दोस्तों बॉलीवुड में एक बार फिर फायरिंग की घटना ने सितारों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 अक्टूबर को मुंबई के जूहू इलाके में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चली। टाइगर इस हमले में बाल-बाल बच गए। हालांकि उनके ड्राइवर एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर आई।
मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ लगातार जारी है और इसी बीच में कथित अंडरवर से कनेक्शन को लेकर के भी जांच हो रही है। लेकिन दोस्तों बॉलीवुड और अंडरवर का यह सवाल कोई नया नहीं है। इससे पहले भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी हत्याकांड से दहल गई थी जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। एक ऐसा शख्स जिसकी भजनों के बिना माता जी की चौकी अधूरी लगती है।
जिसकी आवाज आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में बसती है। आखिर कौन था वो शख्स जिसकी दिन दहाड़े हत्या कर दी गई और मंदिर के बाहर ऐसा क्या हुआ कि पूरा बॉलीवुड में हड़कंप मच गया था। जी हां, हम बात कर रहे हैं टी सीरीज के संस्थापक और कैसिड किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार की।
12 अगस्त 1947 को मुंबई के जूहू इलाके में गुलशन कुमार की जितेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। लेकिन शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि मंदिर से बाहर निकलते वक्त उन पर मौत का ऐसा हमला होगा जो भारतीय संगीत जगत को हमेशा के लिए एक गहरा जख्म दे जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के बाहर हमलावरों ने गुलशन कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। इस हत्याकांड में उन्हें 16 गोली मारी जाने की बात सामने आई थी और उनके ड्राइवर ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन वो भी घायल हो गए। गुलशन कुमार की जान नहीं बच सकी और उनकी हत्या की खबर फैलते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। यह एक ऐसा समय था कि इंडस्ट्री आज तक भूल नहीं पाई है।
लेकिन दोस्तों इस हत्याकांड के पीछे की कहानी सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान अंडरवर से कथित संबंधों और फिरौती की मांग जैसे पहलू भी सामने आए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गैंगस्टर अबू सलीम की ओर से गुलशन कुमार से हर महीने ₹5 लाख की मांग किए जाने का आरोप लगा था। बताया जाता है कि गुलशन कुमार ने यह रकम देने से इंकार कर दिया। हालांकि इस मामले में अलग-अलग पहलू और आरोपों को अदालत में सामने आए तथ्यों से अलग समझना जरूरी है। इस केस में अब्दुल रऊफ मर्चेंट को दोषी ठहराया गया। साल 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसकी उम्र कैद की सजा बरकरार रखी। अदालत ने अब्दुल राशिद मर्चेंट को भी हत्या और साजिश के मामले में उमर कैद की सजा सुनाई। वहीं संगीत कारोबारी रमेश तोरानी की बरी होने की स्थिति को अदालत ने बरकरार रखा। इस मामले में संगीतकार नदीम का नाम भी सामने आया।
लेकिन साल 2002 में सबूतों की कमी के कारण उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने का मामला खारिज कर दिया गया। अब जरा गुलशन कुमार के उस सफर पर नजर डालिए जिसने उन्हें देश का कैसिट किंग बना दिया था। दिल्ली के दरियागंज में उनके पिता की जूस की दुकान थी। गुलशन कुमार वहां काम करती थी और बाद में उनके पिता ने कैसेट और रिकॉर्डिंग का कारोबार शुरू किया और यहीं से गुलशन कुमार की जिंदगी ने नई दिशा पकड़ी। उन्होंने संगीत के कारोबार को आगे बढ़ाया और सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज की स्थापना की जो आगे चलकर टी सीरीज के नाम से मशहूर हुई। भक्ति गीतों और भजनों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और फिर फिल्म संगीत की दुनिया में उन्होंने एक बड़ा मुकाम हासिल किया। साल 2090 में फिल्म आशिकी की सफलता ने उनकी कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लेकिन कामयाबी के शिखर पर पहुंच चुके गुलशन कुमार की जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक रहा। उनकी मौत के दशकों बाद भी यह हत्याकांड बॉलीवुड के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है। आज उनके बेटे भूषण कुमार टी सीरीज के कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं और गुलशन कुमार के भजन आज भी लोगों की आस्था और यादों का हिस्सा है। दोस्तों टाइगर शॉप पर हुई हालिया फायरिंग और गुलशन कुमार का यह पुराना हत्याकांड। यह दोनों अलग-अलग मामले हो सकते हैं। पर इसमें एक बात जो हर एक इंसान के मन में सवाल उठता है क्योंकि बॉलीवुड और अंडरवर्ड का कनेक्शन कोई नया नहीं है।
ऐसे कई किस्से हैं और कितनी बार एक्टर्स को निशाना बनाया गया, सिंगर्स को निशाना बनाया गया और टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद अब कई राज खुलने बाकी हैं। पर वहीं पर गुलशन कुमार के साथ जो हुआ उसमें भी अंडरवर का कनेक्शन सामने आया। अब देखना होगा कि टाइगर श्रॉफ के मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं। पर बॉलीवुड के कलाकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से फैंस से लेकर पूरी इंडस्ट्री सोच में पड़ गई है। क्योंकि लगातार कभी सलमान खान कभी रणबीर कपूर को लेकर के और अभी अक्षय कुमार पर भी ऐसी चर्चा हो रही है कि कई कलाकार टारगेट पर है। तो आगे क्या होने वाला है और क्या खुलासे होंगे इस पर सभी की नजरें बनी है।