जब 18 सालों का सूखा खत्म करके आरसीबी ने आईपीएल की ट्रॉफी उठाई तो विराट कोहली के जश्न ने पूरे देश को इमोशनल कर दिया। पर्दे पर और सोशल मीडिया की चमचमाती दुनिया में विराट और इनकी पत्नी अनुष्का एक परफेक्ट पावर कपल है। एक तरफ बॉलीवुड की ए लिस्टर एक्ट्रेस और दूसरी तरफ इंडियन क्रिकेट का सबसे बड़ा गोट। जिया जिया रे जिया रे जिया जिया रे जिया रे जिया जिया रे जिया इनकी एक तस्वीर पर लाखों लाइक्स आते हैं और जब भी ये दोनों साथ नजर आते हैं तो पूरा देश कपल गोस्ट चिल्लाने लगता है।
जगा ले तू जगा ले जज्बा जगा ले तू जगा ले जज्बा। लेकिन क्या इस ऐतिहासिक जीत और इस आदर्श पति वाली इमेज के पीछे एक ऐसा डार्क सच भी छिपा है जिसे आज की ऑडियंस देखने से चूक जाती है? मैंने आज सारा दिन बड़ा गलत बिहेव किया। मैंने आपसे अपनी मर्जी से शादी करी है तो मुझे कोई हक नहीं बनता कि मैं भगवान जी का गुस्सा आप पर निकालूं। क्या आप जानते हैं कि एक तरफ विराट मैदान पर ट्रॉफी चूम रहे हैं और दूसरी तरफ जब इनके Instagram अकाउंट से इनकी एक्स गर्लफ्रेंड अवनीत कौर और फिर एक जर्मन मॉडल की तस्वीर पर छुपकर लाइक का ठप्पा लगा तो इंटरनेट पर इतना बवाल बढ़ा कि इसे अल्गोरिदम की गलती बताकर शांत करना पड़ा। क्या आपने कभी सोचा है कि अपने-अपने करियर के बिल्कुल पीक पर बैठे इन दोनों दिग्गजों ने अचानक खामोशी की चादर क्यों ओढ़ ली? आखिर ऐसा क्या हुआ कि बॉलीवुड की एक बेहद एंबिशियस एक्ट्रेस और मैदान पर अपना गुस्सा दिखाने वाला एक आक्रामक कप्तान करोड़ों की इस चकाचौंध को छोड़कर लंदन की सड़कों पर एक आम इंसान की
तरह गुमनामी की जिंदगी तलाशने लगे। ले जाए जाने कहां हवाएं हवाएं ले जाए तुझे कहां हवाएं। दोस्तों आज के वीडियो में हम सिर्फ ट्रॉफी की बात नहीं करेंगे। हम बात करेंगे विराट कोहली पर हमेशा खुद को सबसे ताकतवर साबित करने के उस साइकोलॉजिकल दबाव की। रोहित शर्मा से जुड़े उस डार्क और अनकही चैप्टर की और अनुष्का शर्मा के उस अटल आजाद रवैया की जिसने साल 2016 में देश के सबसे बड़े क्रिकेटर को अपनी सोच बदलने पर मजबूर कर दिया। लड़कों को लगता है किसी जाना इस बार उनका। इस खामोश और शांत वर्तमान को समझने के लिए हमें विराट कोहली के उस शोरशरावे वाले अतीत में जाना होगा जिसे पीआर एजेंसियों ने बहुत ही सफाई से भुला दिया है। आज विराट एक शांत, डिसिप्लिंड और एक जिम्मेदार पिता की छवि में ढल चुके हैं। लेकिन अनुष्का से मिलने से पहले यह एक ऐसे युवा थे जिस पर पूरे देश की उम्मीदों का एक ऐसा प्रेशर था जो किसी भी इंसान के दिमाग को भटका सकता था। जरा उस दौर की साइकोलॉजी को समझिए। सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी के बाद इंडियन क्रिकेट को एक नए मसीहा की तलाश थी। विराट के कंधों पर सिर्फ रन बनाने का बोझ नहीं बल्कि फील्ड पर हर समय खुद
