रामायण की रिलीज से पहले मेकर्स बहुत ही सावधानी से चल रहे हैं। वो न तो कोई गाना रिलीज कर रहे हैं, न ही कोई बड़ा इवेंट कर रहे हैं, और स्टार कास्ट ने भी कोई इंटरव्यू नहीं दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वो नहीं चाहते कि फिल्म को किसी भी वजह से कोई नेगेटिविटी झेलनी पड़े। लेकिन अब रामायण में भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर के परिवार की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया है, जो फिल्म के लिए नेगेटिविटी ला सकता है।
दिवाली भगवान श्री राम के वापस लौटने के मौके पर मनाई जाती है। उनका स्वागत दीयों से किया गया था, और इसीलिए इसे रोशनी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। हम सब ये जानते हैं, लेकिन अब रणबीर कपूर की सास और आलिया की मां सोनी राजदान ने दिवाली से पहले एक पोस्ट किया है जो काफी ध्यान खींच रहा है।सोनी राजदान ने कहा है कि छोटे बच्चों के माता-पिता आपको अच्छे से बता सकते हैं कि वायु प्रदूषण की वजह से उनके बच्चों को कितनी बार सेहत से जुड़ी दिक्कतें हुई हैं और उन्हें स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ी है।
और अगर ऐसी स्थिति में आप कहते हैं कि एक पटाखा जलाना भी ठीक है, तो मैं कहूंगी कि ये जीवन विरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और राष्ट्र विरोधी है। सेहत एक चुनाव है जो हम अपने लिए और अपने बच्चों के लिए करते हैं। तो हमें ये सही चुनाव क्यों नहीं करना चाहिए? तो इस तरह सोनी राजदान ने ये पोस्ट किया है।सोनी राजदान को ये अच्छी तरह पता था कि इस पोस्ट से नेगेटिविटी आ सकती है। यही वजह है कि उन्होंने कमेंट सेक्शन भी ऑन नहीं रखा है। तो ये साफ है कि उन्होंने ये कहने की कोशिश की है कि पटाखे जलाना राष्ट्र विरोधी है।
इसको लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है, और इसी वजह से ये भी कहा जा रहा है कि एक तरफ रणबीर कपूर भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे हैं, और उसी समय सोनी राजदान का ये पोस्ट फिल्म के लिए नेगेटिविटी भी ला सकता है।हाल ही में हमने देखा कि कैसे जब दिवाली पर दिया मिर्ज़ा का पोस्ट सामने आया, तो लोगों ने उनसे पूछा कि वो पर्यावरण या किसी और चीज़ को लेकर ज्ञान सिर्फ दिवाली पर ही क्यों देती हैं।
उनके ये ज्ञान भरे पोस्ट और वीडियो दूसरे त्योहारों पर क्यों नहीं आते? गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा की बात करें, तो उन्होंने भी लोगों से दिवाली पर पटाखे न फोड़ने की अपील की है क्योंकि उनके पालतू कुत्ते डर जाते हैं। इसके अलावा जिनके घर में दादा-दादी या बुजुर्ग लोग हैं, उन्हें भी इस शोर से काफी परेशानी होती है।और मैं सभी से अनुरोध करना चाहूंगी कि कृपया इस दिवाली इतने पटाखे न जलाएं, क्योंकि कुत्ते बहुत डर जाते हैं। मैं सभी से अनुरोध करती हूं, और ये आपके घर में मौजूद दादा-दादी या बुजुर्ग लोगों के लिए भी अच्छा नहीं है। या जो दिल के मरीज हैं, तो दिवाली घर पर मनाएं, हंसें, ताश खेलें, लेकिन ज्यादा पटाखे न जलाएं क्योंकि वो बहुत डर जाते हैं।क्योंकि वो बोल नहीं सकते, लेकिन बेचारे बहुत डर जाते हैं। इसलिए मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि दिवाली अच्छे से मनाएं, मजे करें, अच्छा खाना खाएं, नाचें, गाएं, लेकिन कृपया…बुजुर्गों का ख्याल रखें, और सबसे ज्यादा उनका ख्याल रखें। मुंबई के एयर क्वालिटी इंडेक्स की बात करें, तो आज बताया गया है कि मुंबई का AQI फिलहाल मॉडरेट है।