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सिया – चेतन ने पुलिस कस्टडी में क्या-क्या बताया पुलिस इंटेरोगेशन की पूरी कहानी,जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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इस वक्त पुणे पुलिस की हिरासत में है और पुणे के ही एक पुलिस स्टेशन में इन दोनों से पूछताछ चल रही है। कोर्ट ने इन दोनों को पुलिस कस्टडी में भेजा हुआ है और इनसे पूछताछ की जा रही है। जो पुलिस इंटेरोगेशन की इनसाइड स्टोरी है उसके हिसाब से जब यह दोनों पुलिस कस्टडी में आए तो दोनों के बयान बिल्कुल अलग-अलग थे। सिया कुछ और कह रही थी। चेतन कुछ और कह रहा था।

यहां तक कि शुरुआती पूछताछ में चेतन ने हर चीज सिया पर रख दी। कि हमें पता नहीं मैं तो गया नहीं था पहाड़ी पर। 18 जून की सुबह खुद वो दोनों गए थे। मैं तो कहीं और था। और एक वक्त ऐसा भी आया इंटोगेशन के दौरान जब सिया ने कुछ चीजें चेतन पर डालने की कोशिश की। लेकिन पुलिस के पास पूरी सवालों की फहरिस्त थी।

पुलिस को कड़ियां जोड़नी और यह याद रखिए कि पुणे पुलिस के लिए यह केस इतना आसान केस नहीं है। जो मेरे सोर्सेस हैं अभी तक पुणे पुलिस में उनके हिसाब से पुलिस इस केस को कोर्ट में ले जाकर इन दोनों को सजा दिलाए उसके लिए जिस तरीके के सबूत एविडेंस चाहिए वो भी है नहीं। क्योंकि पुलिस हिरासत में लिए गए बयान ही सिर्फ सजा दिलाने के लिए काफी नहीं है। दोनों कोर्ट में आसानी से वो कर सकते हैं।

तो इसीलिए पुलिस कोशिश कर रही है कि जो भी पुलिस हिरासत इन दोनों की है उस दौरान में उनसे उन सों सारे सवालों के जवाब और उससे जुड़े हुए जो सरकमस्टैंशियल एविडेंस है जो सबूत है प्रूफ है उसे हासिल किया जाए। लेकिन इस केस की सबसे बड़ी दिक्कत एक यह है कि किले तक जाने की तस्वीरें तो है लेकिन जिस जगह से धक्का दिया गया कातिल होशियार थे। उन्हें पता है आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं धक्का दिए जाने के कोई यूजर नहीं है और कोई ऐसा विटनेस भी नहीं मिला अभी तक पुलिस को जो धक्का देते हुए देखे।

हालांकि इस पूछताछ के दौरान पुणे पुलिस ने उस दिन जो किले में लोग गए थे उनके साथ एक अपील भी की कि अगर किसी ने कुछ देखा है और बताओ। बहुत सारे लोगों ने देखा था। अब उन्हें क्योंकि ये मीडिया में यह खबरें आम है तो उन्होंने केतन और सिया को जाते हुए तो देखा 18 जून की सुबह 10:00 बजे के आसपास लेकिन उनमें से भी धक्का देते हुए किसी ने नहीं देखा। यहां तक कि जब लाश नीचे गिरी खाई से तब भी कोई चश्मदीद वहां पर था नहीं।

वैसे भी वो जंगल और झाड़ियां हैं। बड़ी मुश्किल से वहां तक पहुंचा जाता है। तो इसीलिए पुलिस के खास सवालों की जो लिस्ट है जिसके जरिए वो इन दोनों के दिमाग में झांक कर सारे सबूत हासिल कर सके उसकी कोशिश कर रही है। कहानी की शुरुआत करूं उससे पहले एक आपको जो केतन है उनके पिता उनकी एक बात सुनाता हूं। वो इसलिए कि इसी पुलिस इंटोगेशन के दौरान सिया से एक सवाल पूछा गया था कि अगर तुम्हें शादी नहीं करनी थी केतन से तो तुम मना कर देती तुमने फिर सगाई क्यों की और सगाई के बाद भी जो वीडियो है तुम्हारे अभी बर्थडे से पहले के वीडियो उसमें तो तुम बहुत खुश नजर आ रही हो उसके साथ उसे हग भी कर रही हो प्यार से देख भी रही हो तो कहीं से नफरत तो झलक नहीं रहा था तो फिर यह दोहरी या बनावटी जिंदगी क्यों जी रहे थे अगर उसका में नापसंद तो नापसंद होने के कई वजह बताए सिया ने और उनमें से एक वजह बड़ी अजीब थी और वो अजीब वजह क्या थी वो मैं खुद कहूं उससे पहले एक रिपोर्टर ने सीधे सवाल पूछा केतन के पिता से जब वो महाराष्ट्र के सीएम से मिलने के लिए गए थे आज ताकि उन्हें इंसाफ दिया जाए।

और कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिले तो पुलिस इंटोगेशन के दौरान एक खबर खबर बाहर आई और खबर यह थी कि पूछताछ के दौरान सिया ने यह कहा कि सगाई तक उसे पता नहीं था कि केतन के सर पर बाल कम है और वो हेयर पैच लगाता है विग भी नहीं हेयर पैच और फिर उसके बाद जब वो दोनों घुलना मिलना शुरू हुए तो फिर उसे पता चला तो उसे ये बात बुरी लगी कि उन्होंने पहले क्यों नहीं बताया। तो इस पर केतन के पिता से एक रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि सिया ने ऐसासा पुलिस इंटोगेशन के दौरान कहा है। तो पहले उनका आप जवाब सुनिए। केतन जो बिग फैन था वो एक बड़ा कारण है। कितना तथ्य है? सर केतन एक छोटा बैच लगाता था। लेकिन यह शादी से पहले ही क्लियर किया गया था। उनको सबको बताया गया था। तो आपको लगता है कि ये कारण हो सकता है कि सर ये क्या कारण है किसी बच्चे को मारने का? अगर नहीं पसंद था तो इंकार कर देते थे ना। तो केतन के पिता का साफ कहना था कि उन्होंने डिनाई नहीं किया। उन्होंने कहा हां केतन के बाल झड़ रहे थे, गिर रहे थे और वो हेयर पैच लगाता था। ऐसे देश में दुनिया में बहुत सारे लोग हैं। जो हेयर फॉल का शिकार होते हैं।

बाल नहीं है। कुछ के बिल्कुल भी बाल नहीं होते हैं। लेकिन केतक के पिता की एक लाइन सही थी कि यह कोई वजह तो नहीं हो सकती किसी की जान लेने की। आप यह कह सकते थे मुझे शादी अब नहीं करनी। चाहे झूठ है, सच है, पहले बताया, नहीं बताया, छुपाया। लेकिन जब पता चल गया कि ठीक है वो हेयर पैक लगाता है तो बस इस बात पर आप जान लेने का हक किसने दिया? जान लेने का हक तो किसी बात पर भी नहीं है। लेकिन मतलब ये अजीब सी वजह कि सिर्फ इसलिए कि पता चला कि उसके पूरे बाल नहीं है। वो हेयर पैट यूज करता है। और इस वजह से आप जान लोगे यह कहीं से भी जस्टिफाई तो है नहीं। लेकिन जो सिया ने पुलिस इंटोगेशन में कहा पुणे पुलिस को उसमें एक केतन को नापसंद करने की अहम वजह में से ये भी थी। लेकिन ये सबसे अहम वजह नहीं थी।

तो फिर सबसे अहम वजह क्या थी? सबसे अहम वजह थी चेतन। इंटोगेशन के दौरान चेतन के साथ सिया ने अपने रिश्ते की बात कबूल कर ली और उसने पूरी कहानी सुनाई चेतन के साथ अपने रिश्ते की दोनों की प्रेम कहानियों की और यह जो पूरी कहानी है इसकी शुरुआत हुई थी 2025 में 2025 के करीब पहले हाफ में और इसकी कहानी कहां से शुरू हुई? जिस मार्केट में चेतन की शॉप है उसके पिता की उसी के पास सिया के फादर का भी ऑफिस है और बिजनेस है। लेकिन वहां इन लोगों की मुलाकात पहले नहीं हुई थी। सिया का एक भाई है साहिल। साहिल गोयल। साहिल गोयल क्रिकेट का शौकीन है। अच्छा क्रिकेट खेलता है और पुणे में अलग-अलग क्लब के साथ मैच खेलता है और पाबंदी से खेलता है। हर संडे उन लोगों का मैच खेलना तय है।

