cjp की ढाल बने सोनम वांगचुक तो आपको याद होंगे ही अब उनकी पत्नी फिर एक बार चर्चा में आई है। वो फिर हाईकोर्ट पहुंची है। हालांकि वो हिमाचल प्रदेशके मामले को लेकर हाईकोर्ट में पहुंची है।
हिमालयन इंस्टीट्यूट आफ अल्टरनेटिव्स, को 1076 l, एक मरला जमीन को लेकर चल रहे विवाद में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है।
जस्टिस संजय धर ने एचआइएएल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। याचिका एचआइएएल की सह-संस्थापक और सीइओ गीतांजलि जे. आंगमो ने दायर की है, जो सोनम वांगचुक की पत्नी हैं।
याचिका के अनुसार, पांच मई 2018 को को पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए वैकल्पिक विश्वविद्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से 40 वर्ष की अवधि के लिए जमीन आवंटित की गई थी। इसमें खसरा नंबर 5357,5199 के तहत 545 आठ मरला और खसरा नंबर 5358 के तहत 530 कनाल 13 मरला जमीन शामिल थी।
प्रशासन ने आवंटन रद करते हुए तर्क दिया था कि जमीन पर विश्वविद्यालय स्थापित नहीं हुआ, लीज डीड निष्पादित नहीं हुई और औपचारिक रूप से जमीन का कब्जा सौंपने-लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। की ओर से वरिष्ठ एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने दलील दी कि संस्थान को सुनवाई का अवसर दिए बिना आवंटन रद किया गया।
पूरे मामले को विस्तार से बताएं तो फ्यांग थांग में स्थित 1076 कनाल एक मरला जमीन से जुड़ा है। प्रशासन ने 21 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर इस जमीन का एचआइएएल को किया गया आवंटन रद कर दिया था। ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आवंटन बहाल करने और मूल आवंटन के अनुरूप लीज डीड जारी करने का निर्देश देने की मांग की है।