दोस्तों, हिंदी सिनेमा की दुनिया में कई ऐसे किस्से हैं जो सालों बाद भी लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बने रहते हैं। बड़े पर्दे पर दिखने वाले कई यादगार सीन इतने असली लगते हैं कि दर्शक सोचने लगते हैं कि आखिर इन्हें फिल्माया कैसे गया होगा।
लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ है जब कैमरे के सामने अभिनय करते-करते कलाकारों से सचमुच कुछ ऐसा हो जाए जो हमेशा के लिए फिल्मी इतिहास का हिस्सा बन गया। आज हम आपको बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारों अमिताभ बच्चन और वहीदा रहमान से जुड़ा एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा सुनाने जा रहे हैं।
यह घटना उस दौर की है जब अमिताभ बच्चन अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे और वहीदा रहमान इंडस्ट्री की सबसे सम्मानित और सफल अभिनेत्रियों में से एक गिनी जाती थी। यह किस्सा है फिल्म रेशमा और शेरा की शूटिंग का जब एक सीन की वजह से वहीदा रहमान ने अमिताभ बच्चन को ऐसा थप्पड़ मार दिया कि पूरा सेट सन रह गया। तो आखिर ऐसा हुआ क्या था? क्या यह थप्पड़ स्क्रिप्ट का हिस्सा था? और अमिताभ बच्चन की मां ने ऐसा क्या कहा था जिससे वहीदा रहमान घबरा गई थी? आइए जानते हैं पूरी कहानी। फिल्म रेशमा और शेरा अपने समय की चर्चित फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आए थे। उस समय अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे।
जबकि वहीदा रहमान पहले से ही एक स्थापित अभिनेत्री थी। अपने शानदार अभिनय और सादगी के लिए मशहूर वहीदा रहमान हर सीन को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने में विश्वास रखती थी। शूटिंग के दौरान एक ऐसा सीन था जिसमें वहीदा रहमान को अमिताभ बच्चन के किरदार को थप्पड़ मारना था। आमतौर पर फिल्मों में ऐसे सीन कैमरे के एंगल और एडिटिंग की मदद से शूट किए जाते हैं ताकि किसी कलाकार को चोट ना पहुंचे। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग था। सीन की शूटिंग शुरू होने से पहले फीदा रहमान ने अमिताभ बच्चन से मुस्कुराते हुए कहा कि जब उन्हें जोरदार थप्पड़ मारने वाली हैं। अमिताभ बच्चन ने भी इसे मजाक में लिया और दोनों शूटिंग के लिए तैयार हो गए।
लेकिन जैसे ही कैमरा रोल हुआ और निर्देशन ने एक्शन कहा, वहीदा रहमान का हाथ सचमुच इतनी तेजी से चला कि अमिताभ बच्चन को असली थप्पड़ लग गया। थप्पड़ इतना वास्तविक था कि सेट पर मौजूद सभी लोग कुछ पल के लिए हैरान रह गए।
कुछ लोगों को लगा कि शायद सीन बिगड़ गया है। लेकिन निर्देशन के लिए यह शॉट बिल्कुल परफेक्ट था क्योंकि कैमरे में भावनाएं पूरी तरह असली दिखाई दे रही थी। दिलचस्प बात तो यह रही कि अमिताभ बच्चन ने इस बात का बिल्कुल भी बुरा नहीं माना। शूट खत्म होने के बाद वह खुद वहीदा रहमान के पास गए और मुस्कुराते हुए कहा कि सीन बहुत अच्छा बन गया है। उनकी यह प्रतिक्रिया बताती है कि वह शुरुआत से ही एक सच्चे प्रोफेशनल कलाकार रहे हैं।
लेकिन कहानी में सबसे मजेदार मोड़ तो अभी बाकी था। दरअसल उस दिन फिल्म के सेट पर अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन भी पहुंची थी। वो शूटिंग देखने आई थी। जब उन्हें पता चला कि सीन में वहीदा रहमान को अमिताभ बच्चन को थप्पड़ मारना है तो उन्होंने प्यार से एक बात कही। उन्होंने वहीदा रहमान से कहा कि जरा ध्यान से मारिएगा।
अब सोचिए सामने बेटे की मां खड़ी हो और वो ऐसी बात कह दे तो कोई भी कलाकार थोड़ा असहज हो जाएगा। वही रहमान भी घबरा गई। [संगीत] उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि इस सीन कैसे करें ताकि अभिनय भी अच्छा लगे और किसी को चोट भी ना पहुंचे। बताया जाता है कि माहौल इतना संकोच भरा हो गया था कि कुछ देर के लिए तेजी बच्चन को सेट से बाहर जाने के लिए कहा गया ताकि कलाकार बिना किसी दबाव के सीन पूरा कर सके।
इसके बाद दोबारा कैमरा चला और वही मशहूर थप्पड़ वाला सीन शूट किया गया। बाद में वहीदा रहमान ने भी इस पूरे किस्से को बड़े ही मजेदार अंदाज में साझा किया था। उन्होंने बताया कि उनका इरादा अमिताभ बच्चन को सचमुच जोर से थप्पड़ मारने का नहीं था। लेकिन सीन करते समय वह अभिनय में इतनी ज्यादा डूब गई कि थप्पड़ असली पड़ गया।
इस घटना के बावजूद अमिताभ बच्चन ने जिस तरह से स्थिति को संभाला उसने सभी को ही प्रभावित किया। उन्होंने ना कोई शिकायत की और ना ही नाराजगी जाहिर की। यही वजह है कि उन्हें आज भी बॉलीवुड का सबसे अनुशासित और पेशेवर कलाकार माना जाता है। ऐसे किस्से हमें यह भी बताते हैं कि फिल्मों में दिखने वाले कई सीन सिर्फ उनसे सभी को प्रभावित किया है। वहीरा रहमान और अमिताभ बच्चन की यह कहानी भी इसी बात का उदाहरण है कि कलाकारों की मेहनत, समर्पण और ईमानदारी का नतीजा यह होता है कि दर्शकों को फिल्म पसंद आती है।