श्मशान घाट से मिली महिला की मां बनकर सुदेश लहरी ने की सेवा, उन्हीं के शब्दों के चमत्कार से हुआ जीवन में बदलाव।
जी हां आजकल लोग जहां सेज मां-बाप की सेवा करने से दूर भागते हैं उनको वृद्ध आश्रम छोड़ आते हैं ऐसे में हमारी बॉलीवुड और कॉमेडी इंडस्ट्री में एक ऐसा शख्स है जिसे इस्मशान घाट से मिली महिला को मां बनकर सेवा की। हम बात कर रहे हैं सुदेश लहरी जी की।
सुदेश लहरी जो की एक सिंगर है उन्होंने साल 2007 में उनके करियर की शुरुआत हुई थी। तब उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में हिस्सा लिया था, और वह शो उनके करियर में अहम मील का पत्थर साबित हुआ। हालांकि, इससे पहले तक उनकी माली हालत खराब थी। इतनी खराब कि गुजारे के लिए ढाबे पर बर्तन धोते थे, कभी फल और चाय बेचते थे।
लेकिन सुदेश लहरी के दिन असल मायनों में तब फिरे, जब श्मशान घाट में मिली एक महिला पर उनकी नजर पड़ी। उस महिला को सुदेश लहरी ने मां का दर्जा दिया और घर लाकर खूब सेवा की थी।
हालांकि यह पूरा किस्सा सुदेश सिंह नहीं लेकिन कृष्णा अभिषेक में लाफ्टर शेफ 3 में बताया।कृष्णा अभिषेक ने बताया कि सुदेश लहरी एक बार किसी की मौत में शामिल होने गए थे।
वहां से जब श्मशान घाट गए, तो वहां एक कोने में उन्होंने एक महिला को बैठे हुए देखा। उसके शरीर पर काफी घाव थे और वह बहुत तकलीफ में थी। सुदेश लहरी से वह देखा नहीं गया। वह उस महिला को अपने साथ घर ले आए। उसे मां बनाकर रखा और दिन-रात खूब सेवा की।
कृष्णा ने कहा सुदेश लहरी उस वक्त ढाबे पर लोगों के जूठे बर्तन धोते थे। हालत बहुत खराब थी, पर फिर भी उन्होंने उस महिला को अपने घर और अपनी जिंदगी में पनाह दी।
जब उस महिला की हुई तो उसने मरते हुए सुदेश लहरी को आशीर्वाद दिया था कि तेरा कभी कुछ बुरा नहीं होगा और तू जिंदगी में बहुत सफल होगा। उसी के बाद सुदेश लहरी को मुंबई से पहला फोन आया था और फिर वह सुदेश लहरी बनकर छा गए।
बता दे की सुदेश लहरी जी ने कभी पढ़ाई नहीं कि उन्होंने बचपन से ही कभी फैक्ट्री में जूते बनाने की तो कभी सब्जी बेचने का काम किया लेकिन अब उनके सितारे चमक उठे हैं और वह बहुत अच्छे कॉमेडीयन बन चुके है ।
इस वक्त वह ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में हैं। उनकी नेट वर्थ ₹20 करोड़ बताई जाती है। टीवी शो में वह एक एपिसोड के लिए 7 लाख रुपये फीस लेते हैं।