₹380 लगेगा एक आदमी तो टिकट बना करके दीजिएगा कि टिकट बना के देंगे तो ₹700 सीधे डबल लगेगा एक टिकट का ₹700 एक आदमी का 380 लगेगा और अगर टिकट बना कर देंगे तो इसका डबल लगेगा वाह टीटी साहब आपने तो रेलवे की इकॉनमी को पूरा थोक मंडी बना दिया। इतनी भारी छूट तो शायद ऑनलाइन शॉपिंग में भी नहीं मिलती होगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस को भारतीय रेलवे की शान कहा जाता है। लेकिन इस ट्रेन में भी कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं कि इस शानदार ट्रेन की शान में बट्टा लग जाता है। ऐसा ही एक मामला पटना के पास मौजूद दानापुर रेलवे डिवीजन से आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें टीटीई को एक पैसेंजर से टिकट के इंतजाम के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है। जब पैसेंजर इस बातचीत को रिकॉर्ड कर रहा था तो टीटीई ने कथित तौर पर उससे कहा कि वह जिस चीज के लिए रिक्वेस्ट कर रहा है उसकी अनुमति नहीं है। इसके बाद समझाते नजर आए कि वह ₹380 में टिकट का इंतजाम कर सकते हैं।
आगे टीटीई साहब जोड़ते हैं कि अगर उनके जरिए टिकट ना लिया जाए तो उसी सफर के लिए यात्री को लगभग ₹700 देने पड़ेंगे। बाद में टीटीई पैसेंजर से कहता है कि वह अटेंडेंट से बात करें। इस बीच जब पैसेंजर अटेंडेंट के पास पहुंचता है तो वह किसी भी तरह की डील करने से साफ इंकार कर देता है। तीन लोग का मैसेज दे देते हैं। वो वही है ना वही है।
हां हां देखिए बात करिए। वो तो सीधा कह रहा है कि एक व्यक्ति का ₹00 500 दे देता सर। तीन लोग हैं। उसी से बात करिएगा। उसी से बात करिए। क्या नाम है उनका उनका? अरे उसी से बात इंसान खड़ा है। अच्छा क्या पहले ठीक है। भाई जी टीटी साहब बोले हैं ना कि उन्हीं से जा के बात कीजिएटी साहब ना यार भैया यार माफ़ करो यार बोले हैं कि उन्हीं से बात करने सुनिए ना हम लोग पांच तीन लोग हैं पांच दे देते हैं.
उनसे बोल दो वो तो कायदे से तो ड्यूटी पर मौजूद टीटी साहब को फाइन लगाना चाहिए था या फिर उस पैसेंजर का नया टिकट बनाकर उन्हें देना चाहिए था लेकिन उनके अंदर इंसानियत फूट-फूट कर भरी थी उन्होंने पैसेंजर को डिस्काउंट वाले रेट पर टिकट ऑफर दे दिया। रेलवे नियमों के मुताबिक टीटीई बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों का टिकट काटकर पेनाल्टी तो ले सकता है, लेकिन बिना रसीद के अगर टीटीई पैसा मांगे तो यह नियमों का उल्लंघन है।
यह मामला सामने आने के बाद रेलवे ने एक्शन लिया है और टीटीई को सस्पेंड कर दिया। यानी रेलवे की ओर से कारवाई तो संपन्न हो गई लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस चल रही है। क्या यूज़र्स इस बात पर तर्क वितर्क कर रहे हैं? क्या रेलवे अधिकारी यानी टीटीई पैसेंजर की मदद करने की कोशिश कर रहा था या फिर वो कोई गलत काम कर रहा था। यानी मामले पर मिलेजुले रिएक्शंस आ रहे हैं।
एक तरफ कई यूज़र्स ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार और पद के मिसयूज को बढ़ावा देती हैं ऐसी घटनाएं। वहीं कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स को यह मजेदार लगा। उनका कहना है कि टीटीई ज्यादा पैसे वसूलने के बजाय उसे सस्ता टिकट दिलाने की कोशिश कर रहा था। रेलवे की ओर से कारवाई तो हो गई।