पर्दे के पीछे की कड़वी सच्चाई: जब लंदन एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगे सनी देओल को छुड़ाने पड़े थे एक करोड़!धर्मेंद्र ने अपनी पूरी जिंदगी खून-पसीना बहाकर इंडस्ट्री में जो इज्जत, शोहरत और मुकाम बनाया, उसे उनके बेटे सनी देओल के गुस्से और विवादों ने कई बार दांव पर लगाया है। सलमान खान और संजय दत्त के विवाद तो अक्सर मीडिया की सुर्खियां बन जाते हैं, लेकिन सनी पाजी के नाम से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो सालों बाद परदे के पीछे से बाहर आ रहे हैं।ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब सनी पाजी अपनी ही बनाई एक फिल्म के सिलसिले में लंदन पहुंचे और उन्हें एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे वाकये के पीछे एक दिलचस्प, चौंकाने वाली और फिल्मी कहानी छिपी है
, जिसके तार एक मशहूर महिला डायरेक्टर और एक करोड़ रुपये की फिरौतीनुमा रकम से जुड़े हैं।वह प्रोजेक्ट जो विवादों की भेंट चढ़ गयाबात उस दौर की है जब सनी देओल अपने छोटे भाई बॉबी देओल और करिश्मा कपूर को लेकर एक बड़े बजट की फिल्म की तैयारी कर रहे थे। इस फिल्म की शूटिंग के लिए यूनिट लंदन में डेरा डाले हुए थी। फिल्म की कमान सौंपी गई थी जानी-मानी ब्रिटिश-भारतीय डायरेक्टर गुरिंदर चड्डा को, जिन्होंने आगे चलकर ‘ब्राइड एंड प्रिजुडिस’ (Bride and Prejudice) जैसी चर्चित फिल्में बनाईं।लेकिन सेट पर पहुंचते ही क्रिएटिव क्लैश (रचनात्मक मतभेद) शुरू हो गए:
* डायरेक्टर की सोच: गुरिंदर चड्डा इस फिल्म को एक रियलिस्टिक और जमीनी स्तर की कहानी रखना चाहती थीं। * स्टार की जिद: सनी देओल इसे पूरी तरह से एक कमर्शियल एक्शन-ड्रामा बनाना चाहते थे।रोज़-रोज़ के झगड़ों और खींचतान से परेशान होकर गुरिंदर चड्डा ने आधी फिल्म शूट करने के बाद ही प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद सनी देओल ने खुद फिल्म का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया—वे खुद डायरेक्टर बन बैठे और प्रोडक्शन भी अपने अंडर ले लिया।फीस का विवाद और गुरिंदर चड्डा का कड़ा रुखयहीं से असली विवाद की शुरुआत हुई। जब गुरिंदर चड्डा ने फिल्म छोड़ी, तो उन्होंने जितने दिन काम किया था, उसका मेहनताना (रेमुनरेशन) मांगा। लेकिन सनी देओल ने उन्हें पैसा देने से साफ इनकार कर दिया। सनी का तर्क था कि चूंकि फिल्म बीच में बंद हुई और उनका खुद का इतना पैसा डूब गया, इसलिए वे बकाया फीस नहीं देंगे।आमतौर पर इंडस्ट्री में धर्मेंद्र के रसूख और सनी देओल के स्टारडम के आगे कोई प्रोड्यूसर या डायरेक्टर खुलकर पंगा नहीं लेता था। लोग नुकसान उठाकर चुप बैठ जाते थे। लेकिन गुरिंदर चड्डा न तो बॉलीवुड के प्रेशर में काम करती थीं
और न ही भारत में रहने वाली थीं। उन्होंने इस अपमान का बदला कानूनी तरीके से लेने की ठानी। लंदन पहुंचने से पहले ही उन्होंने सनी देओल के खिलाफ लंदन पुलिस में धोखाधड़ी और बकाया भुगतान न करने की आधिकारिक शिकायत दर्ज करवा रखी थी।लंदन एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी का ड्रामाजैसे ही सनी देओल अपनी फिल्म की री-शूटिंग और बाकी कामों के सिलसिले में लंदन एयरपोर्ट पर उतरे, वहां की स्थानीय पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। सनी देओल को समझ ही नहीं आया कि अचानक यह क्या हो गया।जब यह खबर भारत के फिल्म गलियारों में फैली, तो देओल परिवार में हड़कंप मच गया कि उनके लाडले स्टार को लंदन पुलिस ने अंदर कर दिया है। सनी को जेल या बड़ी कानूनी मुसीबत से बाहर निकालने के लिए तुरंत जोड़-तोड़ शुरू हुई।जब महमूद अली ने बचाई ‘ढाई किलो के हाथ’ की इज्जतउस मुश्किल वक्त में देओल परिवार के एक बेहद करीबी और जाने-माने फिल्म निर्माता महमूद अली मसीहा बनकर सामने आए। संयोग से वे उन दिनों अपनी किसी फिल्म के सिलसिले में लंदन में ही मौजूद थे।