को अल्फा मेल और सबसे ताकतवर साबित करने का भी दबाव था। मैदान पर उंगली दिखाना, हर बात पर रिएक्ट करना और अपना गुस्सा जाहिर करना यह विराट का नेचर ही नहीं बल्कि फेम और प्रेशर से डील करने का एक डिफेंस मैकेनिज्म बन गया। और जब कोई इंसान इस तरह के दबाव और रातोंरात मिले सुपरस्टारडम के बीच जीता है तो उसकी पर्सनल लाइफ में ठहराव आना लगभग नामुमकिन हो जाता है। यही वजह थी कि उस दौर में इनकी जिंदगी में कई मॉडल्स और एक्ट्रेसेस आई और गई। साक्षी अग्रवाल, मिस इंडिया, सारा जैन डायस और ब्राज़लियन मॉडल इजाबेन लेटे। व्हाट्स द मैटर? अ, आई हैव लॉस्ट माय मोबाइल। कुड यू गिव मी अ मिस कॉल प्लीज। व्हाट्स योर नंबर? अरे इस कांटेक्ट का कोई नाम तो होगा ही। तमन्ना। इजाबेल के साथ इनका रिश्ता साल 2012 से 2014 तक चला। लेकिन यह रिश्ता इतने कड़वे मोड़ पर खत्म हुआ कि आज 10 साल बाद भी इजाबेल अपने नाम के साथ विराट का नाम जुड़ना पसंद भी नहीं करती। आई हैव नॉट थिंग टू टॉक अबाउट विराट कोहली एनीमोर। लेकिन इस दौर का सबसे डार्क और अनका चैप्टर वो है जिसके तार सीधे तौर पर विराट के बाद बने इंडियन टीम के कप्तान रोहित शर्मा के घर से जुड़ते हैं। साल 2010 से 2013 के बीच विराट कोहली को मैनेज करने वाली टैलेंट एजेंसी की तरफ से इनकी पर्सनल मैनेजर थी रतिका ससदेह। वही रतिका सजदे जो आज रोहित शर्मा की पत्नी हैं। साल 2013 के आसपास जब यह इजाबेल के साथ रिश्ते में थी, उसी दौरान मीडिया में इनकी और रतिका की मूवी डेट्स और साथ घूमने की तस्वीरें सामने आने लगी। और यह बात इंडस्ट्री में किसी से छिपी नहीं थी कि यह सिर्फ एक क्लाइंट और मैनेजर का रिश्ता नहीं था। और सबसे दिलचस्प बात यह है कि
उसी दौर में ब्रिटिश इंडियन मॉडल सोफिया हयात ने सरेआम यह खुलासा किया था कि उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों के साथ वक्त बिताया है। आज इंटरनेट पर अक्सर विराट और रोहित शर्मा के बीच मतभेदों की खबरें छाई रहती हैं। लोग इसके पीछे क्रिकेट की पॉलिटिक्स ढूंढते हैं। लेकिन क्या इस दरार की असल नीव उस दौर में पड़ गई थी जहां दोनों की पर्सनल लाइफ के तार एक दूसरे से उलझे हुए थे। यह उस कॉम्पिटिटिव दौर का सबूत है जहां दुनिया के दो सबसे बड़े क्रिकेटर्स सिर्फ पिच पर नहीं बल्कि अपनी पर्सनल जिंदगी की उलझनों में भी आमने-सामने खड़े थे। अब्सोलुटली रेडीकुलस टू रीड सच स्टफ दैट कम्स आउट देर। आई मीन आई हैव बीन टू फ्यू पब्लिक इवेंट्स। एंड द पब्लिक सेंटीमेंट दैट आई फील। और अब आते हैं इस कहानी के उस हिस्से पर जिसे बॉलीवुड हमेशा गलत तरीके से पेश करता है। कई लोग नैरेटिव बनाते हैं कि बॉलीवुड ने अनुष्का को तोड़ दिया या अनुष्का ने डिप्रेशन में आकर फिल्में छोड़ दी। लेकिन अगर अनुष्का शर्मा के ग्राफ का एक्सरे करेंगे तो आपको पता चलेगा कि ये बॉलीवुड की सबसे मजबूत और आजाद खयालों वाली औरतों में से एक हैं। देखिए मेरी पर्सनल लाइफ है जो मेरा जहां मैं जाती हूं वो मेरी निजी जिंदगी है।
किसी को बोलती नहीं हूं कि आके आप मेरे को देखो और मेरे को फोटोग्राफ लो। मैं कहीं पे जा रही हूं। मैं जा रही हूं क्योंकि मुझे जाना है। सो आई एम नॉट लायबल टू यू और एनीबडी टू आंसर दिस क्वेश्चंस। अनुष्का शर्मा कोई ऐसी बेचारी आउटसाइडर नहीं थी जिन्हें कोई गॉड फादर चाहिए था। यह एक आर्मी ऑफिसर की बेटी थी जिनके अंदर बचपन से ही डिसिप्लिन और सेल्फ रिस्पेक्ट कूट-कूट कर भरा था। पहली ही फिल्म रब ने बना दी कि जोड़ी की मीटिंग के दौरान जब आदित्य चोपड़ा ने अनुष्का के मुंह पर कह दिया कि तुम्हारी शक्ल उतनी खास नहीं है तो एक नई लड़की के अंदर कितना सेल्फ डाउट पैदा हुआ होगा। इसी इनसिक्योरिटी और इंडस्ट्री के खोखले ब्यूटी स्टैंडर्ड्स के प्रेशर में आकर इन्हें अपने होठों का ट्रीटमेंट करवाना पड़ा जिसके लिए पूरे देश ने इनका सरेआम मजाक भी उड़ाया लेकिन अनुष्का ने हार नहीं मानी। रणवीर सिंह के साथ इनकी जो केमिस्ट्री और ऑन ऑफ रिलेशनशिप चला वह भी इनकी शर्तों पर ही रहा। जब कॉफी विद करण में इनसे रणवीर के बारे में पूछा गया तो इन्होंने साफ कहा कि मुझे ऐसा इंसान चाहिए जो मुझे शांत कर सके। इन्होंने कभी किसी की इमेज के साए में जीने से इंकार कर दिया। इट्स इट्स आई थिंक मोर इज़ बीइंग मेड आउट ऑफ़ दिस देन देन देयर रियली इज इट इवन इफ आई सी हिम लाइक आई सॉ हिट एन अवार्ड शो व्हेन वी चैट
एंड दैट वाज़ इट्स कंप्लीटली हैव लाइक अ कोऑर्डियल रिलेशनशिप विथ हिम। अगेन लाइक वेर नॉट इन टच लाइक दैट बट या। इफ वी सी ईच अदर टू अ फिल्म विथ हिम एंड और अनुष्का की इसी आजाद सोच का सबसे बड़ा सबूत तब मिला जब 25 साल की उम्र में इन्होंने खुद का प्रोडक्शन हाउस क्लीन स्लेट फिल्म्स खड़ा कर दिया। एनएच 10, पाताल लोक और बुलबुल जैसे डार्क और अनकन्वेंशनल प्रोजेक्ट्स बनाकर इन्होंने इंडस्ट्री को बता दिया कि यह सिर्फ ग्लैमर के लिए नहीं बल्कि असली सिनेमा बनाने आई हैं। अनुष्का किसी भी हाल में वो कमजोर एक्ट्रेस नहीं थी जो बॉलीवुड से भाग जाए। यह वो इंसान थी जो अपने नियमों पर खेल रही थी और जब इनकी मुलाकात विराट कोहली से हुई तो यह किसी कमजोर और ताकतवर इंसान का मेल नहीं था। यह दोनों बेहद मजबूत और अपने उसूलों पर चलने वाले अल्फा इंसानों का आमनासामना था। लेकिन विराट कोहली की इस आक्रामक दुनिया में एंट्री लेने से पहले खुद अनुष्का शर्मा एक बेहद वोलेटाइल रिश्ते से गुजर रही थी। बैंड बाजा बारात के दौरान रणबीर सिंह के साथ इनकी जो केमिस्ट्री शुरू हुई थी वो कैमरे के पीछे भी एक गहरी लेकिन उलझी हुई कहानी बन चुकी थी। राजीव मसंध के उस मशहूर आर्टिकल को याद करिए जिसने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया था। रणवीर सिंह की सोनाक्षी सिन्हा के साथ बढ़ती नजदीकियों और आईफा अवार्ड्स के दौरान उनके परफॉर्मेंस ने अनुष्का और रणवीर के बीच एक गहरी दरार पैदा कर दी थी। अनुष्का उस शोर और इनसिक्योरिटी से थक चुकी थी। इन्होंने साफ कहा था मुझे ऐसा इंसान चाहिए जो मुझे शांत कर सके वरना वो रिश्ता मेरे लिए सही नहीं होगा। इन टर्म्स ऑफ़ हिज स्प्रे। गुड बॉय। व्हाट डीड यू हैव टू से अबाउट दैट? गुड चॉइस। बिकॉज़ ही इज़ सपोज्डली डेटिंग