और इत्तेफाक से उसी इलाके का एक और लड़का जिसका नाम चेतन उम्र 22 साल वो भी क्रिकेट का शौकीन और वो भी क्रिकेट खेलता। फिर 2024 में ऐसा एक इत्तफाक हुआ कि सिया का भाई साहिल और चेतन एक ही टीम से क्रिकेट खेलने लगे। अब दोनों एक ही टीम में थे। जब एक टीम में आए तो क्रिकेट वैसे भी टीम गेम है। जो 11 खिलाड़ी मैदान में होते हैं उस वक्त एक हो जाते हैं। तो फिर ये क्रिकेट की दोस्ती मैदान के बाहर भी इन दोनों की दोस्ती बन गई। अब साहिल और चेतन दोनों दोस्त बन गए। क्रिकेट की वजह से।

इसके बाद जब मैच होता है घर में भी पता है साहिल के सबको कि क्रिकेट का दीवाना है मैच खेलने जाता है तो जब कुछ बड़े क्लब के साथ मैच होते हैं कुछ बड़े टूर्नामेंट होते हैं बहुत सारे ट्रॉफी जीत रखी है साहिल ने भी और चेतन ने भी चेतन के घर में करीब 100 150 ट्रॉफी है मैन ऑफ द मैच और बाकी अवार्ड के उधर साहिल ने भी काफी अवार्ड जीते हैं क्रिकेट के मैदान में दोनों ठीक-ठाक क्रिकेटर अच्छे क्लब लेवल पे तो 2024 में हुआ यूं कि एक बड़ा मैच था और उसी उसी मैच में साहिल ने यह कहा कि सिया से कि तुम चलो मेरा मैच देखोगे। अब भाई बहन में भी दोस्ती और प्यार था।

उसने कहा मैं भी चलूंगी। अब हमारे देश में आपको पता है चाहे लड़का हो लड़की घर के सभी दीवाने हो। यह वो खेल है जो घर-घर में देखा भी जाता है और खेला भी जाता है। तो पहली बार सिया साहिल के साथ मैच देखने के लिए गई। साहिल का मैच। जब वहां पहुंची तो साहिल की टीम में चेतन भी था। उसने पूरा मैच देखा। तालियां भी बजाई और उस दिन पहली बार खुद साहिल ने अपनी बहन सिया को चेतन से मिलाया। लेकिन तब भी कुछ नहीं था। इसके बाद वक्त बी था। फिर कुछ वक्त के बाद एक और मैच हुआ। फिर उस मैच में साहिल ने सिया से पूछा। सिया उसके साथ चल पड़ी। फिर दूसरी मुलाकात हुई। इसके बाद कई मुलाकात हुई। लेकिन अभी तक क्रिकेट के मैदान में ही यह मुलाकात होती थी। फिर धीरे-धीरे वक्त बीता अब क्योंकि मुलाकात हुई हाय हेलो होना शुरू हो गया एक ही लोकालिटी में दुकान और सिया के फादर का भी बिजनेस तभी दिवाली शायद 20 अक्टूबर की दिवाली थी पिछले साल दिवाली से पहले एक पार्टी रखी साहिल ने साहिल ने पार्टी रखी उसने अपने दोस्तों को बुलाया और क्रिकेट टीम के दोस्तों को बुलाया और उसमें एक नाम था चेतन चेतन उस दिवाली पार्टी में आए।

साहिल के तमाम दोस्त थे और साहिल की बहन सिया भी थी। उस पार्टी में पहली बार सिया और चेतन इन दोनों ने घंटों बात की और वहां पहली बार इन दोनों में एक तरह से प्यार हुआ क्योंकि मुलाकात हो चुका। दोनों एक दूसरे को देख चुके थे। लेकिन वहां मोहब्बत का इज़हार हुआ। दिवाली पार्टी उस पार्टी में जिस पार्टी को ऑर्गेनाइज सिया के अपने भाई ने किया था। अब इसके बाद नंबर एक्सचेंज हुए। दोनों बातचीत करने लगे, मिलनेजुलने लगे। पुणे के अलग-अलग कैफे में अलग-अलग जगहों पर यहां तक के सिनेमा हॉल, मॉल एक साथ घूमते। बाद में साहिल को इस बात का एहसास हो चुका था कि चेतन और सिया एक दूसरे से बात करते हैं। यहां तक कि उनकी एक बुआ है।

