आप लोग जो मुझे अभी देख रहे हैं, आप में से बहुत सारे [संगीत] लोग ऐसे होंगे जिन्होंने लाइफ में कुछ ना कुछ एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी अचीव किया है अलग-अलग फील्ड्स में। आपको आ के फायदा हुआ लाउडली यस नो। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] एक दौर था जब YouTube पर मोटिवेशन का मतलब [संगीत] था संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा जैसे बड़े नाम। लाखों युवा घंटों इनके वीडियो [संगीत] देखा करते थे। नोट्स बनाते थे और इनकी बातों को अपनी जिंदगी में अप्लाई [संगीत] करने की कोशिश करते थे। अगर आप एक मिलेनियल हैं तो शायद आपने भी यह किया होगा। लेकिन बदलते दौर के साथ अब यह तस्वीर भी कुछ बदलती हुई नजर आ रही है। संदीप माहेश्वरी के चैनल पर एक लंबे गैप के बाद [संगीत] सवाल उठने लगे हैं कि आखिर वो इतने कम एक्टिव क्यों है? वहीं विवेक बिंद्रा जैसे मोटिवेशनल स्पीकर्स के [संगीत] लिए भी सोशल मीडिया पर परसेप्शन पहले जैसा यूनिवर्सली पॉजिटिव नहीं दिखता। और इन्हीं चीजों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा [संगीत] तेज हो गई है
कि क्या अब इन मोटिवेशनल स्पीकर्स का दौर खत्म हो गया है। इसके बारे में आज बात करेंगे डिटेल में। सबसे पहला सवाल जो सोशल मीडिया [संगीत] पर छाया हुआ है। संदीप माहेश्वरी कहां है? संदीप माहेश्वरी का नाम भारत के सबसे बड़े मोटिवेशनल कंटेंट क्रिएटर्स में रहा। उनका YouTube कंटेंट आज भी करोड़ों सब्सक्राइबर्स वाला प्लेटफार्म है। उनके पुराने वीडियोस लगातार देखे जाते हैं। लेकिन 2026 में उनकी कंटेंट फ्रीक्वेंसी [संगीत] पहले की तुलना में काफी कम दिखाई दे रही है। उनका लेटेस्ट लिस्टेड वीडियो 30 अप्रैल 2026 का है। नौकरी वर्सेस बिजनेस। इसके बाद लंबे समय से कोई रेगुलर अपडेट नहीं दिखाई देता। सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि जिस क्रिएटर से [संगीत] ऑडियंस लगातार नई बातें सुनने की उम्मीद करती है उनकी तरफ से अचानक इतना बड़ा गैप आखिर क्यों आ गया? तो फिर एक बार ज़हन में यह भी आता है कि क्या हेल्थ यह वजह हो सकती है? सोशल मीडिया पर ऐसे कयाज भी लगाए जा रहे हैं कि कहीं संदीप [संगीत] माहेश्वरी की हेल्थ तो ठीक है। क्या वह किसी पर्सनल या मेंटल हेल्थ फेस [संगीत] से गुजर रहे हैं? देखिए यहां एक बात समझना जरूरी है। संदीप माहेश्वरी ने 2023 में खुद [संगीत] बताया था कि वह 2020 के आखिर से डिप्रेशन से जूझ रहे थे और ट्रीटमेंट ले रहे थे। लेकिन साल 2023 की उनकी यह डिस्क्लोज़र को 2026 की स्थिति का प्रूफ नहीं माना जा सकता। [संगीत] फिलहाल ऐसी कोई वेरीिफाइड पब्लिक इंफॉर्मेशन भी नहीं है जो उनकी हेल्थ से रिलेटेड कोई प्रॉब्लम बताती हो। इसीलिए यह एक पॉसिबिलिटी [संगीत] यानी सिर्फ संभावना हो सकती है। एक और संभावना यह भी है कि क्या [संगीत] संदीप माहेश्वरी ने जानबूझकर कंटेंट क्रिएशन की
फ्रीक्वेंसी कम की है। हर क्रिएटर का लगातार वीडियो डालना तो जरूरी नहीं। हो [संगीत] सकता है कि वो अपनी पर्सनल लाइफ, बिजनेस या दूसरे प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहे हो। यह भी हो सकता है कि वह अपने कंटेंट का फॉर्मेट बदलना चाहते हो। सवाल यह भी है कि क्या [संगीत] यह जजी से जुड़ा मुद्दा है? क्योंकि कहानी सिर्फ संदीप माहेश्वरी तक सीमित नहीं है। विवेक बिंद्रा जैसे बड़े मोटिवेशनल और बिजनेस कंटेंट क्रिएटर्स को लेकर भी