दीपिका एंड यट ही चोज़ योर नेम। सो आई थिंक देयर इज ऑनेस्टी इन दैट ओपिनियन फॉर शोर। यू हैव रियली हाई रिगार्ड्स फॉर रणवीर एट दिस मोमेंट विथ दिस आंसर। जो लड़की एक अस्थिर रिश्ते से बाहर निकल कर अपनी जिंदगी में शांति और ठहराव ढूंढ रही थी उसकी जिंदगी में उस इंसान की एंट्री कैसे हो गई जो उस वक्त पूरे देश में अपने गुस्से और आक्रामकता के लिए जाना जाता था। दरअसल यह कोई इत्तेफाक नहीं था। यह दो ऐसे लोगों का मिलना था जो अंदर से एक जैसा खालीपन
महसूस कर रहे थे। जब यह दोनों एक साथ आए तो मीडिया ने इन्हें सर आंखों पर बिठा लिया। लेकिन असल जिंदगी में दो इतने हाई अचीविंग इंसानों का साथ आना कभी आसान नहीं होता है। साल 2016 में इनकी इस लव स्टोरी में एक ऐसा भूचाल आया जिसने देश के सबसे बड़े क्रिकेटर के ईगो को चकनाचूर कर दिया। यह वो दौर था जब विराट कोहली इंडियन क्रिकेट के सबसे बड़े पोस्टर बॉय बन चुके थे और अनुष्का, सुल्तान और ए दिल मुश्किल जैसी फिल्मों के साथ अपने करियर के बिल्कुल पीक पर थी। मीडिया रिपोर्ट्स और इनाइडर्स के मुताबिक विराट कोहली की सोच उस वक्त काफी ट्रेडिशनल थी। यह चाहते थे कि अनुष्का शादी कर लें और शादी के बाद अपनी फिल्मी करियर की रफ्तार धीमी कर दें या उसे पूरी तरह छोड़ दें ताकि यह घर परिवार पर फोकस कर सकें। लेकिन अनुष्का ने साफ तौर पर ना कह दिया। इन्होंने अपने करियर, अपनी आजादी और अपनी पहचान को किसी सुपरस्टार की पत्नी बनने से ज्यादा तवज्जो दी। इन्होंने इस शर्त को मानने से इंकार कर दिया और इस रिश्ते से बाहर आ गई। इस ब्रेकअप ने विराट कोहली को झटका दे दिया। इन्होंने ईगो और निराशा में आकर अपना Instagram पर हार्ट ब्रेक पोस्ट करना शुरू कर दिया और अनुष्का को अनफॉलो कर दिया। लेकिन इसी अलगाव ने विराट कोहली को एक बहुत बड़ा सबक भी दिया। इन्हें समझ आ गया था कि अनुष्का कोई आम लड़की नहीं है जो इनके स्टारडम में दब जाएंगी। अनुष्का को वापस पाने के लिए विराट को अपनी उस सोच को बदलना पड़ा। जब इन्होंने अपनी शर्तें वापस ली और अनुष्का की आजादी को पूरी तरह स्वीकार किया तब जाकर इन दोनों का पैचअप हो गया। मेरे भैया जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया। मेरे भैया जी से आज मैंने। साल 2017 में जब इन्होंने इटली में एक सीक्रेट और बेहद खूबसूरत सेरेमनी में शादी की तो लगा कि अब सब कुछ शांत हो गया है। लेकिन असली साइकोलॉजिकल संघर्ष शादी के बाद शुरू हुआ। भारत जैसे देश में जहां क्रिकेट एक धर्म है वहां क्रिकेटर्स को भगवान का
दर्जा मिलता है। लेकिन उसी भगवान के फेल होने पर जनता दानव बनने में भी सेकंड नहीं लगाती। जब भी विराट कोहली पिच पर रन नहीं बना पाते। जब भी टीम इंडिया कोई अहम मैच हार जाती तो पूरा देश पूरी मीडिया और लाखों तादाद में ट्रोलर्स अपनी भड़ास निकालने के लिए एक ही इंसान को टारगेट करने लगे। और इसी तरह अनुष्का को पनौती का टैग दे दिया गया। स्टेडियम में बैठने पर भद्दी बातें, सोशल मीडिया पर व्गर