पहली नजर में यह सड़क हादसा लग सकता है। लेकिन जब पुलिस ने इस हादसे की परतें खोलनी शुरू की तो कहानी कुछ और ही निकली। यह वीडियो है राजस्थान के अजमेर का। बीच सड़क कार में आग लगने से अंदर बैठे चार लोगों की मौत हो गई। बाद में पता चला कि आग लगी नहीं लगाई गई थी। लेकिन पुलिस ने इसका पता कैसे लगाया? तो हुआ यह कि अजमेर जिले के श्रीरामपुर गांव में 28 मई को सड़क पर खड़ी एक कार स्कर्पियो में आग लग गई। गांव वाले यह देखकर तुरंत आग बुझाने पहुंचे।
कार में पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी सुरान, मां, उसी देवी और भांजी महिमा सवार थे। तीन की तो मौके पर ही मौत हो गई। पर सुरान की सांसे अभी भी चल रही थी। कार का साइड डोर खुल जाने से वह अजली हालत में स्कर्पियो से बाहर खेत में गिर गई। लेकिन डॉक्टर ने बाद में उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पूर्व सरपंच राम सिंह की पहली पत्नी उनके साथ एक ही घर में रहती थी। घर पर जब यह खबर पहुंची तो मातम मच गया। वह चीख-चीख कर रोने लगी और बेसुध हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने स्पॉट पर जांच की। घर वालों ने बताया कि पूर्व सरपंच राम सिंह की मां पूसी देवी को सीने में अचानक दर्द हुआ। उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए राम सिंह 28 मई को अपनी कार से निकले थे। सुबह करीब 5:30 का समय था। वह श्री रामपुरा रोड पर पहुंचे। गाड़ी कंट्रोल से बाहर होकर जलने लगी जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर आई। पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही थी।
लेकिन कुछ मिसिंग था। अलग-अलग एंगल से जांच की तो सच सामने आया। पता चला कि यह एक्सीडेंट नहीं बल्कि प्लंड मर्डर था। आगे की कहानी जानने से पहले इनकी फैमिली ट्री समझ लीजिए। परिवार तीन हिस्सों में बटा हुआ था। चूल्हा एक जलता था लेकिन लोग अलग-अलग रहते थे। घर था एक लेकिन राम सिंह अपनी दूसरी पत्नी सुर्या देवी के साथ अलग रह रहे थे। पहली पत्नी सुनीता अपने नाबालिग बेटे और बेटी के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहती थी। मां पूसी देवी नातिन के साथ अलग कमरे में रहती थी। अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि मृतक राम सिंह और उसकी पहली पत्नी सुनीता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। वह आए दिन शराब पीकर उससे झगड़ता रहता। 2017 में उसने दूसरी शादी कर ली थी। दूसरी पत्नी से उसे दो बच्चे हैं। 27 मई की देर शाम पहली पत्नी सुनीता से बहस होती है। जिसके बाद सुनीता ने अपनी बेटी और एक नाबालिक बेटे के साथ मिलकर हथियार से चारों की हत्या कर दी। वारदात को हादसा दिखाने के लिए बेटे ने शव को कार में रखा और ट्रैक्टर से डीजल निकालकर कार में आग लगा दी। इसे ऐसे दिखाने की कोशिश की गई कि यह एक एक्सीडेंट था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बेटे ने हथियार ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगवाए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद सुनीता घर पर मौजूद महिलाओं के बीच बैठकर रोने लगी और बेसुध होने का नाटक करती रही ताकि किसी को उस पर जरा भी शक ना हो। पर पुलिस, एफएसएल और एमओबी की टीमों ने जब मौके से सबूत इकट्ठा किए और गांव वालों से बातचीत की तो कड़ियां जुड़ने लगी। सच सामने आने पर पुलिस ने सुनीता और उसके दोनों बच्चों को डिटेन कर लिया। इसमें जो गांव वाले हैं, आमजन है उनका काफी सहयोग प्राप्त हुआ। पुलिस भी मौके पर जल्दी तुरंत पहुंच गई थी। जो आम जन से जो छोटी छोटी करके जो सूचनाएं जो सामने आई उसको कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए प्लस टीम का सराहनीय कार्य था उन्होंने जैसे मौके से तुरंत ही अलग-अलग एविडेंस इकटठा।
इसी का नतीजा है कि चंद घंटों के अंदर ही मामले का खुलासा कर पाए। पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में मारा गया राम सिंह चौधरी हिस्ट्री शीटर था। उसके खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। राम सिंह खुद भी 6 महीने के लिए बुराड़ा का सरपंच रहा था। लेकिन एक सेक्रेटरी से मारपीट के मामले में उसे जेल जाना पड़ा और वह निलंबित हो गया। जेल में बंद रहने के दौरान ही राम सिंह की मुलाकात सुरान देवी से हुई थी। सुरान उसकी दूसरी पत्नी है। सुरान देवी उस समय राम सिंह के साथ-साथ जेल में बंद अपने भाइयों का भी मुकदमा लड़ रही थी। बाहर आने के बाद उन्होंने शादी कर ली। आरोप है कि राम सिंह शुरुआत से ही अपनी पहली पत्नी सुनीता को शारीरिक यातनाएं देता अक्सर मुर्गा बनाकर बुरी तरह उसे पीटता था। उसके इस जुल्म से परिवार में गहरी नफरत पनप रही थी। उसके उसने आखिरकार अपने ही पिता और घर के बाकी तीन लोगों की हत्या कर दी। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है। जो भी अपडेट्स हैं हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। बाकी देश और दुनिया की तमाम खबरों से जुड़े रहने के लिए देखते रहिए द लाइन टॉप और अगर चैनल नहीं सब्सक्राइब किया है तो वह भी कर लीजिए। शुक्रिया।