सोशल मीडिया पर अब डिबेट्स और क्रिटिसिज्म देखने को मिलता [संगीत] है। सवाल यह है कि क्या ऑडियंस मोटिवेशनल स्पीकर से दूर हो रही है? [संगीत] या ऑडियंस अब मोटिवेशन को उसी पुराने तरीके से कंज्यूम नहीं करना चाहती। इसे समझने के लिए यहां एक पॉज [संगीत] लेते हैं। साल 2023 की बात करते हैं जब संदीप माहेश्वरी के बिग स्कैम एक्सपोज [संगीत] नाम के एक सेशन के बाद संदीप और विवेक बिंद्रा के बीच पब्लिकली [संगीत] कंट्रोवर्सी शुरू हो गई थी। संदीप माहेश्वरी के सेशन में कुछ लोगों ने बिजनेस कोर्सेज को लेकर शिकायतें बताई। इसके बाद विवेक बिंद्रा ने भी जवाब दिया। उनके खिलाफ कई लीगल प्रोसीडिंग्स को लेकर भी कोर्ट्स [संगीत] के डेवलपमेंट्स सामने आए। दोनों के बीच यह मामला काफी बड़ा ऑनलाइन कंफ्रंटेशन बन गया। इस विवाद ने मोटिवेशनल बिजनेस कोचिंग इंडस्ट्री [संगीत] को लेकर नए सवाल खड़े किए कि क्या एक्सपेंसिव कोर्सेज वाकई में उतनी वैल्यू देते हैं? क्या सक्सेस [संगीत] के बड़े क्लेम्स रियलिस्टिक हैं? क्या ऐसे क्रिएटर्स को अपने क्लेम्स के लिए ज्यादा अकाउंटेबिलिटी [संगीत] रखनी चाहिए? देखिए, एक चीज जरूर बदली है। ऑडियंस की एक्सपेक्टेशन। पहले का युवा 30 से 40 [संगीत] मिनट की मोटिवेशनल स्पीच सुनकर एनर्जेटिक महसूस करते थे। आज वही युवा पूछता है कि [संगीत] मुझे प्रैक्टिकली क्या करना होगा? तो समझिए कि जे को मोटिवेशन से ज्यादा क्या चाहिए? समझिए एक सवाल है कि मैं सक्सेसफुल कैसे बनूं?
तो शायद जे पूछेंगे कि मेरे लिए सक्सेस का क्या मतलब है? [संगीत] अगर आप कहेंगे कि मेहनत करूं तो जेंसी आपसे पूछ सकते हैं कि मैं स्मार्टली कैसे काम करूं? आप कहें कि बिजनेस की शुरुआत करो तो जेंजी का सवाल हो सकता है कि बिजनेस शुरू करने के लिए पहला प्रैक्टिकल स्टेप [संगीत] क्या है? आप कहें कि पॉजिटिव रहो तो शायद पूछा जा सकता है कि स्ट्रेस एंजायटी [संगीत] प्रैक्टिकली कैसे मैनेज करें? अगर आप कहेंगे कि देखो फेलियर से मत डरो। लेकिन जेसी आपसे पूछेंगे कि फेलियर के बाद कम बैक यानी वापसी कैसे करूं? अगर आप कहेंगे कि बिलीव इन योरसेल्फ तो जेंसी आपसे पूछेंगे कि कॉन्फिडेंस बिल्ड अप करने [संगीत] के लिए एक्चुअल टेक्निक क्या है? मोटिवेशन से एक्शन तक शायद यही सबसे [संगीत] बड़ा बदलाव है। आज का जेंजी कोई यह कहे कि तुम कर सकते हो। उनके लिए इतना काफी नहीं है। वो पूछते हैं कि कैसे करना है? पहले मोटिवेशनल कंटेंट का हीरो हुआ करता था। उसका स्पीकर। आज कंटेंट का हीरो कई बार प्रॉब्लम [संगीत] होती है और कई बार उस प्रॉब्लम से जुड़ा स्यूशन भी जिसे प्रैक्टिकल [संगीत] एप्रोच में समझाया जा सके। इसके अलावा देखिए आज हर प्रॉब्लम जो कि करियर से जुड़ी हो, मनी, रिलेशनशिप, मेंटल हेल्थ, प्रोडक्टिविटी, [संगीत] एआई या एंटरप्रेन्योरशिप हर प्रॉब्लम के लिए अलग क्रिएटर [संगीत] है। एक अलग शख्स जो आपको नीश यानी उस पर्टिकुलर प्रॉब्लम, उस पर्टिकुलर एरिया की डीप इंफॉर्मेशन दे सकता [संगीत] है। इसीलिए ऑडियंस एक ही मोटिवेशनल स्पीकर पर डिपेंडेंट नहीं है। इसके अलावा जानकारों का यह भी मानना है कि आज मोटिवेशन सिर्फ एक YouTube की लंबी स्पीच नहीं है। Instagram रील्स, YouTube शॉट्स, पडकास्ट्स, [संगीत] न्यूज़ लेटर्स, करियर क्रिएटर्स, साइकोलॉजिस्ट, एंटरप्रेन्योर और फाइनेंसियल एजुकेटर्स हर जगह एडवाइस अवेलेबल [संगीत] है। आज का युवा स्पीकर को सुनकर नहीं रुकता। वो पांच क्रिएटर सुनते [संगीत] हैं, कंपेयर