और मैं सनी देओल से कहना चाहता हूँ कि वे तुरंत फिल्म ‘सूर’ से दूरी बना लें। वरना सनी देओल, याद रखना, तुम खत्म हो चुके हो, मेरे बेटे। छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने सनी देओल के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है। और सनी देओल के राज—कि वे कौन से ड्रग्स लेते हैं, उनका काला धन कहाँ निवेश किया गया है, और उनके किस-किस के साथ अफेयर रहे हैं और अब भी हैं।सनी देओल की फिल्म ‘सूर’ 20 नवंबर 2026 को रिलीज़ होने वाली है। फिलहाल, इस फिल्म को लेकर विवाद की एक जबरदस्त लहर देखने को मिल रही है। दरअसल, फिल्म की कहानी को लेकर डॉक्टरों के बीच साफ नाराजगी देखी जा रही है। इसे लेकर डॉक्टरों की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं
। हालांकि, यह विरोध अब अदालत तक पहुँच चुका है और सनी देओल की इस फिल्म में दिखाई गई कहानी पर भारी गुस्सा है।वैसे, कई अन्य वर्ग भी हैं जो सनी देओल की फिल्म ‘सूर’ से बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। अब, सनी देओल की फिल्म ‘सूर’ 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। इस फिल्म को लेकर काफी चर्चा और बज़ बना हुआ है। लगातार सुपर-डुपर हिट फिल्में देने वाले सनी देओल की यह पहली ऐसी फिल्म है जिसे इतने विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शायद सनी देओल ने भी नहीं सोचा होगा कि एक बेहतरीन कहानी और कॉन्सेप्ट पर आधारित उनकी फिल्म ‘सूर’ को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ेगा।हालांकि, अगर डॉक्टरों की बात करें तो सनी देओल की फिल्म ‘सूर’ के प्रति उनके मन में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि फिल्म में जिस तरह से मेडिकल पेशे को दिखाया गया है, वह चिंता का विषय है। यह मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुँच गया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म के निर्माताओं से जवाब मांगा है।दरअसल, ‘द प्रिंट’ की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जस्टिस अमित महाजन ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, CBFC और फिल्म के निर्माताओं—एमएम मूवीज और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड को नोटिस जारी किया है।दरअसल, दिल्ली के चार डॉक्टरों ने यह याचिका दायर की है,
जिससे यह मामला और बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इन डॉक्टरों की बात करें तो इनमें डॉ. निशांत सोनी, डॉ. आशीष तोमर, डॉ. रवि भाटिया और डॉ. शिवम वत्सल शामिल हैं। ये चारों अलग-अलग कॉर्पोरेट अस्पतालों में काम करते हैं। उनके वकील वरुण सिंह ने अदालत से फिल्म का टीज़र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का आग्रह किया है।उन्हें इस बात की भी चिंता है कि इस तरह के कंटेंट से स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ गुस्सा और हिंसा बढ़ सकती है। डॉक्टरों ने कहा कि कई बार मरीज के रिश्तेदार मेडिकल स्टाफ पर हमला कर देते हैं।
इसलिए उनका मानना है कि पर्दे पर इस पेशे को किस तरह दिखाया जाता है, इसमें थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है।अब, याचिका दायर करने वाले डॉक्टरों के वकीलों का कहना है कि अगर ऐसी फिल्में बनती रहीं तो लोग मेडिकल स्टाफ के प्रति और भी ज्यादा गुस्सा दिखाएंगे। हमने अक्सर कई अस्पतालों में ऐसे मामले देखे हैं जहाँ गुस्से में लोग अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हैं और यहाँ तक कि संपत्ति में तोड़फोड़ भी करते हैं। लेकिन अगर ऐसी फिल्में बनेंगी तो इस तरह की घटनाओं को और बढ़ावा मिलेगा।खैर दोस्तों, सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ (सूर) को लेकर डॉक्टरों के बीच जो विरोध देखने को मिल रहा है, उस पर आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट करके अपनी राय शेयर करना न भूलें।