उनको भी इस बात की भनक लग गई थी। कुछ वक्त ऐसा आया उसके बाद जब साहिल गोयल को यकीन हो गया कि चेतन और सिया रिलेशनशिप में है। उसने उसे एक दो बार कहा भी बट सिया ने टाल दिया कि दोस्त है फ्रेंड है। लेकिन उसे पता था इसी बीच में गोवा में एक शादी होती है। उस शादी में अग्रवाल परिवार और गोयल परिवार भी पहुंचता है। उन्हीं के कॉमन जानकार की शादी थी। जब वहां पहुंचे तो वहां सिया भी थी। सिया को किसी एक रिश्तेदार ने देखा अग्रवाल फैमिली के।

उन्हें वो लड़की बहुत अच्छी लगी। तो उन्होंने कहा कि क्यों ना केतन के साथ इसका रिश्ता तय कर दिया जाए। बातचीत चली रिश्ते की। लेकिन यह हुआ कि तब तो 19 साल की भी नहीं हुई थी। मतलब 19 साल की ही थी शायद। तो उन्होंने कहा अभी छोटी है। फिर वो लोग वापस आए। फिर पुणे में कहीं और मुलाकात हुई। फिर एक बार रिश्ता आया। और यह तब है जब अभी 19वा साल चल रहा था। तो जब रिश्ते की बात बढ़ी फिर सिया की बुआ आई और सिया की बुआ ने सारी बात बढ़ा दी। लेकिन इधर साहिल को पता है कि सिया और चेतन एक दूसरे से मिलते हैं। एक दूसरे से प्यार करते हैं। इसके बाद रिश्ता तय हो गया। फरवरी में सगाई हो गई।

सगाई तक भी सिया ने घर वालों से विरोध नहीं जताया। कि मुझे सगाई नहीं करनी या शादी नहीं करनी क्योंकि उसको एक उम्मीद थी तब तक कि सगाई के बाद अभी काफी वक्त है। अभी शायद वह 20 की भी नहीं हुई। 20 की तो अभी 19 जून को हुई है। तो शादी दो चार साल लिया 2 साल कम से कम या साल भर बाद हो गई तब तक तो बहुत सारी चीजें बदल सकती हैं। इसलिए उसने सगाई भी कर ली। फिर केतन के साथ घूमना भी शुरू किया। लेकिन जब जब वो केतन के साथ घूमने जाती चेतन को पता चल जाता और चेतन इस बात पर सिया से लड़ता। उसे बर्दाश्त नहीं था कि सिया किसी और के साथ गोमे और जब चाहे वह उसका मंगेतर क्यों ना हो। इधर सिया और चेतन लगातार फोन पर घंटों बात करते थे। इस बीच में फरवरी के बाद जब सगाई हो गई और केतन सिया से लगातार मिलने लगा और रात को कई बार वो फोन करता तो उसे बड़ा अजीब लगता।

सिया के फोन हमेशा बिजी आते और वो भी लेट नाइट तक। उसके मन में अब वहम आने लगा कि यह क्या है? इसका फोन इतना बिजी क्यों होता है? एक दो बार उसने अपने घर पर भी इसका जिक्र किया अपनी मम्मी से। तब उसे डाउट हुआ। फिर उसने सिया से पूछा। सिया ने हमेशा बनाया बहाना कि ये मेरी फ्रेंड है। ये है उनसे ही बात कर रही थी। कई बार यह भी कि पता नहीं क्या था। मैं तो बिजी फोन था नहीं। बिजी टोन क्यों दिखा रहा? फोन में कुछ प्रॉब्लम है। तो ये सब बहाने चलते रहे। चलते रहे। लेकिन जब अब यह हुआ कि फरवरी सगाई के बाद अब नवंबर की तारीख तय हो गई 25 नवंबर शादी की। तब सिया और इन दोनों ने तय किया कि अब इंतजार नहीं कर सकते क्योंकि शादी भी सगाई के फौरन बाद ही तय हो गई है।

