अमेरिका के मिड टर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है। हार के बाद डोन्ड ट्रंप ने अपनी सीक्रेट लाल टोपी दुनिया को दिखाई जिसका असली मतलब हम आपको बताएंगे। इसी के बाद आपको यह भी बताएंगे कि ट्रंप को मिली हार के 40 दिन बाद पीएम मोदी क्या करेंगे। पीएम मोदी वाला खेल तो बहुत जबरदस्त हो सकता है।
लेकिन उससे पहले आप आसान भाषा में यह समझ लीजिए कि अमेरिका में यह कौन से चुनाव हुए हैं और इनमें भारतीय लोगों का नाम क्यों लिया जा रहा है। आपको बता दें कि हर अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल के ठीक बीच यानी 2 साल पूरे होने पर मिड टर्म इलेक्शंस होते हैं। अमेरिका की संसद के दो सदन होते हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सभी 435 सदस्यों का कार्यकाल 2 साल का होता है।
इसीलिए इस सदन की सभी सीटों पर वोटिंग हो रही है। जबकि सेनेट में सांसदों का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर दो सालों में इसकी 1/3 सीटों पर चुनाव कराया जाता है। आपको बता दें कि अमेरिकी सेनेट में 100 सीटें हैं और इस बार 35 पर चुनाव हो रहा है। इन दोनों ही सदनों के साथ कई राज्यों में गवर्नर चुनाव भी हो रहे हैं। अब ताजा रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने पुरानी और नई मिलाकर सेनेट की 100 में से 55 सीटें जीत ली हैं। जबकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 में से 226 सीटों पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत लगभग पक्की कर ली है। यह तो बात हुई कि चुनाव क्यों हुए और इन चुनावों में क्या हुआ।
लेकिन अब आते हैं असली खेल पर। अमेरिका के इन चुनावों में भारतीय अमेरिकी मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में मतदान किया है। लगभग 62 से 66% भारतीय अमेरिकी वोटर्स ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जाते हुए डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने का फैसला किया। डॉन्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को केवल 19 से 22% भारतीय अमेरिकियों के वोट मिले, जो पिछली बार से काफी कम है। यह डॉन्ड ट्रंप उनके नेताओं और उनके समर्थकों की करतूतों का नतीजा है। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि रिपब्लिकन पार्टी लिंडसे ग्रहम की सिनेट सीट हार गई है। लिंडसे ग्रहम वह नेता थे जिन्होंने सबसे पहले रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर 100% टेरिफ लगाने की धमकी दी थी।
इसी साल जुलाई में यूक्रेन यात्रा से लौटने के तुरंत बाद लिंडसे ग्रहम की मौत हो गई। हैरानी की बात देखिए कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से साउथ कैरोलना से सेनेट का चुनाव लड़ रही लिंडसे ग्रहम की बहन डार्लिना ग्रहम भी चुनाव हार गई है। 100 से ज्यादा सालों में पहली बार साउथ कैरोलना में कोई डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीत रहा है। भारत का श्राप यहीं खत्म नहीं हुआ। टेक्सास से ट्रंप के करीबी कैंडिडेट बो फ्रेंच भी चुनाव हार गए हैं। कुछ दिनों पहले ही बो फ्रेंच ने एक ट्वीट करके भारतीयों का अपमान किया था। बो फ्रेंच ने लिखा कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास की फुटबॉल टीम ने ऐतिहासिक जीत तो हासिल कर ली है लेकिन स्टेडियम भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के छात्रों से भरा हुआ है। उन्होंने मैच का जश्न मना रहे भारतीयों की तस्वीरें भी पोस्ट कर दी। बो फ्रेंच ने लिखा कि समस्या हमारी सोच से भी ज्यादा खराब हो चुकी है।
विदेशी लोग असली अमेरिकियों को हटाकर उनकी जगह ले रहे हैं। अब यही बो फ्रेंच चुनाव हार गए हैं। इसके अलावा डोन्ड ट्रंप का लगातार भारतीयों को गाली देना, भारत को शिट होल बोलना, टैलेंटेड भारतीयों को अमेरिका में नौकरी करने से रोकने के लिए H1B के नियमों को कड़ा करना। इन सब ने डॉनल्ड ट्रंप को डुबो दिया है। बहरहाल इस शर्मनाक हार के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी लाल रंग की टोपी की एक तस्वीर पोस्ट की। ट्रंप ने अपनी लाल टोपी पर वीटो लिखा था। यानी डॉनल्ड ट्रंप ने इशारों में मान लिया है कि अगले 2 साल तक उनकी ताकत सीमित रहेगी। क्योंकि विपक्षी ताकतवर हो गए हैं।
विपक्षियों के पास उनके फैसले रोकने के लिए वीटो पावर आ गई है। लेकिन असली खेल 40 दिन बाद 14 दिसंबर को होगा जब अमेरिका के फ्लोरिडा में G20 की बैठक होगी। डॉनल्ड ट्रंप की हार के बाद पहली बार पीएम मोदी और उनका आमना-सामना हो सकता है। शायद 40 दिन बाद दिखेगा कि डॉनल्ड ट्रंप की अकड़ पीएम मोदी के सामने कितनी कम हुई है। आपको बता दें कि जिन देशों और जिन लोगों ने पीएम मोदी से पंगा लिया था, वह सब बुरी तरह से हार रहे हैं। डॉन्ड ट्रंप कमजोर हो गए हैं। बांग्लादेश फिर जल रहा है। तुर्की और अज़र-बैजान आपस में भिड़ गए हैं। व्यापार बंद होने की वजह से पाकिस्तान को 40 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।