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सलमान खान के साथ काम कर चुकीं ऐक्ट्रेस ग्लैमर की दुनिया छोड़ बनीं साध्वी? प्रेमानंद जी के सपने ने बदली जिंदगी!

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[संगीत] एक वक्त था जब मुंबई की चमक-धमक टीवी की दुनिया और बड़े सितारों के साथ काम करना एना जय सिंघानी का सपना था। लेकिन आज वही एक्ट्रेस वृंदावन में एक सादगी भरी जिंदगी जी रही है। ना अब कैमरों की चमक की चाह है और ना ही शोहरतों की दौड़। अब उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद है राधा रानी की भक्ति। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक सपने ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। उनकी कहानी इन दिनों खूब लाइमलाइट में है और लोग सोशल मीडिया पर उनके इस फैसले को लेकर कई सारे रिएक्शन दे रहे हैं।

दरअसल एना जय सिंघानी मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली हैं। उन्हें बचपन से ही डांस और एक्टिंग का शौक था। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह मुंबई पहुंची और साल 2011 में फ्रीलांस कोरियोग्राफी के तौर पर काम करना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने सलमान खान को भी कोरियोग्राफ किया और उनके साथ काम करने का उन्हें मौका मिला। इसके बाद एना ने बालाजी [संगीत] टेली फिल्म स्वप से एक्टिंग कोर्स किया और फिर सावधान इंडिया क्राइम पेट्रोल और फियर फाइल्स जैसे शो में नजर आई। Sony टीवी के सीरियल देखा एक ख्वाब में उन्होंने चिक्की का किरदार निभाया जिसके बाद उन्हें एक अलग पहचान बनी। उनका सपना एक्टिंग की दुनिया में आगे बढ़ना था लेकिन धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी स्पिरिचुअलिटी की तरफ आगे बढ़ने लगी। एना ने बताया कि मुंबई में रहते हुए उनके कुछ दोस्त उन्हें इस कोन टेंपल ले जाने लगे। वहां उन्होंने भागवत गीता की क्लास ली और धीरे-धीरे कृष्ण भक्ति से जुड़ गई।

उनके मुताबिक इस दौरान उन्हें महसूस हुआ कि भारी चमक-धमक के बावजूद मन की शांति सबसे ज्यादा जरूरी है। उनकी जिंदगी [संगीत] का एक खास मोड़ तब आता है जब उनके मुताबिक एक रात सपने में प्रेमानंद महाराज आते हैं और उन्हें राधे-राधे नाम जपने की वहां से प्रेरणा [संगीत] मिलती है। एना ने इस एक्सपीरियंस को अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट बताया। इसके बाद वह वृंदावन में रहने लगी और जनवरी 2026 में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह से राधा रानी को समर्पित कर दिया। अब एना का पहनावा और लाइफस्टाइल पहले से काफी ज्यादा अलग है। वह सादे कपड़े पहनती हैं। तुलसी की माला रखती हैं और अपना समय भक्ति में बिताती हैं।

वह प्याज लहसुन से दूर रहती हैं और भागवत गीता [संगीत] और जो आध्यात्मिक प्रवचन है उनसे जुड़ी रहती हैं। लेकिन इस बदलाव को लेकर सोशल मीडिया पर रिएशंस आने तो नॉर्मल सी बात है। कुछ लोग उनके फैसले की तारीफ कर रहे हैं। तो कुछ लोगों के मन में सवाल है कि क्या सोबीज [संगीत] की जिंदगी छोड़ना इतना आसान होता है? हालांकि किसी के निजी यानी कि पर्सनल और आध्यात्मिक फैसले पर बिना पूरी जानकारी के फैसला सुनाना ठीक नहीं होगा। एना ने अपने एक्सपीरियंस के आधार पर बताया कि उन्हें जब भक्ति और सादगी में ज्यादा सुकून मिलने लगा तो उन्होंने इसे ही अपना मार्ग बना लिया। फिलहाल एना जय सिंघानी की कहानी एक ऐसे बदलाव की मिसाल बनकर सामने आई जिसमें उन्होंने अपने पुराने सपनों से अलग एक अलग रास्ता चुना। उनके लिए अब यह पहचान का मतलब सिर्फ एक्टिंग और फेम नहीं बल्कि कृष्ण भक्ति और वृंदावन में बिताया जाने वाला जीवन है।

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