करते हैं और फिर अपनी जरूरत की बात सुनते हैं। यही वजह [संगीत] है कि पुराने स्टाइल वाले मोटिवेशनल कंटेंट के सामने बड़ी चुनौती उसका कंपटीशन [संगीत] नहीं बल्कि अटेंशन स्पैन और कंटेंट डायवर्सिटी है। समझिए कि पहले के कंटेंट और अब के कंटेंट में क्या फर्क है? पहले का कंटेंट अगर आपको याद हो तो मोटिवेशनल स्पीच होता था। स्पीकर उसमें अपनी कहानी बताता था। आपको इमोशनल पुश देता था [संगीत] और आपको एहसास दिलाया जाता था कि मैं भी यह कर सकता हूं। लेकिन अब के [संगीत] कंटेंट में कैसा चेंज देखने को मिलता है? अब सवाल प्रॉब्लम स्पेसिफिक होते [संगीत] हैं। पर्टिकुलर प्रॉब्लम के लिए युवा सर्च करते हैं। मल्टीपल क्रिएटर्स को ढूंढते हैं, इंफॉर्मेशन लेते हैं और फिर एक्शननेबल सशंस ढूंढते हैं। यानी प्रैक्टिकल फिक्स प्रैक्टिकल प्रॉब्लम का प्रैक्टिकल [संगीत] स्यूशन ढूंढते हैं। जिससे उन्हें रिजल्ट्स मिल सके।
और एक बात ऑडियंस [संगीत] अब स्पीकर्स को क्वेश्चन भी करती हैं और यह क्वेश्चंस केवल इस तक सीमित नहीं है कि मैं यह कैसे करूं बल्कि काउंटर क्वेश्चंस भी इसमें शामिल हैं। तो पहले स्पीकर की बात को काफी हद तक अथॉरिटी की तरह देखा जाता था। उन्होंने जो कहानी बताई जो लॉजिक समझाया आपको मानना होता था कि वो सही है। लेकिन जेजी ज्यादा सवाल पूछती है [संगीत] कि सोर्स क्या है? इसका रिजल्ट क्या होगा? क्या सच में यह काम करता है? क्या यह सिर्फ एक मार्केटिंग गिमिक है? क्या स्पीकर खुद वही कर रहा है जो हमें बता रहा है? और यही बदला मोटिवेशनल इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा चैलेंज है। आसान भाषा में समझें तो अब जेंजी मांगती है ऑथेंटिसिटी जिस पर विश्वास किया जा सके। आपसे एविडेंस यानी सबूत मांगा जाता है। आपसे [संगीत] आपके एक्सपीरियंसेस के बेसिस पर बात की जाती है। और जेजी चाहते हैं कि आप [संगीत] ट्रांसपेरेंसी रखें और एक्शननेबल एडवाइस दें जो कि प्रैक्टिकल हो। यानी सिर्फ मोटिवेशन और बड़े-बड़े क्लेम्स यानी दावे काफी नहीं है। तो क्या यह कहा जा सकता है कि संदीप माहेश्वरी जैसे मोटिवेशनल स्पीकर्स का दौर खत्म हो रहा है? देखिए यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी क्योंकि उनके रीसेंट वीडियोस पर लाखों व्यूज आज भी वह हासिल कर रहे हैं। तो इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों ने उन्हें देखना बंद कर दिया है। [संगीत] लेकिन सवाल यह है कि ऑडियंस अब उनसे क्या चाहती है? शायद वही पुरानी बातें नहीं। नई पीढ़ी चाहती है कि वह आज की प्रॉब्लम्स [संगीत] के नए जवाब दें जो शायद ज्यादा प्रैक्टिकल हो। और यही बात विवेक बिंद्रा [संगीत] जैसे क्रिएटर्स पर भी लागू होती है। किसी क्रिएटर के खिलाफ ऑनलाइन क्रिटिसिज्म का बढ़ना और उसकी पूरी ऑडियंस खत्म हो जाना दो अलग बातें हैं। तो संदीप माहेश्वरी जैसे मोटिवेशनल स्पीकर्स ने अपना कंटेंट क्यों कम कर दिया है? इस सवाल का जवाब तो शायद [संगीत] वही ठीक से दे पाएंगे। हालांकि उनके एक लंबे पॉज ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि [संगीत] आज की जजी को मोटिवेशनल स्पीकर चाहिए या कोई ऐसा क्रिएटर चाहिए जो उनकी प्रॉब्लम सॉल्व कर सके। आप हमें बताइएगा [संगीत] आप किससे ज्यादा कनेक्ट करते हैं? मोटिवेशनल स्पीचेस से या फिर प्रैक्टिकल लाइफ एडवाइस से। देश और दुनिया की बाकी अहम खबरों के लिए डाउनलोड करें [संगीत] लाइव हिंदुस्तान ऐप। [संगीत]