विजय का ब्लैक एंड वाइट ड्रेस कोड सिर्फ फैशन है या सत्ता संभालने के बाद दिया गया कोई राजनैतिक संदेश। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने आखिर खुद बता दिया है कि वह लगभग हर बड़े मौके पर ब्लैक एंड वाइट ड्रेसक्यों पहनते हैं और उनकी यह एक लाइन अब पूरे तमिलनाडु में चर्चा का विषय बन गई है।
तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा अगर किसी चेहरे की है तो वह हैं तमिल वेटरी कड़गम यानी टीवी के प्रमुख और राज्य के नए मुख्यमंत्री विजय। अपनी पहली चुनावी जीत के बाद विजय आज फिर जनता के बीच पहुंचे। लेकिन इस बार चर्चा [संगीत] सिर्फ उनकी रैली या रोड शो की नहीं हुई बल्कि उनके कपड़ों की भी हुई। विजय तिरुचिरापल्ली पहुंचे। वही शहर जहां से उन्होंने सितंबर 2025 में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। एयरपोर्ट के बाहर हजारों समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे।
विजय विजय के नारों के बीच उनका स्वागत हुआ और फिर करीब 10 कि.मी. लंबा रोड शो निकला जो एयरपोर्ट से सेंट जोसेफ कॉलेज तक गया। यह दौरा सिर्फ धन्यवाद यात्रा नहीं था। दरअसल तिरुचरापल्ली ईस्ट वही विधानसभा सीट है जहां से जनता ने विजय को जीत दिलाई थी। उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। एक तिरुचरापल्ली ईस्ट और दूसरी चेन्नई की पेरंबूर सीट। दोनों जगह जीत मिली। बाद में उन्होंने तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट छोड़ दी और पेरंबूर सीट अपने पास रखी। अब आते हैं उस सवाल पर जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। कुछ राजनैतिक विरोधी लगातार विजय के सूट पहनने पर सवाल उठा रहे थे।
पूछा जा रहा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद आखिर वह बार-बार ब्लैक एंड वाइट सूट ही क्यों पहनते हैं? तो इसका जवाब विजय ने खुद दिया। उन्होंने कहा मेरे सूट का रंग हमेशा काला और सफेद होता है। इसका संदेश साफ है। मैं हर चीज को ब्लैक एंड वाइट में देखूंगा। अच्छे और बुरे के बीच कोई ग्रे एरिया नहीं होगा। यानी विजय का दावा है कि सरकार चलाते समय सही और गलत के बीच कोई धुंधला इलाका नहीं होना चाहिए।
यानी अगर कोई काम जनता के हित में है तो उसे किया जाएगा। अगर गलत है तो उसे गलत माना जाएगा। बीच का कोई बहाना, कोई समझौता और कोई चलता है वाला रवैया नहीं होना चाहिए। अपने संबोधन में विजय ने जनता को धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन राजनैतिक ताकतों को नजरअंदाज किया जिन्होंने वर्षों तक मतदाताओं को निराश किया। उन्होंने यह भी माना कि उनकी पार्टी के पास अपने दम पर पर्याप्त विधायक नहीं थे। इसलिए गठबंधन सरकार बनानी पड़ी। लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले चुनावों में उन्हें और बड़ा समर्थन मिलेगा।
मंच पर उनके साथ मंत्री आधव अर्जुना, एस रमेश और लोकसभा सांसद दुरई वाईको भी मौजूद थे। अब सवाल यह है क्या विजय का ब्लैक एंड वाइट संदेश सिर्फ एक राजनैतिक प्रतीक है या फिर आने वाले दिनों में उनकी सरकार के फैसलों में भी यही सोच दिखाई देगी?