एक मेहनती इंसान की मौत हुई। ₹40 लाख जेब से निकले। तब जाकर अकल ठिकाने आई कि जो काम करते हैं लोग सेट पर उनके भी घर जाने का समय होता है। उनकी जान को सबसे ज्यादा खतरा होता है और उनके लिए सेफ्टी प्रिकॉशंस की सबसे ज्यादा जरूरत है। मैं यहां पर बात कर रही हूं उस कारपेंटर की जिसकी डेथ संजय लीला भंसाली के फिल्म लव एंड वॉर के सेट पर हो गई।
यह सेट मुंबई के रॉयल पंप पर बन रहा था और हादसा आधी रात का हुआ जिससे यह खुलासा हुआ कि इन लोगों का कोई टाइम ओवर नहीं होता है। इन्हें नाइट शिफ्ट्स भी करनी होती है। फिर चाहे वहां पर प्रॉपर सेफ्टी हो या नहीं हो। अब इसी के चलते संजय लीला भंसाली बुरे फंस गए हैं। क्योंकि चंद्राधारी यादव जिस कारपेंटर की डेथ हुई है उसके सपोर्ट में एसोसिएशन आया है।
एसोसिएशन ने पुलिस से रिक्वेस्ट की है कि संजय लीला भंसाली और उनके प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। मामले की जांच की जाए। एसोसिएशन ने इस थ्योरी को खरीदने से मना कर दिया है कि कारपेंटर की मौत इलेक्ट्रिक शॉक सर्किट से हुआ। लोगों का कहना है कि वहां पर सेट पर छत गिरी थी और उस हादसे की वजह से उस कारपेंटर की डेथ हुई
और तो और इस हादसे में दो-तीन और लोग जो है वो घायल हुए हैं। यही वजह है कि इसकी जांच होनी चाहिए। पूरी कड़ाई के साथ पूछताछ होनी चाहिए और संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन हाउस पर 1 करोड़ का जुर्माना लगाना चाहिए। जी हां, एसोसिएशन ने संजय लीला भंसाली के ₹40 लाख का ऑफर मना कर दिया है और कहा है कि ₹1 करोड़ तो कम से कम देना पड़ेगा परिवार वालों को। बच्चे छोटे हैं जब तक कमाने लायक नहीं बन जाते हैं बच्चे तब तक उनकी देखरेख करने के लिए इतने पैसों की जरूरत तो कम से कम होगी। तो बहुत बुरे फंस गए हैं संजय लीला भंसाली।
हालांकि संजय लीला भंसाली ने प्रकॉशन के कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सेट पर सेफ्टी के प्रिकॉशंस लिए गए हैं। इसके अलावा नाइट शिफ्ट्स को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे नुकसान संजय लीला भंसाली को होगा क्योंकि जो फिल्म ऑलरेडी डिले चल रही है वह कुछ और समय के लिए डिले होगी। लेकिन इंसान की जान जाए उससे अच्छा तो फिल्में डिले ही हो जाए वह अच्छा होगा। खैर अभी तो अगर संजय लीला भंसाली ने सही टाइम पर इस विवाद से निपटारा नहीं किया तो फिर उनकी यह फिल्म अटक भी सकती