तब इन्होंने कहा कि कुछ ऐसा करना चाहिए और उसके बाद खैर वो केला का आईडिया और फिर धक्का देना ये सारी बातें थी। अब ये सारी कहानी जब पुलिस इंटोगेशन ने बताई तो फिर पुलिस ने पूछा कि अच्छा ये बताओ ये आईडिया किसका था? जो पुलिस में सिया ने बताया और जो चेतन ने बताया यहां पर दोनों के बयान एक जैसे थे। सिया ने कहा कि मुझे कभी मई 30 से पहले यह पता नहीं था कि साहिल से छुटकारा केतन से छुटकारा कैसे पाना है। लेकिन 31 मई को जब पहली बार मैं गई तब मुझे ख्याल आया उस जगह को देखकर कि यहां से आसानी से किसी को गिराया जा सकता है। तो वो आईडिया मुझे पहली बार 31 मई को आया। चेतन ने भी पुलिस को यही बताया कि मुझे कुछ पता नहीं था। लेकिन जब 31 मई को लौट कर आई तब सिया ने पहली बार चेतन से यह शेयर किया कि एक जगह है जहां से अगर हम केतन को धक्का दे दें तो किसी को शक नहीं होगा और ऐसा लगेगा कि जैसे वो एक हादसा था फिसल कर गिर गया।

तो असल में केतन को खाई में गिराने का जो पहला ख्याल आया वो सिया का था और सिया ने यह बात शेयर की चेतन से। इसके बाद 14 जून को पहला मौका था। कहते हैं कि 14 जून को भी इन दोनों ने जो पुलिस को बताया कि 14 जून को जब जाने की तैयारी हो गई थी तो 12 और 13 जून को सिया ने चेतन से कई बार कहा कि तुम भी चलो लौगढ़ किला। केतन डर गया। वो कह रहा था नहीं मैं जाऊंगा। तो फिर अगर किसी ने भी देख लिया तो हम दोनों को एक साथ देख लिया और केतन उस दिन गिरा दिया गया तो सीधे शक होगा। तो मैं कहीं और रहूं और तुम साथ में जाओ तो शक भी नहीं होगा। तुम वैसे भी मंगेतर हो और घर वालों को तुम्हारे उसके किसी चीज पे शक भी नहीं है।

लेकिन सिया डरी हुई थी। सिया चाहती थी कि एक साथ में चले चेतन। और चेतन खुद डरा हुआ था। वो साथ में जाना नहीं चाहता था। बहाना बना दिया और इसके बाद वो पहुंच गई। उस दिन धक्का भी दिया 14 जून को लेकिन नसीब अच्छा था। केतन बच गया क्योंकि पेड़ की आड़ में वो जाकर रुक गया था। जब इंसिडेंट हुआ 14 जून को ये लोग लौट कर आए तब सिया ने उसे बताया था मैं घबरा गई थी और अगर तुम होते तो उसी दिन काम हो जाता। फिर चेतन ने कहा कि नहीं मेरा जाना ठीक नहीं था।

इसके बाद जब 18 जून फाइनल हुआ तब भी पहले चेतन वहां साथ जाने को तैयार नहीं था ना पीछे पीछेछे उसने कहा शक हो जाएगा दोनों पढ़े लिखे थे उन्हें पता था मोबाइल से लेके सीसीटीवी कैमरे में कुछ ना कुछ गड़बड़ हो जाएगा लेकिन सिया ने साफ कह दिया कि अगर तुम नहीं जाओगे तो ये नहीं होगा क्योंकि मुझे डर लगता है और मैं घबरा जाती हूं और उससे पहले असल में एक लाइन भी था कि जब 14 जून को नाकाम हुआ तब उस पे चेतन ने सिया को कुछ बोल दिया था कि तुम आसानी से कर सकती थी। तुम्हारी गलती थी। तुमने ऐसा नहीं किया। इतना अच्छा मौका खो दिया। तब उसने कहा अगर ऐसे ही है तो फिर साथ चलो। और फिर 18 जून को चेतन अपनी स्कूटी से और सिया अपनी कार से चेतन को लेकर पहुंची और फिर दोनों ने धक्का दिया था। जब यह पूरी चीजें हुई तभी तक पुलिस इन दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। कल यानी सैटरडे को पुणे पुलिस पहली बार चेतन और सिया इन दोनों को एक साथ बिठाकर पूछताछ करेगी।