मीम्स और यहां तक कि दिग्गज क्रिकेटर यानी कमेंटेटर्स तक द्वारा सरेआम नेशनल टीवी पर अनुष्का का मजाक उड़ाना आम हो गया। और मैंने वही कहा कि विराट कोहली ने विराट कोहली को भी कोई चांस नहीं मिला था लॉकडाउन में प्रैक्टिस करने का। और एक जो वीडियो निकला था उसी वीडियो को देखकर उससे मैंने कहा कि उन्होंने सिर्फ अनुष्का की बोलिंग खेली है। बस विराट कोहली जो कभी हर बात पर मैदान पर लड़ जाते थे वो बेबस होकर सब कुछ देख रहे थे। इन्होंने अनुष्का के बचाव में पोस्ट्स किए लोगों को शे लेकिन खून की प्यासी भीड़ कहां रुकने वाली थी। इसी दौरान बॉलीवुड के अंदर भी पॉलिटिक्स चल रही थी। अनुष्का के परी और जीरो जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी। एक तरफ इंडस्ट्री का दबाव, दूसरी तरफ क्रिकेट फैंस का टॉक्सिक रवैया। लेकिन इस ट्रोलिंग के साथ-साथ एक और अदृश्य दबाव था जो इन दोनों के असली वजूद को अंदर ही अंदर खा रहा था। जब इन्होंने इटली के टस्कनी में शादी की तो इन्होंने अनजाने में भारत के अंदर सेलिब्रिटी वेडिंग्स का एक पूरा नया बिजनेस मॉडल खड़ा कर दिया। रातोंरात ये दोनों देश के सबसे बड़े पावर कपल बन गए। मान्यवर के विज्ञापन से लेकर हर छोटे बड़े ब्रांड ने इनके प्यार को भुनाना शुरू कर दिया। कभी-कभी क्या मैं जीतने दूंगी। किसी भी शो का सीजन फिनाले तुम्हारे बिना नहीं देखूंगा। शुरुआत में यह सब कुछ अच्छा भी लगता है। लेकिन जरा एक इंसान के नजरिए से सोचिए। जब आपका प्यार, आपका बेडरूम, आपकी शादी, आपकी हर एक प्राइवेट मोमेंट बाजार में बिकने वाला प्रोडक्ट बन जाए तो एक वक्त के बाद वो शोहरत आपको सांस भी नहीं लेने देता। आप जो भी करते हैं उस पर करोड़ों का सट्टा लगने लगता है। इन दोनों को बहुत जल्द यह बात समझ में आ गई कि ब्रांड विरुष्का की यह भारीभरकम इमेज इनके असली वजूद,
इनकी असली विराट और अनुष्का को ही निगल रही है। और यहीं से शुरू होता है इन दोनों का वो बदलाव जिसे आज की दुनिया अलग-अलग तरीके से जज कर रही है। कुछ लोग कहते हैं कि अनुष्का का नीमकरौली बाबा के आश्रम जाना या कीर्तन करना सिर्फ पीआर स्टंट है लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गहरी और डार्क है। लगातार ट्रोलिंग, माइक्रोस्कोपिक प्रेशर और पब्लिक जजमेंट के बीच कई लोग धीरे-धीरे शांति और एकांत की तरफ खींचने लगते हैं। विराट और अनुष्का की जिंदगी में भी शायद ऐसा ही हुआ। इस सेलिब्रिटी बर्नआउट की गहराई का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अनुष्का ने सिर्फ एक्टिंग से ही ब्रेक नहीं लिया। 