धर्मेंद्र ने फोन पर महमूद अली से गुहार लगाई कि वे किसी भी तरह सनी को इस मुसीबत से बाहर निकालें। महमूद अली ने धर्मेंद्र के साथ अपने पुराने और गहरे रिश्तों का मान रखते हुए पूरी स्थिति को संभाला। * एक करोड़ की मांग: लंदन पुलिस सनी देओल को तुरंत छोड़ने के तैयार नहीं थी। वे जमानत या सेटलमेंट के रूप में 1 लाख पाउंड (जो भारतीय करंसी के हिसाब से करीब 1 करोड़ रुपये बैठता है) की मांग कर रहे थे। * पैसे का जुगाड़: लंदन की विदेशी जमीन पर अचानक कैश या बांड के रूप में 1 करोड़ रुपये का इंतजाम करना किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं था।महमूद अली ने इस संकट से निपटने के लिए लंदन के एक बड़े और रसूखदार व्यवसायी सुरजीत सिंह पंडर (जो ‘लंदन कारपेट’ के मालिक हैं) से संपर्क किया। महमूद अली ने अपनी पर्सनल गारंटी पर सुरजीत सिंह से वह रकम अरेंज की, लंदन पुलिस को भुगतान किया और आखिरकार सनी देओल को पुलिस हिरासत से आजाद कराया।एहसान फरामोशी का दाग: महमूद अली और सुनील दर्शन का दर्दजानकारों के मुताबिक, इस घटना के बाद सनी देओल काफी इमोशनल हो गए थे।
उन्होंने महमूद अली के सामने हाथ जोड़कर आभार जताया और कहा कि “आपने मेरे लिए जो एक करोड़ भरा है, उसे मेरी अगली फिल्म का साइनिंग अमाउंट मानिए। आप बस मेरे लिए कहानी लिखिए, मैं आपकी फिल्म में जरूर काम करूंगा।”महमूद अली को लगा कि उनकी तो लॉटरी निकल गई—सनी देओल खुद सामने से उनकी फिल्म करने को तैयार हैं। उन्होंने तुरंत इंडस्ट्री के अच्छे राइटर्स को काम पर लगा दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह सनी देओल के करियर का एक काला सच बन गया: * टालमटोल का खेल: महमूद अली ने एक के बाद एक कई कहानियां सनी देओल को सुनाईं। कभी पहली मीटिंग में रिजेक्ट, कभी दूसरी मीटिंग में नापसंद। सालभर बीत गया, 5 से 7 कहानियां बदल दी गईं, लेकिन सनी पाजी ने हर बार किसी न किसी बहाने फिल्म करने से इनकार कर दिया। महमूद अली को समझ आ गया कि उनका वो 1 करोड़ रुपया डूब चुका है और सनी देओल सिर्फ वक्त काट रहे हैं। * डायरेक्टर सुनील दर्शन का किस्सा: कुछ ऐसा ही हाल डायरेक्टर सुनील दर्शन के साथ भी हुआ था। फिल्म ‘अजय’ और पैसों के लेन-देन के चक्कर में सनी देओल ने उन्हें भी यही भरोसा दिया था कि “पैसे नहीं दे रहा, लेकिन तुम्हारी अगली फिल्म मैं ही करूंगा।” सुनील दर्शन ने सालों तक कहानियां लिखीं, सनी देओल ने हर बार रिजेक्ट कीं। न पैसा मिला, न फिल्म बनी।अरबाज खान का वह वायरल तंजयह पूरा वाकया हाल ही में महमूद अली ने एक पॉडकास्ट के दौरान खुलकर शेयर किया। उन्होंने बताया कि जब यह किस्सा एक बार सलमान खान के घर पर चल रहा था और सब सनी देओल के इस रवैये पर बात कर रहे थे, तब अरबाज खान ने सनी देओल पर एक बहुत ही सटीक और गहरा तंज कसा था:> “धर्म जी मेहनत करके जिंदगीभर पैसा कमाकर पहाड़ खड़ा करते हैं, और सनी देओल अपने हथौड़े से उस पहाड़ को तोड़-तोड़कर कंकर करने में लगे हैं।”> आज भले ही सलमान खान या संजय दत्त के छोटे-छोटे मामले मीडिया में मसाला बनकर उड़ जाते हों, लेकिन परदे के पीछे सनी देओल की दुनिया भी विवादों, टूटे वादों और इन अनसुने कांडों से भरी पड़ी है।