ताकि बहुत सारी बातें जो सिया ने चेतन के बारे में कही और चेतन ने सिया के बारे में कही वो आमने सामने बातचीत से पता चल जाएगा कि कौन सच बोल रहा है कौन झूठ। लेकिन दो-तीन चीजें थी जो दोनों ने कॉमन कही। कि हां हम एक दूसरे से प्यार करते हैं। हमारी कब मुलाकात हुई? और दूसरा कि केतन को मारने में हम दोनों का हाथ है। जिस सिया के भाई साहिल गोयल ने पहली बार जिसकी वजह से चेतन मिला सिया को। जब ये सारी इन दोनों के बयान आए। सिया ने जब बताया कि कैसे मुलाकात हुई, कैसे प्यार हुआ। तो कैरेक्टर साहिल गोयल का ही आया भाई का। आज यानी फ्राइडे को पुणे पुलिस ने साहिल गोरी को बुलाया और उससे लंबी पूछताछ की और पूरी पूछताछ इन दोनों के रिश्तों को लेकर ही थी कि जो सिया और चेतन ने बताया कि क्रिकेट के मैदान में मुलाकात हुई फिर दिवाली पार्टी में हुई और यह भी कि क्या आपको सिया और चेतन के रिश्ते और प्यार के बारे में जानकारी थी। आज साहिल से इसी बारे में लंबी पूछताछ हुई और साहिल ने इन्हीं सारे सवालों के जवाब दिए। अब एक मित्र फैमिली है जिन्होंने रिश्ता तय करवाया था। साहिल और की बहन सिया और केतन उनको भी संबंध भेजा गया है। उनसे भी अब पूछताछ होगी। सिया के जो पेरेंट्स है मां-बाप उनसे भी पुलिस पूछताछ करेगी। लेकिनकि सिया के फादर इस वक्त पुणे के एक शहर के हॉस्पिटल में एडमिट है। कल एक आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट हुए हैं। तो पुलिस उनके फिट होने का इंतजार कर रही है और उसके बाद उनकी मम्मी और पापा से पूछताछ होगी और जो सोर्सेस हमारे उसके हिसाब से वो यही है कि क्या उन दोनों को सिया के इस अफेयर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी? क्या शादी सिया की मर्जी के खिलाफ की थी? तो पुलिस इस कहानी से जुड़े हर कैरेक्टर से भी पूछताछ करेगी। हालांकि पुणे पुलिस के हिसाब से अब तक के इंटोगेशन में सिया और चेतन दोनों एक तरह से कोपरेट कर रहे हैं, सहयोग कर रहे हैं और बहुत सारी चीजें मानी है। लेकिन पुणे पुलिस को भी पता है कि सिर्फ इनके स्टेटमेंट से कुछ नहीं होगा क्योंकि पुलिस हिरासत में इनका दिया गया बयान कोर्ट में जाते ही पलट जाएगा।

हालांकि जब केतन के पिता आज मिले सीएम से तो उसके बाद यह हुआ कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में यह मुकदमा जाएगा। और याद होगा आपको और एक नाम उज्जवल निगम साहब जो फिर राज्यसभा से सांसद भी तो उज्जवल निगम साहब केस लड़ेंगे केतन की तरफ से और वो एक बड़े वकील हैं, मशहूर वकील हैं। मुंबई सीरियल ब्लास्ट जिसमें तमाम लोगों को सजा हुई उनका बहुत बड़ा रोल है। तो वो उधर से लड़ेंगे। अभी तक दुसिया के घर वाले हैं। उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा क्योंकि उनका तो कहना है कि अगर वह कसूरवार है तो उसी पहाड़ी पर ले जाकर उसी किले पर ले जाकर उसी खाई से उसको धक्का दे दे। ये सिया के पिता ने कहा है। सिया की मां ने कहा कि अगर वो कसूरवार है तो उसे फांसी दे दे। लेकिन यह सारी बातें हैं। अब जब मुकदमा शुरू होगा तो देखना यह होगा कि गोयल परिवार की तरफ से वकील कौन होता है। पर इन सारी चीजों के बीच सबसे मुश्किल और सबसे चुनौतीपूर्ण काम है पूर्ण पुलिस का क्योंकि उन्हें पता है कि अभी तक सिर्फ खबरें ही खबरें हैं। कोर्ट में खबरें नहीं चलती है।

वहां प्रूफ सबूत सब चलता है। तो एक तो धक्का किसी ने देते हुए देखा नहीं। अगर वहां पे चेतन की मौजूदगी भी है तो आसानी से कहा जा सकता है कि हां वो भी गया। तीसरी बात यह भी हो सकता है कि सिया बताए कि हमारा दोस्त था और खुद केतन को पता था कि वो भी वहां पर मिला है आ गया।

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