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सिया चेतन ने किसे बताया केतन की मौत का पूरा प्लान ?

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पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। डेनिंग भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बीच से इस शख्स को पकड़ा है। वो बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। सूत्रों के मुताबिक यह शख्स आरोपी सिया या चेतन में से किसी एक का दोस्त है। दोनों ने केतन के मर्डर की प्लानिंग इस तीसरे शख्स के साथ भी शेयर की थी।

दावा है कि पुलिस इस शख्स को केस का गवाह भी बना सकती है। बता दें कि घटना के कई दिन बाद भी अब तक पुलिस को कोई आई विटनेस या ठोस सबूत नहीं मिल पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि आरोपी सिया और चेतन ने घटना से पहले टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड्स देखे थे। उन्होंने यह समझने की कोशिश की थी कि हत्या के बाद जांच एजेंसियों को कैसे चकमा दिया जा सकता है। बता दें कि आज यानी 3 जुलाई को दोनों आरोपियों सिया और चेतन को बड़गांव मावल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आज जो उनके ग्राउंड्स थे पांच ग्राउंड्स उन्होंने दिए थे लेकिन वो सफिशिएंट नहीं है। ऐसी हमारी दलील थी। कोर्ट ने एक्सेप्ट करते हुए उनको जुडिशियल कस्टम है।

वहीं पुणे पुलिस ने 2 जुलाई को सिया के घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। पुलिस सिया को लेकर पुणे के लुल्ला नगर इलाके में गई। यहां की एक पहाड़ी पर सिया और चेतन से केतन अग्रवाल को गिराने का सीन भी रिकक्रिएट कराया गया। वहीं पुलिस ने सिया का लाइ डिटक्टर टेस्ट करवाने की भी बात की है। दरअसल लाइ डिटक्टर टेस्ट का इस्तेमाल अक्सर ऐसे मामलों में किया जाता है जहां शुरुआती या पुष्टि करने वाले सबूत कम होते हैं। हालांकि कोर्ट पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजों को ठोस सबूत नहीं मानता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल सिर्फ जांच में मदद के लिए किया जाता है ताकि इन्वेस्टिगेशन टीम को संभावित सुराग मिल सके।

कानून के अनुसार पॉलीग्राफ टेस्ट केवल कोर्ट की अनुमति और संबंधित व्यक्ति की सहमति से ही कराया जा सकता है। सिया के वकील के मुताबिक 3 जुलाई को कोर्ट में पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई है। बता दें कि केतन अग्रवाल की मौत के बाद से लगातार जांच जारी है। लेकिन अब तक घटना स्थल का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है। जिस जगह से केतन के खाई में गिरने की बात कही जा रही है, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। यही वजह है कि अब तक जांच का पूरा आधार डिजिटल और सरकमस्टेंशियल साक्ष्य बनते जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में कुछ चीजों पर काम कर रही है। पहली दोनों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

दूसरी घटना से पहले और बाद में दोनों आरोपी कहां-कहां गए इसका पता लगाया जा रहा है। तीसरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर कथित डिलीटेड मैसेजेस माने दोनों की डिजिटल एक्टिविटीज क्या थी इसकी पूरी जानकारी तलाशी जा रही है। और चौथी हत्या का असली मकसद क्या था? जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर तैयार करने की कोशिश कर रही हैं। और इस मामले में एक पहलू यह भी है कि सिया के परिवार ने दावा किया है कि वह ट्रैकिंग पर जाने के पक्ष में नहीं थी और उसने केतन के साथ जाने को लेकर हिचकिचाहट जताई थी। इसके बावजूद केतन उसे लेकर गया था। अब इन्हीं सब दावों और पुराने सबूतों ने पुरानी कहानी को सुलझाने की जगह और उलझा दिया है। यही वजह है कि पुलिस अब सिया का लाइ डिटेक्टेड टेस्ट कराकर नए सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है। साथ ही दावा है कि तीसरे आरोपी से भी पुलिस हर पहलू पर पूछताछ कर रही है। फिलहाल इस खबर में इतना ही। खबर लिखी है हमारी साथी रक्षा ने। देखते रहिए द लल्लन टॉक। शुक्रिया।

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