यह न सोचा था कि तक़दीर यहाँ ले आएगी, और जैसे ही मंज़िल पर पहुँचे, ज़िंदगी ख़त्म हो जाएगी। संजय गुप्ता ने ‘कांटे’ फ़िल्म में यह गाना बनाया था, और यह गाना बहुत बड़ा हिट साबित हुआ था। लेकिन कौन जानता था कि यह गाना संजय गुप्ता की अपनी ज़िंदगी के लिए सच साबित हो जाएगा।
उन्होंने अपने भविष्य के लिए बहुत कुछ योजना बनाई थी। करने के लिए ढेरों काम थे। ऐसा लग रहा था कि आखिरकार वह अपने लक्ष्य तक पहुँच चुके हैं। लेकिन इससे पहले कि ऐसा होता, किस्मत ने अपना खेल खेला और उन्होंने अपनी जान गँवा दी।असल में, संजय गुप्ता कई प्रोजेक्ट्स की योजना बना रहे थे। वह ‘कांटे’ का सीक्वल यानी ‘कांटे 2’ बनाने जा रहे थे और उन्होंने इस बारे में संजय दत्त से चर्चा भी की थी।
खुद संजय दत्त ने इस बात का जिक्र किया है। अपने सबसे करीबी दोस्त को खोने पर संजय दत्त ने एक भावुक संदेश पोस्ट करते हुए कहा कि आज मैंने अपना भाई खो दिया। हमारी कितनी लंबी चर्चाएँ हुई थीं। हम ‘कांटे 2’ को लेकर और फ़िल्म को कैसे बनाया जाए, क्या किया जाए, इस पर बात कर रहे थे, हमने सब कुछ प्लान कर लिया था। लेकिन इससे पहले कि यह सच होता, मेरा भाई मुझे छोड़कर चला गया
पर अब मैं अपने भाई से वादा करता हूँ कि उनका जो प्रोजेक्ट बनाने का सपना था, ‘कांटे 2’, उनके जाने के बाद मैं उसे पूरा करूँगा। आपके इस सपने को सच करने के लिए मैं किसी भी हद तक जाऊँगा। आपके बिना मेरी ज़िंदगी कभी वैसी नहीं रहेगी जैसी पहले हुआ करती थी। इस तरह संजय दत्त गहरे शोक में डूब गए थे।
हालाँकि, संजय दत्त संजय गुप्ता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। शायद वह यात्रा कर रहे होंगे। हो सकता है कि वह भारत में नहीं थे, जिस वजह से वह आ नहीं पाए। वरना संजय दत्त ऐसी चीज़ों से कभी दूर नहीं रहते। लेकिन हाँ, कई लोग संजय गुप्ता को अपना भाई मानते थे। यहाँ तक कि अगर बात करें रोहित Roy (रोहित रॉय) की, तो वह भी फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए। वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए।