता था जब सहवाग किसी भी बॉलिंग अटैक को अकेले खा जाता था और जिसके डर से गेंदबाज कांपने लगते थे सहवाग की तारीफ में सौरव गांगली ने कहा था कि वो एक जुवारी है एक ऐसा जुवारी जो जोखिम लेना पसंद करता है और किसी भी बॉलिंग अटैक को खत्म करने की औकात रखता है सवाक के रिटायर होने के बाद सवाक के अधिकतर फैंस का बस यही कहना था कि जब से तुमने खेलना छोड़ दिया तब से हमने क्रिकेट देखना छोड़ दिया वैसे दोस्तों सहवाग के इन रिकॉर्ड्स में ऐसा कौन सा रिकॉर्ड्स है जो आपको लगता है कि कभी नहीं टूटेगा कमेंट करके जरूर बताना और हां अगर वीडियो पसंद आई हो तो लाइक करके चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल मत भूलना आगे बहुत ही शानदार वीडियोस आने वाली हैं मिलते हैं अगली वीडियो में