25 साल की उम्र में इन्होंने अपने खून पसीने से जो प्रोडक्शन हाउस क्लीन स्लेट फिल्म्स बनाई थी, इन्होंने अपनी उस करोड़ों की कंपनी से भी पूरी तरह किनारा कर लिया और उसे अपने भाई गणेश के हाथों में सौंप दिया। एक कलाकार एक्टिंग से कुछ समय के लिए तो ब्रेक ले सकता है, लेकिन अपने ही बनाए हुए साम्राज्य से अपना नाम हटा लेना यह सिर्फ ब्रेक नहीं है बल्कि बॉलीवुड के पूरे सिस्टम, पूरे पीआर गेम और इस दिखावे की दुनिया से पूर्ण रूप से मोह भंग हो जाना है। और दूसरी तरफ विराट कोहली की आक्रामकता भी पूरी तरह शांत हो गई। दिल्ली का यह लड़का जो हर बात पर लड़ने के लिए तैयार रहता था। अब मैदान में यह आक्रामक नहीं दिखते बल्कि शांत और स्थिर नजर आते हैं। तो बहुत सारी चीजें सीखने को मिलती है आप जिन चीजों को एक सर्टेन लेंस से देख रहे होते हो बिकॉज़ आप पैशन से खेल रहे हो। आप दिल से खेल रहे हो। बट बाहर चीजें वैसी पर्सव नहीं हो रही हैं। मुंबई की चकाचौंध छोड़कर इनका लंदन की गुमनाम सड़कों पर शिफ्ट होना, वहां एक आम इंसान की तरह कॉफी पीना, बिना बॉडीगार्ड्स के सड़कों पर घूमना यह किसी हार का सबूत नहीं है। बल्कि इस बात का ऐलान है कि इन्होंने उस सर्कस में जोकर बनने से साफ इंकार कर दिया जहां ऑडियंस सिर्फ तमाशा देखना चाहती है। नमकीन सी बात है। हर नई सी बात में। तो दोस्तों आखिर विराट और अनुष्का की इस पूरी जर्नी इन विवादों और इनके इस अचानक शांति की तलाश कास ये सच क्या है? सबसे बड़ा एग्जांपल तो अभी लेटेस्ट हुआ है। एक Instagram लाइक पर पूरे देश का टूट पड़ना शायद उस घटन को समझाने के लिए काफी है जिससे यह दोनों सालों से गुजर रहे हैं। जब हम किसी मॉडल की तस्वीर के लाइक होने पर भयंकर बवाल काटते हैं या उसे एल्गोरिदम की गलती मानकर डिबेट करते हैं तो हम भूल जाते हैं कि हम दो इंसानों को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर उनके सांस लेने पर भी उन्हें जज कर रहे हैं। शायद यह ट्रॉफी जीतने वाले विराट के अंदर का वो इंसान आज भी कभी-कभी बाहर आना चाहता हो जो बिना जज हुए इंटरनेट स्क्रॉल कर सके। शायद अनुष्का आज भी कैमरे को मिस करती हो, लेकिन, इन्होंने जो कीमत चुकाई है वो इतनी बड़ी है कि यह उस टॉक्सिक दुनिया में वापस लौटना नहीं चाहते। जानता है क्यों लड़ना पड़ता है मुझे लड़कों के साथ दंगल? क्योंकि ये जो तुम्हारी सोसाइटी है ना इसमें आज भी लड़कियां घूंघट के पीछे जन्म ले हुए हैं और वहीं मर जावे। सच्चाई तो यही है दोस्तों कि एक वक्त के बाद यह पब्लिक, यह जनता, ये मीडिया आपको एक इंसान की तरह देखना बंद कर देती है। आप इनके लिए सिर्फ एक कंटेंट, एक मीम और एक पनौती बनकर रह जाते हैं। तो क्या आपको भी लगता है कि अनुष्का शर्मा ने सही वक्त पर बॉलीवुड की दुनिया को छोड़कर सही फैसला किया है? और क्या विराट का एक्स गर्लफ्रेंड की पोस्ट को चुप कर लाइक करना एक छोटी सी मानवीय भूल थी या फिर उसी घुटन का एक और सबूत अपनी बेबाक राय कमेंट्स में जरूर लिखकर बताइएगा और इस पावर कपल के संघर्ष इनके अलगाव इनके एकांत का पर्दाफाश करती ये दास्तान अगर आपको पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ऐसे ही बॉलीवुड के सबसे रियल सबसे डार्क सबसे अनफिल्टर्ड सच को गहराई से जानने के लिए सब्सक्राइब करें आपका फेवरेट चैनल बेबाक बॉलीवुड मिलते हैं अगले वीडियो में एक और बेबाक दास्तान के साथ तब तक के लिए नमस्कार तर