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ट्रंप की डिनर पार्टी में हमला करने वाला कौन, वहां तक कैसे पहुंचा ?

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राष्ट्रपति की सुरक्षा में सेंध कौन है वो शख्स जिसने ट्रंप पर किया हमला? वाशिंगटन डीसी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सत्ता और मीडिया के सबसे हाई प्रोफाइल इवेंट वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंस डिनर के दौरान अचानक की आवाज गूंज उठी। कार्यक्रम में मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को तुरंत मंच से हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। चश्मदीदों के मुताबिक जैसे ही तेज जैसी आवाजें आई, पूरा हॉल कुछ ही सेकंड में दहशत में बदल गया।

जहां कुछ पल पहले हंसीज़ाक और बातचीत चल रही थी, वहीं अचानक लोग टेबल के नीचे छिपने लगे। कुर्सियां गिरने लगी और अफरातफरी मच गई। रिपोर्ट्स के अनुसार इस इवेंट में करीब 2000 से ज्यादा मेहमान मौजूद थे। जिनमें बड़े पत्रकार, राजनेता और अधिकारी शामिल थे। गेट डाउन और स्टे लो जैसी आवाजें गूंजने लगी और सुरक्षा एजेंसियां भीड़ के बीच से रास्ता बनाते हुए तेजी से मंच की ओर बढ़ी।

इस पूरी घटना में अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की तेजी भी साफ दिखाई देती है। यूएस सीक्रेट सर्विस ने बिना किसी देरी के एक्शन लिया और ट्रंप को कवर करते हुए कुछ ही सेकंड में बाहर निकाल लिया। उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वैस भी मौजूद थे जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। जांच में सामने आया है कि संदिग्ध हमलावर कोल थॉमस ऐलेन हथियारों से लैस था और सुरक्षा घेरे के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था।

बताया जा रहा है कि उसके पास शॉर्ट गन, पिस्तल और चाकू जैसे हथियार थे। इसी दौरान उसने भी की जिसमें एक सीक्रेट सर्विस एजेंट घायल हुआ लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण उसकी जान बच गई। इसके तुरंत बाद एजेंट्स ने हमलावर को काबू कर लिया और हिरासत में ले लिया गया। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं और बाकी सभी वरिष्ठ नेता भी सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इस इवेंट में एक बंद व्यक्ति आखिर कैसे पहुंच गया? क्या यह सुरक्षा में चूक थी या फिर यह एक बड़ा खतरा था जिसे समय रहते टाल दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक सिक्योरिटी ब्रीच नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि खतरा अब पहले से ज्यादा अप्रत्याशित और जटिल हो गया है। इस घटना के बाद पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है और जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद उसकी प्लानिंग और संभावित नेटवर्क को खंगाल रही हैं।फिलहाल इतना साफ है एक बड़ी टल गई। लेकिन इसने यह दिखा दिया कि सत्ता के सबसे सुरक्षित गलियारों में भी खतरे की आहट कभी भी दस्तक दे सकती है। अब सबकी नजर इस जांच पर है। क्या यह अकेला हमला था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?

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